भागलपुर की बहू ने रचा इतिहास : लेफ्टिनेंट कमांडर प्रियंका गोसाई ने समुद्री मार्ग से पूरी की विश्व जल-परिक्रमा

मुंबई स्थित गेट-वे ऑफ इंडिया के पास अपनी टीम के साथ नेवी की लेफ्टिनेंट कमांडर प्रियंका गोसाई .
Bhagalpur Pride : भागलपुर की बहू और भारतीय नौसेना की लेफ्टिनेंट कमांडर प्रियंका गोसाईं ने 'समुद्र प्रदक्षिणा' अभियान में 26,000 समुद्री मील की विश्व परिक्रमा पूरी कर इतिहास रचा है. वे इस ऐतिहासिक अभियान में नौसेना की एकमात्र महिला अधिकारी हैं.
Bhagalpur Pride : भागलपुर के भीखनपुर की बहू और भारतीय नौसेना की लेफ्टिनेंट कमांडर प्रियंका गोसाई ने समुद्र की लहरों पर इतिहास रच दिया है. वह 'समुद्र प्रदक्षिणा' अभियान की नौ सदस्यीय टीम में भारतीय नौसेना की एकमात्र अधिकारी हैं. तीनों सेनाओं की महिला अधिकारियों के इस ऐतिहासिक अभियान ने विश्व के महासागरों में भारत की शक्ति, साहस और नारी सामर्थ्य का परिचय दिया है.
भागलपुर की बहू बनी देश का गौरव
आरबीएसएस रोड, भीखनपुर गुमटी नंबर-2 निवासी राजेंद्र प्रसाद सिंह और मित्रा कुमारी की पुत्रवधू प्रियंका गोसाई की इस उपलब्धि पर पूरे परिवार के साथ भागलपुर में भी खुशी का माहौल है. उनके पति ऋषभ राज भारतीय नौसेना में कार्यरत हैं. प्रियंका मूल रूप से उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के भटकोट गांव की रहने वाली हैं, लेकिन विवाह के बाद उनका रिश्ता भागलपुर से जुड़ गया. परिवार का कहना है कि उनकी उपलब्धि केवल परिवार ही नहीं, बल्कि बिहार और पूरे देश के लिए गर्व का विषय है.

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26 हजार समुद्री मील की ऐतिहासिक विश्व यात्रा
प्रियंका गोसाई 'समुद्र प्रदक्षिणा' अभियान की नौ सदस्यीय टीम में भारतीय नौसेना का प्रतिनिधित्व कर रही हैं. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 11 सितंबर 2025 को मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया से इस ऐतिहासिक अभियान को रवाना किया था. स्वदेश निर्मित 50 फीट लंबे भारतीय सेना नौकायन पोत IASV त्रिवेणी पर सवार टीम लगभग 26,000 समुद्री मील की विश्व परिक्रमा कर रही है. यह दुनिया का पहला ऐसा महिला जल-परिक्रमा अभियान है, जिसमें तीनों सेनाओं की महिला अधिकारी शामिल हैं.
दुनिया के सबसे चुनौतीपूर्ण समुद्री मार्ग किए पार

इस अभियान के दौरान टीम दो बार भूमध्य रेखा पार कर चुकी है. साथ ही केप ल्यूविन, केप हॉर्न और केप ऑफ गुड होप जैसे विश्व के प्रमुख अंतरीपों का सफलतापूर्वक चक्कर लगाया. दक्षिणी महासागर और ड्रेक पैसेज जैसे बेहद कठिन समुद्री क्षेत्रों को पार कर टीम ने अपने साहस और कौशल का परिचय दिया. यात्रा के दौरान ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, अर्जेंटीना और दक्षिण अफ्रीका के बंदरगाहों पर तिरंगा फहराकर भारतीय समुदाय से भी संवाद स्थापित किया गया.
घर वापसी का बेसब्री से इंतजार
करीब दस महीने तक समुद्र में ऐतिहासिक अभियान पूरा करने के बाद IASV त्रिवेणी का दल अब अंतिम चरण में है और जल्द ही मुंबई लौटने वाला है. भागलपुर के भीखनपुर और शाहकुंड स्थित नारायणपुर गांव में प्रियंका गोसाई की घर वापसी को लेकर उत्साह का माहौल है. उनकी यह उपलब्धि नारी शक्ति, साहस, धैर्य और राष्ट्रसेवा का प्रेरणादायी उदाहरण बन गई है. यह सफलता देश की बेटियों को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने की नई प्रेरणा भी दे रही है.
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लेखक के बारे में
By दीपक कुमार राव
दीपक कुमार राव प्रिंट माध्यम में 18 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 वर्षों से एक्टिव हैं. प्रभात खबर के भागलपुर कार्यालय में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, कला-संस्कृति व सामाजिक कार्य में रुचि रखते हैं.
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