सबौर कॉलेज की 39 डिसमिल जमीन विवाद में कार्रवाई, प्रभारी प्राचार्य हटीं, नए प्राचार्य ने संभाला मोर्चा

Bhagalpur News: भागलपुर के सबौर कॉलेज में जमीन विवाद अब बड़ा प्रशासनिक मामला बन गया है. विश्वविद्यालय प्रशासन ने लापरवाही मानते हुए प्रभारी प्राचार्य को पद से हटा दिया है. नए प्रभारी प्राचार्य ने कार्यभार संभालते ही जमीन के दस्तावेज खंगालने शुरू कर दिए हैं.
भागलपुर से आरफीन जुबैर की रिपोर्ट
Bhagalpur News: भागलपुर के सबौर कॉलेज में जमीन विवाद को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है. कॉलेज की प्रभारी प्राचार्य डॉ. नाज परवीन को पद से हटा दिया गया है. उनकी जगह मारवाड़ी कॉलेज के प्राचार्य प्रो. संजय कुमार झा को सबौर कॉलेज का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. बताया जा रहा है कि कॉलेज परिसर की जमीन पर हुए विवाद और विश्वविद्यालय प्रशासन को समय पर जानकारी नहीं देने को गंभीर लापरवाही मानते हुए यह कार्रवाई की गई है. नए प्रभारी प्राचार्य ने पदभार संभालते ही जमीन से जुड़े दस्तावेजों की समीक्षा शुरू कर दी है.
जमीन विवाद बना कार्रवाई की वजह
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार सबौर कॉलेज परिसर की जमीन पर कथित रूप से भू-माफिया ने दावा किया था. इतना ही नहीं, आरोप है कि विवाद के कारण कॉलेज में चल रहे रूसा (RUSA) के विकास कार्य भी प्रभावित हुए और उन्हें रुकवाया गया.
विश्वविद्यालय का मानना है कि इतने गंभीर घटनाक्रम के बावजूद तत्कालीन प्रभारी प्राचार्य ने इसकी जानकारी समय पर प्रशासन को नहीं दी. इसी लापरवाही को आधार बनाकर सिंडिकेट की बैठक में सर्वसम्मति से उन्हें पद से हटाने का निर्णय लिया गया.
इसके बाद प्रभारी कुलपति प्रो. विमलेंदु शेखर झा के निर्देश पर रजिस्ट्रार प्रो. रामाशीष पूर्वे ने नई अधिसूचना जारी की.
नए प्राचार्य ने संभालते ही शुरू की दस्तावेजों की जांच
मारवाड़ी कॉलेज के प्राचार्य प्रो. संजय कुमार झा ने सबौर कॉलेज का अतिरिक्त प्रभार ग्रहण करने के बाद सबसे पहले जमीन से जुड़े सभी दस्तावेजों की जानकारी ली.
उन्होंने शिक्षकों, कर्मचारियों, अधिवक्ताओं, विश्वविद्यालय के अभियंता और इस्टेट पदाधिकारी के साथ बैठक कर पूरे मामले की समीक्षा की. उनका कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने जो भरोसा जताया है, उस पर खरा उतरने का हर संभव प्रयास किया जाएगा.
कॉलेज परिसर की सुरक्षा भी होगी मजबूत
कार्यभार संभालने के बाद प्रो. झा ने स्टाफ काउंसिल की बैठक भी की. बैठक में कॉलेज परिसर की सुरक्षा बढ़ाने के लिए जल्द सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्णय लिया गया.
प्रशासन का मानना है कि इससे परिसर की निगरानी बेहतर होगी और भविष्य में किसी भी तरह की विवादित गतिविधियों पर नजर रखना आसान होगा.
39 डिसमिल जमीन को लेकर डीएम को लिखा पत्र
प्रो. संजय कुमार झा ने कॉलेज परिसर की 39 डिसमिल जमीन की पैमाइश रद्द कराने के लिए जिलाधिकारी को पत्र भी भेजा है.
उन्होंने पत्र में कहा है कि संबंधित जमीन का एक हिस्सा बिहार सरकार और दूसरा हिस्सा भारत सरकार के नाम दर्ज है. साथ ही यह भी उल्लेख किया गया है कि इस जमीन से जुड़े दो टाइटल सूट में कॉलेज पक्षकार नहीं था, जबकि संबंधित व्यक्ति ने एकपक्षीय डिक्री हासिल कर ली थी.
विश्वविद्यालय का दावा है कि राज्य और केंद्र सरकार इन मामलों को अदालत में चुनौती दे चुकी हैं और मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है.
Bhagalpur News: सीओ के आदेश पर भी उठाए सवाल
प्रभारी प्राचार्य ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि न्यायालय में मामला लंबित रहने के बावजूद सबौर अंचलाधिकारी ने कॉलेज प्रशासन को पूर्व सूचना दिए बिना विवादित जमीन की पैमाइश का आदेश जारी कर दिया.
उन्होंने जिलाधिकारी से पूरे मामले की जांच कराने और पैमाइश संबंधी आदेश को निरस्त करने की मांग की है. कॉलेज प्रशासन का कहना है कि यह जमीन करीब 40 वर्षों से कॉलेज परिसर का हिस्सा रही है.
अब विश्वविद्यालय प्रशासन और जिला प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सबकी नजर टिकी है. यह मामला सिर्फ जमीन विवाद तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि कॉलेज प्रशासनिक जवाबदेही और सरकारी संपत्ति की सुरक्षा से भी जुड़ गया है.
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