गोपालपुर CHC के निरीक्षण में मिलीं गंभीर खामियां, स्वास्थ्य प्रबंधक को फटकार, डॉक्टरों की अनुपस्थिति पर सख्ती

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गोपालपुर CHC के निरीक्षण में मिलीं गंभीर खामियां, स्वास्थ्य प्रबंधक को फटकार, डॉक्टरों की अनुपस्थिति पर सख्ती

गोपालपुर CHC के निरीक्षण में मिलीं गंभीर खामियां

Bhagalpur News: भागलपुर के गोपालपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के औचक निरीक्षण में उप निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं को कई गंभीर अनियमितताएं मिलीं. हेल्प डेस्क नहीं, डॉक्टर अनुपस्थित और रिकॉर्ड अधूरे मिलने पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए.

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गोपालपुर (भागलपुर )से विपिन ठाकुर की रिपोर्ट

Bhagalpur News: अगर आप सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए जाते हैं और वहां हेल्प डेस्क नहीं मिले, जरूरी विभाग बंद हों, डॉक्टर अनुपस्थित हों और रिकॉर्ड तक अधूरे मिलें, तो यह आपकी चिंता बढ़ाने वाली बात है. भागलपुर के गोपालपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शनिवार को कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला. उप निदेशक, स्वास्थ्य सेवाएं (भागलपुर) डॉ. अजय कुमार सिन्हा के औचक निरीक्षण में अस्पताल की व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए. निरीक्षण के बाद उन्होंने स्वास्थ्य प्रबंधक को कड़ी फटकार लगाई और 15 बिंदुओं पर तत्काल सुधार के निर्देश दिए.

औचक निरीक्षण में खुली अस्पताल की व्यवस्थाओं की पोल

भागलपुर के गोपालपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का शनिवार को उप निदेशक, स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. अजय कुमार सिन्हा ने औचक निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने कोल्ड चेन, ओपीडी, एक्सरे कक्ष, आपातकालीन वार्ड, लैब, प्रसव कक्ष, टीकाकरण केंद्र, पंजीयन कक्ष, स्थापना शाखा और लेखा शाखा सहित अस्पताल के लगभग सभी प्रमुख विभागों का निरीक्षण किया.

निरीक्षण के दौरान कई ऐसी कमियां सामने आईं, जिन्हें उन्होंने गंभीर लापरवाही माना.

रजिस्टरों पर नहीं थे हस्ताक्षर, रिकॉर्ड महीनों से अधूरे

निरीक्षण के दौरान आगत-निर्गत पंजी, एक्सरे पंजी सहित कई महत्वपूर्ण रजिस्टरों पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के हस्ताक्षर और मुहर नहीं मिले. कई रजिस्टरों का रखरखाव छह महीने से लंबित था.

डॉ. सिन्हा ने इसे गंभीर प्रशासनिक चूक बताते हुए कहा कि सरकारी अस्पताल में रिकॉर्ड का अद्यतन रहना अनिवार्य है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी.

बंद मिले लेखा और स्थापना कक्ष, कार्रवाई की चेतावनी

निरीक्षण के समय लेखा शाखा और स्थापना शाखा के कमरों में ताला लगा मिला. इस पर उप निदेशक ने आश्चर्य जताते हुए संबंधित कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी.

उन्होंने कहा कि कार्यालय समय में महत्वपूर्ण शाखाओं का बंद रहना मरीजों और प्रशासन दोनों के लिए गंभीर समस्या है.

Bhagalpur News: एक्सरे कक्ष में भी मिली कई खामियां

निरीक्षण के दौरान एक्सरे कक्ष के बाहर लगा इंडिकेटर बंद मिला, जिस पर अधिकारियों ने नाराजगी जताई. इसके अलावा एक्सरे विभाग में जनरेटर की व्यवस्था नहीं थी.

डॉ. सिन्हा ने यह भी कहा कि एक्सरे कक्ष में केवल पुरुष कर्मचारी होने से महिला मरीजों को असहजता हो सकती है. इसलिए वहां महिला कर्मचारी की भी तैनाती सुनिश्चित की जाए.

हेल्प डेस्क तक नहीं, डॉक्टर भी लंबे समय से अनुपस्थित

निरीक्षण में यह भी सामने आया कि अस्पताल में अभी तक हेल्प डेस्क सेवा शुरू नहीं हुई है, जबकि सिविल सर्जन कार्यालय से इसके संचालन की सूचना दी गई थी.

उप निदेशक ने चिकित्सकों और कर्मचारियों की उपस्थिति पंजी की भी जांच की. इसमें कई चिकित्सक लंबे समय से अनुपस्थित मिले. उन्होंने सभी अनुपस्थित चिकित्सकों की रिपोर्ट तत्काल भेजने का निर्देश दिया.

पटना: बीएसएससी अभ्यर्थियों ने लंबित परीक्षाओं की तिथि जारी करने की मांग को लेकर आयोग कार्यालय में प्रदर्शन किया. 10-15 दिन में तारीख नहीं आने पर महाआंदोलन की चेतावनी दी.

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आपातकालीन सेवाओं में भी सुधार के आदेश

आपातकालीन कक्ष में जरूरी दवाओं के रिकॉर्ड, दवा वितरण के वाउचर और आपातकालीन मरीजों के लिए अलग रजिस्टर रखने का निर्देश दिया गया.

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री के निर्देशानुसार तय 15 बिंदुओं पर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा. सभी कमियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर करना होगा.

Bhagalpur News: इस्माईलपुर पीएचसी को भी मिला 15 दिन का समय

डॉ. अजय कुमार सिन्हा ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र इस्माईलपुर का भी हाल में विस्तृत निरीक्षण किया गया था. वहां मिली कमियों को दूर करने के लिए 15 दिनों का समय दिया गया है.

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि विवादों में रहे चिकित्सक डॉ. आनंद कुमार का तबादला कर दिया गया है.

‘लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी’

निरीक्षण के बाद पत्रकारों से बातचीत में उप निदेशक ने कहा कि आम लोगों को सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है. अस्पतालों में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी. जो भी कर्मचारी अपने काम में कोताही बरतेंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी.

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