भागलपुर में तीन दिनों तक महासक्रिय रहेगा मानसून: रुक-रुक कर होगी झमाझम बारिश

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Bhagalpur Monsoon: भागलपुर और आसपास के इलाकों में अगले तीन दिनों तक मानसून पूरी तरह महासक्रिय रहेगा. इस दौरान रुक-रुक कर मध्यम से भारी बारिश की संभावना है. यह मौसम किसानों के लिए खेती-किसानी, खासकर धान की रोपनी के लिए वरदान साबित होगा.
भागलपुर से ललित किशोर मिश्र की रिपोर्ट
Bhagalpur Monsoon: भागलपुर और इसके आस-पास के इलाकों में मौसम का बदला हुआ मिजाज आने वाले दिनों में भी बरकरार रहने वाला है. पिछले दो दिनों से हो रही लगातार झमाझम बारिश के बाद, स्थानीय मौसम वैज्ञानिकों ने नया अनुमान जारी किया है. उनके मुताबिक मानसून अगले तीन दिनों तक इस पूरे क्षेत्र में पूरी तरह सक्रिय रहेगा.
आसमान में बना रहेगा बादलों का डेरा
वैज्ञानिकों के अनुसार आने वाले दिनों में आसमान में काले बादलों का डेरा लगातार बना रहेगा. इसके साथ ही तेज हवाओं के चलने और जिले के विभिन्न हिस्सों में रुक-रुक कर मध्यम से भारी बारिश होने की प्रबल संभावना जताई गई है. मौसम के इस आगामी बदलाव से वातावरण के तापमान में और गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे स्थानीय लोगों को उमस भरी गर्मी से पूरी तरह निजात मिली रहेगी.
खेती-किसानी के लिए मददगार साबित होगा मौसम
मौसम का यह नया दौर ग्रामीण इलाकों में खेती-किसानी के लिए सबसे बड़ा मददगार साबित होने जा रहा है. गत 11 जून को बिहार में प्रवेश करने के बाद कुछ दिनों के लिए सुस्त पड़ा मानसून अब पूरी तरह अपनी पुरानी लय में लौट चुका है. इससे आने वाले दिनों में जिले की ठप पड़ी कृषि व्यवस्था को भारी बूस्ट मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.
बिचड़ा डालने का मिला बेहतरीन मौका
मौसम के इस सकारात्मक रुख को देखते हुए कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को खेतों में खास तौर पर सक्रिय रहने की सलाह दी है. पिछले दिनों एल नीनो के प्रभाव और सूखे के डर से जिले के जो आधे से अधिक किसान अपने खेतों में धान का बिचड़ा नहीं डाल पाए थे, उनके लिए अगला हफ्ता किसी वरदान से कम नहीं है.
धान की बुआई में आएगी तेजी
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में होने वाली इस बारिश के पानी का सीधा लाभ उठाकर किसान अपने बचे हुए खेतों में तेजी से धान के बीज डाल सकते हैं. जलजमाव वाले खेतों में नमी का स्तर बेहतर होने से बीजों के अंकुरण और पौधों के विकास में काफी मदद मिलेगी.
Bhagalpur Monsoon: रोपनी के काम को मिलेगी रफ्तार
इसके साथ ही जिन प्रगतिशील किसानों की पौध पहले से तैयार हो चुकी है, वे इस अनुकूल मौसम का फायदा उठा सकते हैं. लगातार हो रही पानी की फुहारों के बीच वे अपने खेतों में धान की रोपनी के काम को और रफ्तार दे सकते हैं, जिससे समय पर फसल तैयार होने में मदद मिलेगी.
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By Divyanshu Prashant
दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में परास्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे दैनिक जागरण में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने टी. एन. बी. कॉलेज से हिंदी साहित्य में स्नातक किया है, जिसके कारण साहित्य, पठन-पाठन, लेखन और कविता-सृजन में उनकी विशेष रुचि है। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।
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