जर्दालू का सीजन खत्म, दूधिया मालदह भी हुआ महंगा, अब चौसा-आम्रपाली से महक रहा भागलपुर का बाजार

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मॉनसून आते ही आम में बढ़ा कीड़ों का प्रकोप, बाजार में तीनगुना तक चढ़ी कीमत

भागलपुर बाजार में आम बेचती महिला.

Bhagalpur Mango Market: भागलपुर के आम बाजार में जर्दालू और बंबई किस्मों का सीजन समाप्त होने के साथ ही दूधिया मालदह आम की कीमतों में भारी उछाल आया है. फ्रूट फ्लाई के प्रकोप से उत्पादन प्रभावित होने के कारण दूधिया मालदह की आवक कम हो गई है, जिससे दाम तीन गुना तक बढ़ गए हैं. अब चौसा, मल्लिका और आम्रपाली जैसी किस्में बाजार में छाई हुई हैं, लेकिन इनकी कीमतें भी बढ़ी हुई हैं.

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Bhagalpur Mango Market: देशभर में जर्दालू और दूधिया मालदह आम के लिए प्रसिद्ध भागलपुर में आम का बाजार तेजी से बदल रहा है. जर्दालू और बंबई का सीजन समाप्त होने के बाद दूधिया मालदह सीमित मात्रा में बाजार पहुंच रहा है. इसका असर कीमतों पर साफ दिख रहा है. वहीं चौसा, मल्लिका और आम्रपाली जैसी किस्मों की बिक्री बढ़ गई है और पूरे बाजार में आम के दाम ऊंचे बने हुए हैं.

दूधिया मालदह की कमी से तीन गुना बढ़े दाम

भागलपुर के बागों में मानसून के साथ फ्रूट फ्लाई और अन्य कीटों का प्रकोप बढ़ने से दूधिया मालदह की पैदावार प्रभावित हुई है. इसके कारण बाजार में इसकी आवक कम हो गई है. जो मालदह आम पिछले साल इसी समय 15 से 20 रुपये प्रति किलो बिक रहा था, वह अब 90 से 120 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है.

शहर के अलग-अलग इलाकों में भी कीमतों में अंतर देखने को मिल रहा है. मुख्य बाजार में मालदह 80 से 90 रुपये प्रति किलो, कृषि कार्यालय के पास करीब 100 रुपये और पुलिस लाइन क्षेत्र में 90 से 120 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है.

अब चौसा, मल्लिका और आम्रपाली की बढ़ी मांग

जर्दालू और बंबई का सीजन खत्म होने के बाद बाजार में चौसा, मल्लिका, आम्रपाली, फजली, बीजू और शुकुल जैसी किस्मों की आवक बढ़ गई है. हालांकि दूधिया मालदह के महंगे होने का असर इन किस्मों की कीमतों पर भी पड़ा है.

वर्तमान बाजार में आम्रपाली 70 से 80 रुपये प्रति किलो, मल्लिका 80 से 90 रुपये प्रति किलो और चौसा करीब 90 रुपये प्रति किलो के भाव पर बिक रहा है.

फ्रूट फ्लाई से किसानों और कारोबारियों की बढ़ी चिंता

सुल्तानगंज के आम उत्पादक किसान अशोक चौधरी ने बताया कि इस बार फ्रूट फ्लाई का प्रकोप सीजन की शुरुआत से ही अधिक रहा. मानसून आने के बाद समस्या और बढ़ गई, जिससे बागों में दूधिया मालदह की संख्या काफी कम हो गई.

अलीगंज के आम कारोबारी मुनिलाल मंडल का कहना है कि कीट प्रकोप के कारण 60 प्रतिशत से अधिक आम खराब हो गए. जो आम बचा, उसकी अच्छी कीमत जरूर मिली, लेकिन उत्पादन कम होने से लागत की भरपाई करना मुश्किल हो रहा है.

महंगे आम से उपभोक्ता भी परेशान

आम की कीमतों में अचानक आई तेजी से उपभोक्ता भी हैरान हैं. स्थानीय उपभोक्ता बबलू चौधरी ने बताया कि कुछ दिन पहले तक दूधिया मालदह 30 से 35 रुपये प्रति किलो मिल रहा था, लेकिन अब इसकी कीमत 90 से 120 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है.

रोज 20 लाख रुपये से अधिक का कारोबार

भागलपुर और आसपास के बाजारों में प्रतिदिन लगभग 500 से 600 क्विंटल आम की आपूर्ति हो रही है. थोक कारोबारियों के अनुसार इससे प्रतिदिन 20 लाख रुपये से अधिक का कारोबार हो रहा है. हालांकि उत्पादन घटने और कीमत बढ़ने के कारण बाजार में खरीदारों की संख्या पहले की तुलना में कुछ कम हुई है.

व्यापारियों का कहना है कि यदि मौसम और कीट प्रकोप की स्थिति ऐसी ही बनी रही तो आने वाले दिनों में आम की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है.

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Deepak Kumar Rao

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