30 नवंबर तक नवनिर्मित मॉडल अस्पताल को करें चालू : डीएम

Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 21 Nov 2024 9:50 PM

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जिलाधिकारी ने सदर अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं की पड़ताल की

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जिलाधिकारी डॉ नवल किशोर चौधरी ने गुरुवार को लोकनायक जयप्रकाश नारायण सदर अस्पताल में मरीजों को उपलब्ध सुविधाओं की पड़ताल की. ओपीडी, पैथोलॉजी, निबंधन काउंटर, दवा स्टोर, शिशु एवं महिला वार्ड सहित विभिन्न फैकल्टी का गहन निरीक्षण किया. उन्होंने मरीजों से बातचीत कर कर्मियों के व्यवहार, दवा व जांच की सुविधा की जानकारी ली. डीएम ने ओपीडी, रजिस्ट्रेशन व दवा काउंटर पर मरीजों व परिजनों की भीड़ देखी. डीएम ने कहा कि 30 नवंबर से पहले सदर अस्पताल परिसर स्थित नवनिर्मित मॉडल अस्पताल को चालू करें. वहां मरीजों के बैठने समेत इलाज के लिए ज्यादा जगह उपलब्ध रहेगा. उन्होंने 15 दिसंबर तक बच्चों के आइसीयू यानी एसएनसीयू की 10 सीट को बढ़ाकर 50 सीट करने को कहा. निरीक्षण के दौरान सदर अस्पताल प्रभारी डॉ राजू से पूछा कि मरीज के पुर्जा पर ओपीडी में चिकित्सक के द्वारा जितने प्रकार की जांच लिखी जाती है. इसके लिए क्या व्यवस्था है. डीएम को बताया गया कि अस्पताल के गेट पर मरीजों के पुर्जा की जांच की जाती है. देखा जाता है कि सभी प्रकार की जांच की गयी है या नहीं, उन पर कलम से टिक लगाया जाता है. जिलाधिकारी ने कहा कि हरे रंग के कलम से ही टिक लगाएं. मरीज सभी जांच होने के बाद ही अस्पताल से बाहर जाएं. कॉल सेंटर से मरीजों को बीमारी की जानकारी दें : डीएम ने ओपीडी में चिकित्सकों से पूछा कि प्रतिदिन कितने मरीजों की जांच की जाती है. बताया गया कि 100 से 150 मरीज प्रतिदिन आते हैं. जगह की कमी से मरीजों व अस्पताल कर्मियों को दिक्कत हो रही है. जिलाधिकारी ने बताया कि 15 दिसंबर तक नये भवन में ओपीडी स्थानांतरित हो जायेगा. पैथोलॉजी जांच घर निरीक्षण के दौरान बाहर प्रतीक्षा कर रही महिलाओं से उन्होंने फीडबैक लिया. महिलाओं ने बताया कि यहां लाइन से काम होता है. निबंधन काउंटर पर दो रुपया लिया जाता है. पैथोलॉजी सेंटर में ऑटोमेटिक जांच मशीनों की जानकारी चिकित्सकों से ली. डीएम ने कहा कि जांच रिपोर्ट में गंभीरता के सूचक को लाल रंग से हाइलाइट करें. मरीज को इसकी जानकारी दें. रोजाना कॉल सेंटर से मरीजों को रिपोर्ट की जानकारी दें. शिशु वार्ड व जीविका रसोई का निरीक्षण : शिशु एवं महिला वार्ड में महिलाओं से बातचीत की. उन्होंने वहां मरीज के अटेंडेंट के बैठने की व्यवस्था को देखा. डीएम ने जीविका की दीदी की रसोई का अवलोकन किया. बताया गया कि 150 रुपया प्रतिदिन पर मरीजों व परिजनों को सुबह आठ बजे नाश्ता, 12 बजे से भोजन, चार बजे नाश्ता व रात आठ बजे तक भोजन दिया जाता है. दवा काउंटर पर मरीज के पर्चे की जांच : दवा काउंटर पर डीएम ने महिलाओं के पर्चे की जांच की. डीएम ने कहा कि यह पर्ची 11:51 बजे कटी है. एक घंटे बाद डॉक्टर से इलाज के बाद 12:30 बजे निःशुल्क दवा के लिए लाइन में खड़ी है. डीएम ने डीपीएम को निर्देशित किया कि गर्भवती, वृद्धजन एवं दिव्यांगजनों को प्राथमिकता दी जाये. मौके पर सिविल सर्जन डॉ अशोक प्रसाद, संयुक्त निदेशक जनसंपर्क नागेंद्र कुमार गुप्ता, परीक्ष्यमान पदाधिकारी अंकित चौधरी, शालिनी कुमारी, अस्पताल प्रबंधक आशुतोष कुमार समेत कई चिकित्सक थे. —

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