भागलपुर डिग्री कॉलेज : स्थान चयन पर मचा घमासान, गोपालपुर-रंगरा में बढ़ा जनाक्रोश, कई पंचायतों ने उठायी नई मांग

तीन -चार वर्ष पूर्व गोपालपुर तिनटंगा में डिग्री कालेज के लिये बैठक कर विचार-विमर्श करते ग्रामीणों का फाइल फोटो | Prabhat Khabar Network
Bhagalpur Degree College: सरकार की डिग्री कॉलेज योजना छात्रों के लिए राहत बनने के बजाय विवाद का कारण बन गई है. स्थान चयन को लेकर गोपालपुर और रंगरा में विरोध-प्रदर्शन, धरना और आमरण अनशन तक शुरू हो गया है.
Bhagalpur Degree College: भागलपुर के गोपालपुर और रंगरा प्रखंड में प्रस्तावित राजकीय डिग्री कॉलेज का स्थान चयन अब बड़ा विवाद बन चुका है. अलग-अलग पंचायतों के लोग अपने क्षेत्र में कॉलेज स्थापित करने की मांग कर रहे हैं. लगातार बदलते प्रस्तावों से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है और शिक्षा विभाग के खिलाफ जनाक्रोश तेज होता जा रहा है.
डिग्री कॉलेज के स्थान चयन पर बढ़ा विवाद
बिहार सरकार ने डिग्री कॉलेज विहीन प्रखंडों में राजकीय डिग्री कॉलेज खोलने की घोषणा की थी. इस फैसले से खासकर ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्र-छात्राओं में खुशी थी, क्योंकि उन्हें अपने घर के नजदीक स्नातक की पढ़ाई का अवसर मिलने की उम्मीद जगी थी. लेकिन भागलपुर शिक्षा विभाग के स्तर पर स्थान चयन को लेकर उत्पन्न असमंजस ने इस योजना को विवादों में ला दिया है.
प्रारंभिक निर्णय के अनुसार गोपालपुर प्रखंड के लिए नवगछिया के समीप गोसाईंगांव पंचायत स्थित लालजी उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय, मकंदपुर में तथा रंगरा प्रखंड के लिए तेजनारायण उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय, रंगरा में राजकीय डिग्री कॉलेज शुरू करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी. नामांकन और प्रभारी प्राचार्य की नियुक्ति की कार्रवाई भी प्रारंभ हो चुकी थी.
गोपालपुर में प्रखंड मुख्यालय पर कॉलेज की मांग
इसी बीच गोपालपुर प्रखंड कांग्रेस अध्यक्ष शंकर सिंह अशोक ने प्रखंड मुख्यालय में डिग्री कॉलेज स्थापित करने की मांग उठाई और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को आवेदन सौंपा. भाजपा नेता एवं अति पिछड़ा मंच के संयोजक विभाष कुमार भारती ने भी इसी मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन किया.
स्थानीय लोगों का कहना है कि कॉलेज प्रखंड मुख्यालय या उसके आसपास स्थापित होने से अधिक संख्या में छात्रों को सुविधा मिलेगी और आवागमन भी आसान होगा.
रंगरा में बदलते प्रस्ताव से भड़का विरोध
मामला तब और उलझ गया जब रंगरा के लिए प्रस्तावित तेजनारायण उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय के बजाय तिनटंगा दियारा स्थित संत विनोबा उच्च माध्यमिक विद्यालय में कॉलेज संचालित करने की चर्चा सामने आई. इस बदलाव के विरोध में रंगरा में धरना, प्रदर्शन और आमरण अनशन शुरू हो गया.
वहीं तिनटंगा दियारा के लोगों ने भी अपने क्षेत्र से कॉलेज हटाने के किसी भी प्रयास का विरोध करते हुए आंदोलन शुरू कर दिया. इससे दोनों क्षेत्रों में अलग-अलग तरह का जनआंदोलन खड़ा हो गया है.
कई पंचायतों ने पेश किए अपने प्रस्ताव
तिनटंगा करारी पंचायत के मुखिया नगीना पासवान ने जिलाधिकारी को आवेदन देकर इंटरस्तरीय विद्यालय तिनटंगा करारी या सैदपुर पंचायत सरकार भवन के समीप उपलब्ध लगभग 10 एकड़ सरकारी भूमि पर डिग्री कॉलेज स्थापित करने की मांग की है.
सैदपुर पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि जितेंद्र कुमार उर्फ गुड्डू मुखिया सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण सोशल मीडिया के माध्यम से सैदपुर में कॉलेज खोलने की मांग कर रहे हैं. दूसरी ओर तिरासी गांव के ग्रामीण तिरासी मध्य विद्यालय के निकट उपलब्ध लगभग तीन एकड़ भूमि पर कॉलेज स्थापित करने की पैरवी कर रहे हैं. उनका कहना है कि यहां कॉलेज बनने से लगभग 25 गांवों के छात्र-छात्राओं को सीधा लाभ मिलेगा.
शिक्षा विभाग से जल्द निर्णय की मांग
लगातार बदलते प्रस्तावों और स्पष्ट नीति के अभाव ने गोपालपुर और रंगरा दोनों प्रखंडों में असमंजस और जनाक्रोश की स्थिति पैदा कर दी है. लोगों का कहना है कि शिक्षा विभाग को सभी पक्षों से विचार-विमर्श कर जल्द सर्वमान्य और स्थायी निर्णय लेना चाहिए, ताकि छात्रों का भविष्य प्रभावित न हो और सरकार की महत्वाकांक्षी योजना विवाद के बजाय शिक्षा का माध्यम बन सके.
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