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Bhagalpur News. अजीत शर्मा ने चुनाव आयोग को लिखा पत्र, बैलेट पेपर से चुनाव कराने की हिमायत

Updated at : 17 Nov 2025 7:58 PM (IST)
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Bhagalpur News. अजीत शर्मा ने चुनाव आयोग को लिखा पत्र, बैलेट पेपर से चुनाव कराने की हिमायत

अजीत शर्मा ने चुनाव आयोग को लिखा पत्र.

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-भागलपुर से लोकसभा व विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी रहे हैं अजीत शर्मा, दोनों चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है विस चुनाव में भागलपुर से महागठबंधन प्रत्याशी रहे अजीत शर्मा ने हार के बाद मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पत्र लिखकर इवीएम की बजाय वैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग उठायी. उन्होंने कहा है कि लोकतंत्र की जड़ को मजबूत करने और मतदाताओं में भरोसा पैदा करने के लिए मतदान प्रक्रिया में बदलाव की जरूरत है. हाल के वर्षों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन-इवीएम में कई त्रुटियां और विवाद सामने आये हैं. पत्र में लिखा है कि मैं अजीत शर्मा, 156- भागलपुर विधान सभा क्षेत्र से एक प्रत्याशी के रूप में, भारतीय लोकतंत्र की मजबूती और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए चुनाव प्रक्रिया पर अपनी चिंता व्यक्त करना चाहता हूं. विशेष रूप से 2024 लोकसभा चुनाव और 2025 में बिहार विधान सभा के चुनाव में इवीएम से जुड़ी कई शिकायतें दर्ज की गयी है. उन्होंने बताया है कि भागलपुर विधानसभा क्षेत्र के लिए 11 नवंबर मतदान हुआ, जिसकी मतगणना 14 नवंबर को हुई. मतगणना के दौरान प्रत्याशी के रूप में मैं मतगणना केंद्र पर उपस्थित था. वहां देखा कि मतगणना टेबल पर जब कई बूथों के कंट्रोल यूनिट लाए गए तो उसका नंबर और फॉर्म 17 ब में अंकित नंबर में अंतर था. संबंधित काउंटिंग एजेंटों ने इस पर आपत्ति की जिसके कारण लगभग आधा घंटा मतगणना रुकी रही, परंतु फिर जबरन मतगणना करा दी गयी. इस उदाहरण से स्पष्ट हो जाता है कि बिहार विधानसभा के चुनाव में मतदान से लेकर मतगणना तक में निष्पक्षता नहीं रही है. इसी तरह के उदाहरणों के कारण विपक्षी दलों ने ईवीएम में हेरफेर, वोटों की गिनती में असंगतिऔर सुरक्षा कमियों की बात कही है. कई रिपोर्टों में भी ईवीएम की सुरक्षा पर सवाल उठाए गए हैं, जहां विशेषज्ञों ने संभावित हैकिंग और तकनीकी खामियों का जिक्र किया है. इसके अलावा, 2024 में चुनाव परिणामों के दौरान पोस्टल बैलेट की गिनती में प्राथमिकता न देने और वीवीपीएटी स्लिप्स की सत्यापन प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी जैसी शिकायतें भी सामने आये हैं. उनके साथ लाखों लोगों का मानना है कि बैलेट पेपर के तहत चुनाव अधिक पारदर्शी है, क्योंकि मतदाता स्वयं अपना वोट देख सकता है और गिनती में कोई तकनीकी हस्तक्षेप नहीं होता. इवीएम में जहां सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर की कमियां संभावित हैं, वहीं बैलेट पेपर से चुनाव कराना मतदाताओं का विश्वास बढ़ा सकता है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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KALI KINKER MISHRA

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By KALI KINKER MISHRA

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