3687 अंक ने तोमर प्रकरण को सुलगाया
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 13 Jun 2015 8:17 AM
विज्ञापन
भागलपुर : दिल्ली के पूर्व कानून मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर के डिग्री प्रकरण को जिस अंक ने सुलगाने का काम किया है, वह है 3687. इस अंक ने न सिर्फ देश भर में मामले को चर्चित कर दिया, बल्कि दिल्ली पुलिस को भी तोमर को साथ लेकर भागलपुर लाने पर मजबूर कर दिया. दरअसल तोमर […]
विज्ञापन
भागलपुर : दिल्ली के पूर्व कानून मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर के डिग्री प्रकरण को जिस अंक ने सुलगाने का काम किया है, वह है 3687. इस अंक ने न सिर्फ देश भर में मामले को चर्चित कर दिया, बल्कि दिल्ली पुलिस को भी तोमर को साथ लेकर भागलपुर लाने पर मजबूर कर दिया. दरअसल तोमर के जो प्रोविजनल सर्टिफिकेट दिल्ली हाइकोर्ट द्वारा भागलपुर विश्वविद्यालय को भेजे गये, उसका सीरियल नंबर 3687 है. साथ ही उस पर डॉ राजेंद्र प्रसाद सिंह का हस्ताक्षर रजिस्ट्रार/परीक्षा नियंत्रक के रूप में है. इसके इशू डेट 18.5.2001 का उल्लेख है.
विश्वविद्यालय ने जब इस सीरियल नंबर को रेकर्ड में ढूंढ़ना शुरू किया, तो चौंकानेवाले मामले सामने आये. 3687 सीरियल नंबर से संजय कुमार चौधरी को प्रोविजनल सर्टिफिकेट जारी होने का उल्लेख रेकर्ड में मिला. रेकर्ड के मुताबिक 3687 नंबर के प्रोविजनल सर्टिफिकेट पर डॉ गुलाम मुस्तफा के हस्ताक्षर मिले न कि डॉ राजेंद्र प्रसाद सिंह के. यही नहीं, उसका इशू डेट 29.7.1999 रेकर्ड में दर्ज था न कि 18.5.2001. इसकी विस्तृत रिपोर्ट विश्वविद्यालय ने हाइकोर्ट को पहले ही सौंप दिया है.
हाइकोर्ट द्वारा भेजे गये प्रोविजनल सर्टिफिकेट में जो लिखा है. प्रमाणित किया जाता है कि जितेंद्र सिंह तोमर 1999 के अगस्त मास में आयोजित सन 1999 ई एलएलबी की परीक्षा में द्वितीय वर्ग में उत्तीर्णता प्राप्त की है.
खंगाला विवि का रिकार्ड
सुबह 10.46 बजे दिल्ली पुलिस की पहली टीम ने शुरू की जांच
भागलपुर : दिल्ली पुलिस ने तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय में पूर्व कानून मंत्री जितेंद्र तोमर प्रकरण में हर एंगल से जांच की. पहली टीम विवि में सुबह 10.46 बजे ही पहुंची व तमाम कागजात की बारीकी से जांच की. वहीं, दूसरी टीम ने तोमर को साथ लेकर कागजात का उनके सामने वेरीफिकेशन कराया.
दोनों ही प्रक्रियाओं को लेकर दिल्ली पुलिस कोई ऐसा सुराग नहीं छोड़ना चाह रही थी, जो बाद में उनके गले की हड्डी बने. दिल्ली पुलिस की जांच टीम अपनी कार्रवाई को लेकर कुछ भी बताने से बचती रही. लेकिन इन सभी के बीच एक बड़ा सवाल यह रहा कि आखिर कुछ दिनों पहले की जांच के बाद ऐसी क्या जरूरत पड़ गयी कि दोबारा से जांच की प्रक्रिया को लेकर उन्हें भागलपुर आना पड़ा.
25 मई को हौज खास थाना के इंस्पेक्टर आनंद स्वरूप टीएमबीयू व 26 मई को विश्वनाथ सिंह विधि संस्थान पहुंच कर प्रमाणपत्रों की जांच की थी. दरअसल विवि पहुंची दिल्ली पुलिस की दो टीम में एक टीम का नेतृत्व दिल्ली के हौजखास थाना के इंस्पेक्टर आनंद स्वरूप कर रहे थे. वे इस मामले के जांच अधिकारी भी हैं.
उनकी टीम में नौ सदस्य थे. वहीं पूर्व कानून मंत्री जितेंद्र तोमर को साथ लेकर आयी टीम का नेतृत्व दिल्ली पुलिस के सरोजनी नगर के इंस्पेक्टर वीकेपीएस यादव कर रहे थे. उनके साथ कांस्टेबल जितेंद्र सिंह, रजनीश यादव आदि भी थे. उधर तोमर मामले में विवि में जांच कर रहे कॉलेज इंस्पेक्टर आशुतोष प्रसाद, मनिंदर सिंह और एके मिश्र से भी दिल्ली पुलिस ने जांच में सहयोग लिया. विवि ने टीम को बताया कि तोमर को जिस रोल कोड और रोल नंबर वाला प्रमाणपत्र जारी किया गया, वह आरएस कॉलेज, तारापुर के संजय कुमार चौधरी के नाम से है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Tags
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










