एनएच-80 पर सभी वाहनों का परिचालन बंद, टीएमबीयू के छात्रावास में घुसा पानी
Author Prabhat khabar digital desk
Updated:
विज्ञापन

भागलपुर : एक बार फिर गंगा-कोसी हाहाकारी हो गयी. इससे पूर्व बिहार-कोसी चारों ओर पानी से घिर गया है. सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, मुंगेर, खगड़िया व भागलपुर के चार दर्जन से अधिक पंचायतों में बाढ़ आयी है. इधर, भागलपुर में गंगा नदी में उफान के कारण तटों से सटे कई शैक्षणिक संस्थानों में बाढ़ का पानी […]
विज्ञापन
भागलपुर : एक बार फिर गंगा-कोसी हाहाकारी हो गयी. इससे पूर्व बिहार-कोसी चारों ओर पानी से घिर गया है. सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, मुंगेर, खगड़िया व भागलपुर के चार दर्जन से अधिक पंचायतों में बाढ़ आयी है. इधर, भागलपुर में गंगा नदी में उफान के कारण तटों से सटे कई शैक्षणिक संस्थानों में बाढ़ का पानी घुस गया है. भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज का हॉस्टल नंबर तीन भी बाढ़ से प्रभावित हुआ है. जिलाधिकारी प्रणव कुमार ने कहा कि गंगा नदी.
के जलस्तर में वृद्धि के कारण सबौर प्रखंड के खानकिता में एनएच-80 क्षतिग्रस्त हो गयी. इस कारण कहलगांव, घोघा, सबौर, जीरोमाइल होते हुए भागलपुर की ओर आने व जाने वाले मार्ग पर सभी प्रकार के वाहनों का परिचालन बंद कर दिया गया. दूसरी ओर टीएमबीयू के छात्रावासों में भी पानी घुस गया है. शहर के आदमपुर स्थित सीएमएस स्कूल मैदान में भी बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है.
नवगछिया में गंगा नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि से बाढ़ ने भयावह रूप ले लिया है. गंगा नदी के जलस्तर में पिछले 24 घंटे में 10 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है. अनुमंडल का इस्माईलपुर प्रखंड पूरी तरह से बाढ़ की चपेट में आ गया है तो गंगा नदी के बाढ़ का पानी नये इलाकों में भी फैल गया है. कलबलिया धार के पास तेतरी जाहन्वी चौक 14 नंबर सड़क पर भी पानी का दबाव बढ़ गया है. गंगा एवं कोसी नदी के गर्भ में बसे नवगछिया अनुमंडल के लोगो को गंगा एवं कोसी नदी के रौद्र रूप अपना लेने से बाढ़ व कटाव का संकट उत्पन्न हो गया है. गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि के बाद जहां इस्माईलपुर, नवगछिया एवं गोपालपुर, रंगरा, नारायणपुर प्रखंड प्रभावित है. वहीं कोसी नदी के जल स्तर में वृद्धि के बाद नारायणपुर, बिहपुर खरीक व रंगरा प्रखंड प्रभवित है. दोनों नदियों की भयावह स्थिति को देखते हुए नवगछिया एसडीओ मुकेश कुमार ने अलर्ट जारी कर दिया है.
मुंगेर में विनाशकारी बाढ़ अब पूरी तरह बेकाबू हो चुकी है. शनिवार को गंगा के जलस्तर ने खतरे के निशान को भी पार लिया और गंगा का जलस्तर प्रतिघंटा एक सेंटीमीटर की रफ्तार से लगातार बढ़ रहा था. जिले में बाढ़ अब पूरी तरह से बेकाबू हो चुका है. वहीं केंद्रीय जल आयोग द्वारा जारी फॉरकास्ट में बताया गया है कि रविवार की सुबह 8 बजे तक गंगा का जलस्तर 39.40 मीटर पर पहुंच जायेगा. ऊफनाती गंगा ने जहां सदर प्रखंड के बारह पंचायत को पूरी तरह से अपनी गिरफ्त में ले लिया है, वहीं सड़कों के ऊपर से बह रहे पानी ने दर्जनों गांव को टापू में तब्दील कर दिया है़
मधेपुरा के आलमनगर प्रखंड के आठ पंचायतों में बाढ़ का पानी फैल गया है. सैकड़ों घरों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है. खगड़िया जिले होकर बहने वाली गंगा, गंडक, कोसी-बागमती नदी उफनाते ही दोबारा बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो गये हैं. गोगरी से इटहरी पंचायत के भुड़िया दियारा, कटघरा दियारा, आश्रम दियारा सहित दर्जनों गांव जाने वाली एकमात्र सड़क गंगा में आयी बाढ़ की तेज धार में शनिवार की सुबह में बह गयी.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Tags
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










