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एसटीएफ ने कमांडो को धर दबोचा, बिजली कर्मी बन टोह ले रही थी एसटीएफ

Updated at : 24 Nov 2017 8:53 PM (IST)
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एसटीएफ ने कमांडो को धर दबोचा, बिजली कर्मी बन टोह ले रही थी एसटीएफ

नवगछिया (भागलपुर) : एसटीएफ की टीम ने भागलपुर जिले के कहलगांव, इस्माइलपुर और गोपालपुर और कटिहार के गंगा दियारा के आतंक गोपालपुर के कमलाकुंड बाबु टोला निवासी कुख्यात कमांडो यादव उर्फ बाबू मणि यादव सहित तीन अपराधियों को अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार कर लिया गया है. मालूम हो कि वर्ष 2011 से फरार चल […]

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नवगछिया (भागलपुर) : एसटीएफ की टीम ने भागलपुर जिले के कहलगांव, इस्माइलपुर और गोपालपुर और कटिहार के गंगा दियारा के आतंक गोपालपुर के कमलाकुंड बाबु टोला निवासी कुख्यात कमांडो यादव उर्फ बाबू मणि यादव सहित तीन अपराधियों को अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार कर लिया गया है. मालूम हो कि वर्ष 2011 से फरार चल रहा कमांडो यादव 50 हजार का इनामी बदमाश था. एसटीएफ की टीम ने कमांडो के पास से एक देशी पिस्तौल, एक देशी रायफल, एवं 61 चक्र कारतूस, दो मोबाइल, एक गोली का चार्जर और एक बिंडोलिया भी बरामद किया है. कमांडो के साथ पुलिस ने गोपालपुर थाना क्षेत्र के तिनटंगा करारी निवासी विनोद मंडल के पुत्र सोनू कुमार और भागलपुर जिले के गौराडीह थाना क्षेत्र के मोहनपुर निवासी अंबिका यादव के पुत्र पंकज यादव को भी अवैध हथियारों के साथ रंगेहाथ गिरफ्तार किया है.

नवगछिया के एसपी सुधीर कुमार सिंह ने कहा है कि कमांडो को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस मुख्यालय ने 50 हजार का इनाम घोषित किया था. कमांडों का कटिहार, भागलपुर और नवगछिया जिले के गंगा दियारा के करीब एक हजार एकड़ जमीन पर कब्जा था. कमांडो के भय से लोग खेती नहीं कर पा रहे थे. पिछले दिनों जब कमांडो नवगछिया पुलिस को बार-बार चकमा देने में सफल रहा था, तो उसकी गिरफ्तारी के लिए भागलपुर के डीआईजी विकास वैभव के नेतृत्व में एसटीएफ टीम को कमांडो की गिरफ्तारी में लगाया गया था.

बिजली विभाग के कर्मी बन कर कमांडो का टोह ले रही थी एसटीएफ की टीम

कमांडो को गिरफ्तार कर पाना आसान नहीं था. वह कई तेज-तर्रार पुलिस पदाधिकारियों को चकमा दे चुका था. दियारा की भौगोलिक बनावट का कमांडो काफी फायदा उठाता था. इन दिनों कमांडो कहलगांव के कमलाकुंड गंगा दियारा में एक तात्कालिक घर बना कर रह रहा था. एसटीएफ के दो कर्मी सर्वप्रथम बिजली विभाग के कर्मी बन कर कमांडो के गांव पहुंचे और कमांडो के परिजनों से मिल कर कहा कि वे लोग बिजली विभाग से हैं, जो चोरी का बिजली जला रहे हैं, इसमें यहां के किसी प्रभावशाली व्यक्ति की मदद चाहिए. अवैध बिजली जलानेवालों के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए वे लोग गांव में घूम रहे हैं. कमांडो के परिजनों को यह आसानी से विश्वास हो गया और दोनों कर्मियों की क्रमश: मदद करने लगे. इस क्रम में कर्मियों का बराबर गांव आना-जाना लगा रहा और कमांडो कब घर आता है, कब निकलता है, इस बात का भी पता चल गया. एक दिन कमांडो घर पर ही था, तो पूरी टीम उसकी गिरफ्तारी के लिए जुट गयी थी, लेकिन ऐन वक्त कमांडो घर से निकल गया. लेकिन, वह भांप नहीं पाया कि वास्तव में बिजली विभाग के कर्मी बन गांव घूम रहे लोग पुलिस के आदमी हैं. कमांडो फिर गुरुवार के दिन शाम में अपने घर आया और योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रहे एसटीएफ की टीम ने उसे दो साथियों के साथ गिरफ्तार कर लिया. बाद में खोजबीन की गयी, तो कमांडो के ठिकाने से अवैध हथियारों की भी बरामदगी हुई.

कमांडो ने कर दी थी पत्नी की हत्या

वर्ष 2011 में कमांडो अपनी ही पत्नी की हत्या के मामले में आरोपित रहा है. जानकारी के अनुसार, वह बहुत दिनों से अपनी ससुराल नहीं जा रहा था. कमांडो ने कई बार अपने ससुर व साले को दहेज देने की पेशकश की थी. दहेज नहीं मिलने पर उसने अपने संबंध को समाप्त कर लेने का फैसला लिया था. लेकिन, एक दिन वह इस्माइलपुर के लक्ष्मीपुर नारायणपुर ससुराल में आता है. ससुरालवाले उसकी आवभगत भी करते हैं. देर रात कमांडो ने अपनी की पत्नी को गोली मार कर हत्या कर दी और वहां से भाग गया. इस मामले में भी कमांडो फरारी था. पुलिस ने इस मामले में कमांडो के विरुद्ध आरोप पत्र भी न्यायालय में समर्पित कर दिया है. इस्माइलपुर के ही अनिल मंडल हत्याकांड में भी कमांडो मुख्य आरोपित था. उस समय बात सामने आयी थी कि अनिल मंडल कमांडो के ही समानांतर एक गिरोह बनाने के फिराक में हैं. इसके लिए अनिल ने हथियारों की खरीदारी भी की है. कमांडों और उसके गिरोह के सदस्यों ने अनिल मंडल को घेर कर मार डाला और कहा जा रहा है कि कमांडो ने अनिल के हथियार भी लूट लिये थे. इसी वर्ष कमांडों ने दिन दहाड़े गोपालपुर के शिक्षक शंभु मंडल की हत्या घर घुस कर कर दी थी. बात सामने आयी थी कि भूमि विवाद के कारण कमांडो ने इस तरह की घटना को अंजाम दिया. शिक्षक की हत्या का मामला काफी चर्चित हुआ था. इस मामले में संलिप्त सभी अपराधियों की गिरफ्तारी पूर्व में ही हो चुकी है, जबकि कमांडो फरार चल रहा था. कमांडो की गिद्ध दृष्टि हर साल गोपालपुर और इस्माइलपुर में होने वाले कटाव निरोधी कार्य पर भी थी. उसने कई बार कटाव निरोधी कार्य कर रहे ठेका ऐजेंसी के लोगों से रंगदारी की मांग की थी, इस तरह के मामले में भी वह फरार चल रहा था. फसल लूट, अपहरण कर फिरौती वसूलने के मामले में भी कमांडो आरोपित रहा है. कमांडो के आय का मुख्यस्त्रोत गंगा दियारा की सैकड़ों एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा, सफेद बालू का अवैध खनन आदि था.

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