तीन दिनों से नहीं हुआ सूर्य देव का दर्शन, कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने बढ़ाई मुश्किलें

Published by : SATISH KUMAR Updated At : 20 Dec 2025 5:22 PM

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बीते तीन दिनों से मौसम ने अचानक करवट ले ली है. तापमान में आई तेज गिरावट के साथ धूप के नहीं निकलने और रुक-रुक कर चल रही ठंडी पछुआ हवाओं ने ठंड का प्रकोप बढ़ा दिया है.

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बगहा/हरनाटांड़ . बीते तीन दिनों से मौसम ने अचानक करवट ले ली है. तापमान में आई तेज गिरावट के साथ धूप के नहीं निकलने और रुक-रुक कर चल रही ठंडी पछुआ हवाओं ने ठंड का प्रकोप बढ़ा दिया है. सुबह के समय घना कोहरा और रात में ओस की बूंदों के साथ कड़ाके की ठंड ने पूरे क्षेत्र में दस्तक दे दी है. जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. सुबह करीब 10 बजे तक घना कोहरा छाया रहने के कारण दृश्यता बेहद कम हो जा रही है. इसका सीधा असर यातायात व्यवस्था पर देखने को मिल रहा है. सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आ रहे हैं और दुर्घटना की आशंका बनी हुई है. कुहासे के कारण मुख्य मार्गों और ग्रामीण सड़कों पर वाहनों की आवाजाही भी काफी कम हो गयी है. ठंड इस कदर बढ़ गयी है कि राहगीरों और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. सबसे ज्यादा असर स्कूली बच्चों और बुजुर्गों पर देखने को मिल रहा है. सुबह-सुबह घने कोहरे और ठंड के बीच बच्चों को स्कूल पहुंचने में काफी दिक्कतें झेलनी पड़ी. हालांकि कई अभिभावक बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित नजर आए. हरनाटांड़ प्रतिनिधि के अनुसार थरुहट समेत विभिन्न क्षेत्रों में पिछले तीन दिनों से सूर्य का दर्शन नहीं होने और घने कोहरे व बादलों के कारण दिन भर ठंड का प्रकोप बना रहा. जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. ठंड बढ़ने से लोग घरों से निकलने में हिचक रहे हैं. थरुहट क्षेत्र में लगातार ठंड और नमी के कारण दैनिक कार्यों पर भी असर पड़ा है. हरनाटांड़, सेमरा, सिधांव, तिनफेड़िया, नौरंगिया, मिश्रौली आदि बाजारों में रौनक कम दिखी. निर्माण और खेत-खलिहान से जुड़े कार्य ठप से नजर आए. सुबह और शाम के समय हरनाटांड़-बगहा, वाल्मीकिनगर-मदनपुर, पनियहवा, सेमरा, चिउटाहा आदि सड़कों पर आवाजाही भी काफी कम रही. मौसम की इस मार से बीमार पड़ने की आशंका बढ़ गयी है, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों के लिए ज्यादा खतरा है. लोग अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा ले रहे हैं. ठंड से बीमारियों का बढ़ गया खतरा ठंड और शीतलहर को देखते हुए हरनाटांड़ डॉ. राजेंद्र काजी ने बताया कि लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है. घने कोहरे और ठंडी हवाओं के कारण सर्दी-खांसी, बुखार, निमोनिया और सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है. खासकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों के लिए भी. ठंड में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है, इसलिए विशेष सावधानी जरूरी है. डॉक्टरों ने गर्म कपड़े पहनने, सिर व कान ढक कर रखने, ठंडे पानी से बचने और आवश्यक होने पर ही सुबह-शाम बाहर निकलने की सलाह दी है.

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