पीके या तो माफी मांगें, नहीं तो 132.24 करोड़ की मानहानि का मुकदमा झेलने को रहें तैयार: डॉ संजय

लोकसभा के मुख्य सचेतक, भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व पश्चिम चंपारण के सांसद डॉ संजय जायसवाल ने कहा कि प्रशांत किशोर ने बेबुनियाद आरोप लगाकर मानसिक क्षुद्रता का परिचय दिया है.
बेतिया. लोकसभा के मुख्य सचेतक, भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व पश्चिम चंपारण के सांसद डॉ संजय जायसवाल ने कहा कि प्रशांत किशोर ने बेबुनियाद आरोप लगाकर मानसिक क्षुद्रता का परिचय दिया है. मेरी मांग है कि इस तरह के झूठे आरोप लगाने के लिए पीके सार्वजनिक रूप से मुझसे माफी मांग लें, नहीं तो क्रिमिनल केस के बाद अब मैं उन पर 132.24 करोड़ का मानहानि का मुकदमा भी करूंगा. वह सोमवार को प्रेस प्रतिनिधियों को संबोधित कर रहे थे. पशुपालन मंत्री रेणु देवी, विधायक उमाकांत सिंह व नारायण प्रसाद की मौजूदगी में सांसद ने सबूतों के साथ पीके के लगाये गये आरोपों पर पलटवार किया. कहा कि प्रशांत किशोर ने मुझ पर दो आरोप लगाये हैं, पहला छावनी रोड पर स्थित अपने पेट्रोल पंप के कारण आरओबी का एलाइनमेंट बदलवा दिया गया. दूसरा स्थानीय मेयर के एक पत्र के आलोक में उन्होंने मुझ पर पेट्रोल-डीजल घोटाला करने का आक्षेप लगाया है. आरटीआइ से प्राप्त सबूत दिखाते हुए उन्होंने कहा कि पूर्व मध्य रेलवे से आरटीआइ के जरिये मांगे गये जवाब में यह स्पष्ट कहा गया है कि इस आरओबी के एलाइनमेंट में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है. इसके अतिरिक्त एनएचएआइ ने भी आरटीआइ के जरिये दिए जवाब में यह साफ कर दिया है कि इस आरओबी के पहुंच पथ के निर्माण के लिए किसी प्रकार का भू-अर्जन नहीं किया गया है. अतः इसके मार्गरेखन में परिवर्तन का कोई प्रश्न ही नहीं उठता. पीके के दूसरे आरोप पर डॉ जायसवाल ने कहा कि पीके ने बेतिया मेयर के जिस पत्र के आधार पर मुझ पर पेट्रोल-डीजल के मामले में भ्रष्टाचार के जो आरोप लगाये हैं वह और भी हास्यास्पद है. हकीकत में बेतिया महापौर ने 8 बिन्दुओं पर नगर विकास मंत्रालय से जांच करने की मांग की थी. इसके आलोक में अवर सचिव मनोज कुमार ने जांच की. मजे की बात यह है कि पेट्रोल-डीजल का मामला इन 8 बिन्दुओं में कहीं है ही नहीं. जांच अधिकारी ने जवाब में खुद से एक ”अन्य” भाग बना कर निगम की 15 गाडियों के फ्यूल डीजल के एवज में सरोज एंड संस को बिना जीएसटी बिल के भुगतान करने की बात को उठायी है. सारा बखेड़ा इसी बात को लेकर खड़ा किया गया है. पत्र दिखाते हुए डॉ जायसवाल ने कहा कि सामान्य ज्ञान रखने वाला कोई आम आदमी भी जानता है कि भारत में पेट्रोल-डीजल पर जीएसटी नहीं लगता है. फिर इसमें जीएसटी बिल की बात ही बेमानी है. अपने रिश्तेदार के यहां से डीजल सप्लाई को लेकर रची गयी साजिश सांसद डॉ संजय जायसवाल ने कहा कि नगर विभाग के अवर सचिव मनोज कुमार के जीएसटी के आरोप काे पांच बार नगर निगम की सशक्त समिति में उठाया गया. ताकि पेट्रोल पंप बदलवाकर उनके रिश्तेदार के यहां से डीजल सप्लाई शुरू कराई जा सके. इसके लिए दो वर्ष से साजिश रची जा रही थी. सांसद ने कहा कि मुझे विश्वास है कि पेट्रोल पंप से भी नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति पर 100 करोड़ की मानहानि का मुकदमा किया जाएगा.
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