4 दिन और डूबने की 4 घटनाएं: पंडई-हड़बोड़ा नदी में कई बच्चे लापता, अब सुरक्षा इंतजामों पर उठ रहे सवाल

रोती बिलखते परिवारजन
नार्कोटियागंज में महज चार दिनों के भीतर डूबने की चार घटनाओं ने नदी किनारे बसे गांवों में चिंता बढ़ा दी है. लगातार हो रहे हादसों के बीच बच्चों की तलाश जारी है और स्थानीय लोग नदी घाटों पर सुरक्षा के स्थायी इंतजाम की मांग कर रहे हैं.
Narkatiaganj Drowning Incident: पंडई और हड़बोड़ा नदी में महज चार दिनों के भीतर डूबने की चार घटनाओं ने नदी किनारे बसे गांवों में चिंता बढ़ा दी है. 14 जुलाई को एक व्यक्ति की डूबने से मौत हुई, फिर दो किशोर पंडई नदी में लापता हो गए और अब हड़बोड़ा नदी में नहाने गई तीन बच्चियां डूब गईं. इनमें दो को बचा लिया गया, जबकि एक बच्ची की तलाश जारी है.
लगातार हो रहे हादसों के बीच पुलिस, प्रशासन, एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोर लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं. वहीं स्थानीय लोग बरसात के दौरान संवेदनशील नदी घाटों पर सुरक्षा के स्थायी इंतजाम की मांग कर रहे हैं.
14 जुलाई से शुरू हुआ हादसों का सिलसिला
14 जुलाई को हड़बोड़ा नदी में डूबने से पकड़ी गांव निवासी 60 वर्षीय विंध्याचल महतो की मौत हो गई थी. इसके दो दिन बाद 16 जुलाई को पंडई नदी में दो अलग-अलग स्थानों पर नहाने के दौरान दो किशोर लापता हो गए.
हरदी टेढ़ा पंचायत के खैरवा टोला निवासी 14 वर्षीय रेहान अंसारी और राजपुर तुमकड़िया पंचायत के सोफवा गांव निवासी 17 वर्षीय सुल्तान के नदी में लापता होने के बाद प्रशासन ने खोज अभियान शुरू किया.
अंचल और पुलिस प्रशासन की टीम दोनों किशोरों की तलाश में जुटी ही थी कि शुक्रवार को हड़बोड़ा नदी में एक और हादसा हो गया.
तीन बच्चियां डूबीं, युवक ने दो की जान बचाई
धूमनगर के गदियानी टोला के पास हड़बोड़ा नदी में तीन बच्चियां नहाने गई थीं. इसी दौरान वे तेज बहाव में फंसकर डूबने लगीं.
वार्ड संख्या-5 निवासी सुखदेव राम के पुत्र रानू कुमार ने बच्चियों को डूबते देखा तो उन्हें बचाने के लिए नदी में उतर गया. उसने रानी कुमारी और रौशनी कुमारी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया.
12 वर्षीय प्रियंका को बचाने की कोशिश के दौरान रानू खुद भी डूबने लगा. स्थानीय लोगों ने उसे बाहर निकाला और गंभीर हालत में अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया. वहीं प्रियंका का अब तक पता नहीं चल सका है.
कई लापता, नदी में जारी है तलाश
पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोर लापता बच्चों की तलाश में जुटे हैं. राजस्व अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि नदी में डूबे बच्चों की खोजबीन लगातार की जा रही है, लेकिन अभी तक लापता बच्चों का पता नहीं चल सका है.
प्रशासन की ओर से सर्च ऑपरेशन जारी है. लगातार हो रही घटनाओं के कारण नदी किनारे बसे गांवों के लोग भी चिंतित हैं.
SDRF की स्थायी तैनाती की उठी मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में नदियों का जलस्तर और बहाव बढ़ने के बावजूद खतरनाक घाटों पर पर्याप्त चेतावनी और सुरक्षा व्यवस्था नहीं दिख रही है. लोगों ने संवेदनशील घाटों की पहचान कर वहां बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग की है.
कुछ स्थानीय लोगों ने अनुमंडल स्तर पर एसडीआरएफ टीम की उपलब्धता सुनिश्चित करने की भी मांग की है, ताकि नदी में डूबने जैसी घटना होने पर बचाव अभियान जल्द शुरू किया जा सके.
हादसों को रोकने के लिए स्थायी इंतजाम की मांग
लगातार चार दिनों में सामने आई घटनाओं के बाद स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं. लोगों की मांग है कि बरसात के दौरान नदी किनारे नियमित निगरानी की जाए और खतरनाक स्थानों पर लोगों, खासकर बच्चों को जाने से रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था की जाए.
फिलहाल प्रशासन, पुलिस और बचाव दल का पूरा ध्यान लापता बच्चों की तलाश पर है. सर्च ऑपरेशन जारी है और नदी में खोजबीन की जा रही है.
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लेखक के बारे में
By सतीश कुमार पांडेय
सतीश कुमार पांडेय ने वर्ष 2000 में जी न्यूज से पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने चर्चित दस्यु सरगनाओं की रिपोर्टिंग की. बाद में आज और दैनिक जागरण में कार्य किया. वर्ष 2016 से वें प्रभात खबर में कार्यरत हैं. इन्हें क्राइम, प्रशासनिक, राजनीतिक, सामाजिक तथा खेती-किसानी से जुड़ी खबरों में विशेष रुचि रही है.
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