ePaper

24 घंटा बाद दरदरी गांव से निकला मनोर नदी का पानी, लोगों ने ली राहत की सांस

Updated at : 18 Sep 2025 6:01 PM (IST)
विज्ञापन
24 घंटा बाद दरदरी गांव से निकला मनोर नदी का पानी, लोगों ने ली राहत की सांस

नेपाल समेत सीमावर्ती क्षेत्रों में दो दिनों से रूक-रूक कर हो रही बारिश से पहाड़ी नदी क्रमश: मनोर, भापसा, हरहा, झिकरी, कौशील में आई बाढ़ से नौरंगिया- दरदरी और चंपापुर-गोनौली पंचायत के विभिन्न गांव में बाढ़ की पानी ने तबाही मचा दिया है.

विज्ञापन

हरनाटांड़. नेपाल समेत सीमावर्ती क्षेत्रों में दो दिनों से रूक-रूक कर हो रही बारिश से पहाड़ी नदी क्रमश: मनोर, भापसा, हरहा, झिकरी, कौशील में आई बाढ़ से नौरंगिया- दरदरी और चंपापुर-गोनौली पंचायत के विभिन्न गांव में बाढ़ की पानी ने तबाही मचा दिया है. बाढ़ से दरदरी गांव में काफी नुकसान पहुंचा है. बाढ़ का पानी प्रवेश करने एवं नदी की तेज धारा के कारण गांव के करीब आधा दर्जन लोगों के घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है. वहीं बाढ़ की तेज धार में आधा दर्जन मवेशी (बकरी) भी बह गये है. इसके अलावा नदी की तेज धार में करीब 20 एकड़ में लगी धान की फसल भी बह गया तथा बाढ़ ने धान के खेतों में सिल्ट भर दिया है. जिससे किसानों को काफी क्षति हुई है. पंचायत के उप मुखिया आशा देवी एवं उनके प्रतिनिधि कर्णदेव कुमार ने बताया कि दरदरी गांव के लगभग 152 घर में पानी प्रवेश कर गया है. मनोर नदी की तेज धारा के कारण दरदरी निवासी संतोष कुमार, प्रेम महतो, श्याम नारायण, परदेशी कुमार, कर्णदेव पटवारी के घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं.घर में फंस गयी थी गर्भवती महिला व बच्ची

मनोर नदी में बाढ़ की तेज धार की चपेट में आकर संतोष महतो का घर पूरी तरह गिर गया. जबकि तीन अन्य घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए. वही संतोष महतो के घर में उस समय कुछ लोग फंसे हुए थे, जिनमें एक गर्भवती महिला व बच्ची भी शामिल थी. बारिश और पानी के बीच जान जोखिम में डालकर ग्रामीणों ने सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला. बताया गया कि संतोष बाहर मजदूर के लिए गाया है और मां व पत्नी के साथ दो बच्ची घर पर अकेले थी.

बांध टूटने से धान का फसल हुआ नुकसान

किसान चंद्रिका महतो, मथुरा पटवारी पटवारी विश्वनाथ महतो आदि किसान ने बताया कि इस वर्ष मनोर नदी के बांध टूटने से हम किसानों के खेत में लगे धान की फसल भी बाढ़ में बह गए हैं. करीब 20 एकड़ में लगी धान की फसल बाद में बह गयी है. किसानों की चिंताएं बढ़ गयी है. बांध टूटने के कारण खेतों में भारी मात्रा में सिल्ट भर गया है और धान की बाली ढक गया है.

बाढ़ से हुई क्षति का किया जा रहा आकलन

वही सीओ बगहा दो रवि प्रकाश चौधरी ने बताया कि गांव में नदी का पानी प्रवेश कर गया था. जिससे जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित हो गया था. उन्होंने बताया कि गांव के 152 लोग लोगों के घर में पानी घुस गया था. उन्हें चिन्हित करते हुए देर शाम सुखा राशन वितरित किया गया. सीओ ने बताया कि मनोर नदी का पानी दरदरी गांव से निकल चुका है. जिससे लोगों ने राहत की सांस ली है. उन्होंने बताया कि क्षति का आकलन किया जा रहा है.

ग्रामीणों ने की पक्का बांध की मांग

ग्रामीण संजय महतो, रामलाल महतो, रामलाल महतो, शंभू महतो, बलदेव महतो, माथुर पटवारी, सोहर महतो, सुरेश महतो, दीप नारायण महतो, कृष्ण मोहन महतो, हरेंद्र महतो, जीत नारायण महतो आदि ने बताया कि एक माह पहले ही बालू का यह बांध क्षतिग्रस्त हो गया था. जिसकी जानकारी संबंधित ठेकेदार व विभाग को दी गयी थी. लेकिन समय मरम्मति नहीं होने के कारण यह हादसा हुआ. ग्रामीणों ने पक्का बांध की मांग की है. ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति से बचा जा सके.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
SATISH KUMAR

लेखक के बारे में

By SATISH KUMAR

SATISH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन