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मदनपुर-वाल्मीकिनगर स्टेट हाईवे पर अलग-अलग जगहों पर दिखा गेंडा व हिरण का झुंड

वीटीआर के सदाबहार जंगलों के बीचों बीच धार्मिक स्थल व रोमांचकारी यात्राओं में बाघ सहित अन्य जंगली जानवरों को देखने का रोमांच ही अलग होता है.

हरनाटांड़. वीटीआर के सदाबहार जंगलों के बीचों बीच धार्मिक स्थल व रोमांचकारी यात्राओं में बाघ सहित अन्य जंगली जानवरों को देखने का रोमांच ही अलग होता है. बाघ, गेंडा, भालू और हिरण सहित अन्य जानवर जंगल सफारी के दौरान दिखाई दे जाते हैं. लेकिन वीटीआर के बीचों बीच मदनपुर-वाल्मीकिनगर मुख्य स्टेट हाईवे मार्ग पर जंगल से निकलकर एक गेंडा और हिरण का झुंड बाहर आकर मुख्य सड़क पर नजर आया है. वही दूसरी ओर वन प्रमंडल एक के गोबर्धना क्षेत्र के जंगल में सफारी के दौरान सैलानियों ने बाघ का दीदार किया. जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है. जिसे देखकर वहां से गुजर रहे पर्यटक रोमांचित हो उठे. उन्होंने गाड़ी में से इस खूबसूरत दृश्य को कैमरे में फोटो और वीडियो के रूप में कैद भी किया. बताया जा रहा है गेंडा ना गाड़ियों से डर रहा था और ना ही गाड़ियों के लाइट से. कुछ देर बाद गेंडा के ऊपर गाड़ी की रोशनी पड़ी तो वो बड़े ही आराम से सड़क से उतरकर जंगल की ओर चला गया. वही दूसरे ओर हिरण के झुंड भी जंगल के एक किनारे से सड़क पार करते हुए दूसरे किनारे आराम से दौड़ रहे थे. सैलानी अशोक निषाद, जयप्रकाश, दीनानाथ, पुरुषोत्तम, सुभाष यादव आदि ने बताया कि मुख्य सड़क पर विशाल गेंडा देखा गया. गेंडा देख सैलानी रोमांचित हो कहने लगे ऐसा गेंडा तो फोटो या टीवी में देखने को मिला था. पहली बार सामने से दीदार का अवसर मिला.जंगल सफारी के दौरान सैलानियों को दिखा बाघ

वीटीआर के वन प्रमंडल 1 के गोबर्धना वन प्रक्षेत्र के जंगल में सफारी भ्रमण करने पहुंचे समीर अहमद अपने दोस्तों के साथ गोबर्धना जंगल में जंगल सफारी का लुत्फ उठाएं. जहां सफारी के दौरान उनको बाघ दिख गया. रॉयल बंगाल टाइगर देख समीर अहमद के सभी दोस्तों की प्रसन्नता चरम पर रही. फिर अन्य कई वन्यजीवों का स्वछंद दीदार हुआ. उनकी यह हसरत वीटीआर जंगल में भ्रमण मे पूरी हो गयी.

वाल्मीकिनगर में रात में रहे सावधान

अगर आप वाल्मीकिनगर घूमने के लिए आ रहे हैं तो रात में सावधानी बरतते हुए सड़कों पर निकलें. क्योंकि वाल्मीकिनगर में जैसे-जैसे रात का अंधेरा होने लगता है वैसे-वैसे वन्यजीवों का सड़कों पर विचरण शुरू हो जाता है. हालांकि खुले में जंगली जीवों के विचरणे का दृश्य काफी मनोरम दिखता है. लेकिन रात में वाल्मीकिनगर के सड़कों पर निकलना खतरनाक हो सकता है.

अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय स्तर से लगातार मिल रही प्रशंसा

हैबिटेट प्रबंधन के मामले में वीटीआर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसा मिल चुकी है. तीन वर्ष वीटीआर को कैट्स एक्रिडेशन हो चुका है. यह मिलने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर की मान्यता पाने वाला वीटीआर देश 14 वां टाइगर रिजर्व हो गया है. वीटीआर बायोडायवर्सिटी के लिए भी अवार्ड मिल चुका है. पूर्व में गुवाहाटी से आए एनटीसीए आईजी डब्लू लोंगवा ने मंगुराहा, गोवर्धना, रघिया प्रक्षेत्र के अंदर से 200 किलोमीटर का दौरा किया था. अपनी टिप्पणी में वन्य जीव प्रबंधन के लिए वीटीआर को अच्छा कहा था.

वन्यजीव की संख्या में लगातार हो रही बढ़ोतरी

वीटीआर के वन संरक्षक सह क्षेत्र निदेशक डॉ. नेशामणि के. ने बताया कि वीटीआर में बाघ, तेंदुआ, हिरण, सांभर आदि विभिन्न प्रकार के वन्यजीव की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. सड़क पर तेंदुआ, बाघ, गेंडा के साथ शाकाहारी वन्यजीवों को सड़कों पर टहलने व देखे जाने से इनकार नहीं किया जा सकता है. जब सड़कों पर आवागमन बंद होने से सड़क सुनसान हो जाते हैं तो वन्य जीव निकल कर सड़क पार कर इधर-उधर भ्रमण करते रहते हैं. वीटीआर के जंगल व धार्मिक स्थल, वन्यजीवों का भ्रमण करना पर्यटकों को आकर्षित करती.

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