भोजन की तलाश में रिहायशी इलाके में पहुंची भालू, वन विभाग ने लोगों को किया सतर्कतीन महीने से गंडक कॉलोनी के आसपास मादा भालू बना रही है मूवमेंट

सांकेतिक तस्वीर
वाल्मीकिनगर के गंडक कॉलोनी में एक मादा भालू अपने शावक के साथ रिहायशी इलाके में पहुँच गई, जिससे लोगों में दहशत फैल गई। पिछले तीन महीनों से यह भालू लगातार आबादी वाले क्षेत्रों में देखी जा रही है।
Bettiah News: वाल्मीकिनगर के गंडक कॉलोनी क्षेत्र में मंगलवार की आधी रात उस समय दहशत फैल गई, जब एक मादा भालू अपने शावक के साथ रिहायशी इलाके में पहुंच गई. रात करीब 12 बजे कॉलोनी की सड़कों पर भालू को घूमते देख लोगों में अफरा-तफरी मच गई. करीब आधे घंटे तक इलाके में रहने के बाद मादा भालू सुरक्षित जंगल की ओर लौट गई.
Valmikinagar News: कुत्ते भौंकते रहे, शांत रही मादा भालू
स्थानीय लोगों के अनुसार मादा भालू के पीछे कई आवारा कुत्ते लगातार भौंकते रहे, लेकिन उसने किसी पर हमला नहीं किया. इस दौरान उसने कॉलोनी परिसर के पेड़ों के नीचे गिरे आम खाए और फिर अपने शावक के साथ जंगल की ओर लौट गई. घटना के बाद पूरे इलाके में भय का माहौल बना हुआ है.
तीन महीने से लगातार दिख रही है मादा भालू
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है. पिछले करीब तीन महीनों से यही मादा भालू अपने शावकों के साथ गंडक कॉलोनी और आसपास के क्षेत्रों में लगातार देखी जा रही है. भोजन की तलाश में वह अक्सर जंगल से निकलकर आबादी वाले इलाके में पहुंच जाती है. इसके कारण शाम ढलते ही लोग घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं.
वन विभाग ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील
वाल्मीकिनगर रेंजर सत्यम कुमार ने लोगों से अपील की है कि भालू दिखाई देने पर उसके पास जाने, भीड़ लगाने या उसे उकसाने की कोशिश न करें. रात में अनावश्यक रूप से घरों से बाहर निकलने से बचें और किसी भी वन्यजीव की सूचना तुरंत वन विभाग को दें.
विशेषज्ञों ने बताया समाधान
प्रकृति प्रेमी मनोज कुमार ने कहा कि जंगल के भीतर भालुओं के पसंदीदा फलदार और खाद्य पौधों का बड़े पैमाने पर रोपण किया जाना चाहिए, ताकि उन्हें भोजन की तलाश में रिहायशी इलाकों में न आना पड़े. विशेषज्ञों का मानना है कि मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए संरक्षण और प्रभावी निगरानी बेहद जरूरी है.
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