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बगहा में झोलाछाप डॉक्टरों का फैला जाल: इलाज के नाम पर बिक रहा मौत, स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई सवालों के घेरे में

Updated at : 13 Dec 2025 5:51 PM (IST)
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बगहा में झोलाछाप डॉक्टरों का फैला जाल: इलाज के नाम पर बिक रहा मौत, स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई सवालों के घेरे में

नगर क्षेत्र सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में अवैध क्लीनिकों और फर्जी डिग्रीधारी चिकित्सकों का जाल तेजी से फैलता जा रहा है.

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बगहा. नगर क्षेत्र सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में अवैध क्लीनिकों और फर्जी डिग्रीधारी चिकित्सकों का जाल तेजी से फैलता जा रहा है. बगहा एक-दो, चखनी, भैरोगंज, रामनगर, चौतरवा, हरनाटांड़, वाल्मीकि नगर, सेमरा जैसे क्षेत्रों में बिना वैध पंजीकरण और सरकारी मान्यता के दर्जनों क्लिनिक धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं. इन क्लिनिकों में न तो योग्य चिकित्सक मौजूद हैं और न ही इलाज की कोई मानक व्यवस्था, इसके बावजूद गरीब और ग्रामीण मरीज मजबूरी में इन्हीं झोलाछाप डॉक्टरों के पास इलाज कराने पहुंच रहे हैं. सूत्रों के अनुसार, गलत दवा, गलत इंजेक्शन और समय पर सही इलाज न मिलने के कारण कई मरीजों की जान जा चुकी है. मौत के ये मामले केवल सामान्य बीमारियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनमें प्रसव, तेज बुखार, पेट दर्द, संक्रमण और अन्य गंभीर बीमारियां भी शामिल हैं.कई बार मरीज की हालत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी होती है.चौंकाने वाली बात यह है कि इन मौतों और शिकायतों के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई केवल कागजी जांच तक ही सिमट कर रह जाती है.जांच रिपोर्ट तैयार होती है, नोटिस जारी किए जाते हैं, लेकिन क्लिनिक सील करने या दोषी चिकित्सकों पर सख्त कानूनी कार्रवाई शायद ही कभी देखने को मिलती है.कुछ दिनों के लिए क्लिनिक बंद होते हैं और फिर नए नाम या नई जगह से दोबारा खुल जाते है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि अवैध क्लीनिकों के संचालन में विभागीय मिलीभगत भी एक बड़ा कारण है.कई झोलाछाप चिकित्सक फर्जी मेडिकल डिग्री या किसी दूसरे की डिग्री के सहारे इलाज कर रहे हैं, जबकि कहीं-कहीं बिना किसी डिग्री के ही खुद को डॉक्टर बनकर मरीजों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है.इन क्लीनिकों में न मरीजों का कोई रिकॉर्ड रखा जाता है और न ही आपात स्थिति से निपटने की कोई सुविधा होती है. ग्रामीण और गरीब आबादी के लिए सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पहले से ही कमजोर स्थिति में है.प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और अनुमंडलीय अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी, दवाओं का अभाव और समय पर इलाज न मिल पाने के कारण लोग मजबूरी में निजी क्लीनिकों की ओर रुख करते हैं.इसी मजबूरी का फायदा उठाकर फर्जी चिकित्सक खुलेआम लोगों की जान से खेल रहे हैं .स्वास्थ्य विभाग समय-समय पर जांच अभियान चलाने की बात तो करता है, लेकिन जमीन पर इसका असर बेहद सीमित नजर आता है. इससे विभाग की कार्यशैली और गंभीरता पर सवाल खड़े हो रहे हैं . बोले पीएससी प्रभारी वही इस बाबत पूछे जाने पर पीएससी प्रभारी डॉ. एसएन. महतो एवं बगहा दो के पीएचसी प्रभारी डॉ.राजेश कुमार सिंह ‘नीरज’ ने बताया कि विभागीय आदेश के आलोक में लगातार जांच और कार्रवाई की जा रही है . बोले जिला सिविल सर्जन इस बाबत जिला सिविल सर्जन डॉ विजय कुमार से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि सभी पीएचसी प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्र में क्लीनिकों की जांच कर कार्रवाई करने का आदेश दिया गया है.आम लोगों को भी अवैध क्लिनिक और फर्जी डिग्रीधारी चिकित्सकों के पास जाने से परहेज करना चाहिए.जल्द ही फिर से सघन कार्रवाई अभियान शुरू किया जाएगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SATISH KUMAR

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By SATISH KUMAR

SATISH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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