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कोर्ट में गवाही के दौरान आरोपी को पहचानने से सिपाहियों ने किया इंकार, दोनों निलंबित

Updated at : 09 Jun 2025 6:37 PM (IST)
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कोर्ट में गवाही के दौरान आरोपी को पहचानने से सिपाहियों ने किया इंकार, दोनों निलंबित

बेतिया जिला बल में तैनात सिपाही परमानंद रजक एवं रंजीत कुमार को कोर्ट में आरोपी को पहचानने से मुकरना मंहगा पड़ गया है.

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बेतिया. बेतिया जिला बल में तैनात सिपाही परमानंद रजक एवं रंजीत कुमार को कोर्ट में आरोपी को पहचानने से मुकरना मंहगा पड़ गया है. कोर्ट में होस्टाईल होने पर पुलिस अधीक्षक डा. शौर्य सुमन ने इसे गंभीरता से लेते हुए दोनों को निलंबित कर दिया है. पुलिस सूत्रों ने बताया कि पुलिस अधीक्षक डा. शौर्य सुमन ने विगत दिनों अभियोजन पदाधिकारियों, लोक अभियोजक एवं अन्य अधिकारियों के साथ न्यायालय में चल रहे विचारण के मामलों की समीक्षा की. समीक्षा के दौरान जानकारी प्राप्त हुई कि वर्ष 2024 में सिकटा में पदस्थापित सिपाही परमानंद रजक एवं रंजीत कुमार की गवाही कोर्ट में थी. सिकटा के एक मामले में वे साक्षी थे. साक्ष्य देने के समय इन दोनों ने आरोपी की पहचान करने से इंकार कर दिया. जबकि उस मामले में दोनों सिपाही स्वयं जख्मी भी हुए थे और इनके समक्ष आरोपी की गिरफ्तारी हुई थी. मामला यह है कि वर्ष 2024 में 12 अप्रैल को सिकटा थाना क्षेत्र के झुमका में पुलिस छापामारी करने गयी थी. जिसमें उक्त दोनों सिपाही भी छापामारी टीम में शामिल थे. छापामारी के दौरान सिकटा थाना कांड संख्या 151/23 के आरोपी शमीम आलम की गिरफ्तारी के दौरान पुलिस टीम पर हमला भी बोला गया था. जिसमें दोनों सिपाही भी चोंटिल हुए थे और शमीम आलम को हमलावर जबरन छुड़ाकर भाग गये थे. इस मामले में दोनों सिपाहियों के चश्मदीद गवाह होने के बावजूद न्यायालय में पहचानने से इंकार कर देना एसपी ने गंभीरता से लिया है. एसपी ने इस मामले में दोनों सिपाहियों की आरोपी के साथ संलिप्तता प्रतीत होना बताया है. इसे एसपी ने अपने कर्तव्य से विमुख होने, अनुशासनहीनता, कर्तव्यहीनता एवं संदिग्ध आचरण बताते हुए तत्काल प्रभाव से दोनों को निलंबित कर दिया है. पुलिस प्रवक्ता ने बताया है कि अपने कर्तव्य के प्रति लापरवाही बरतनेवाले किसी भी पुलिस कर्मी या पुलिस पदाधिकारियों को बख्शा नहीं जायेगा. मनुआपुल में पदस्थापित दारोगा निलंबित, विभागीय कार्रवाई शुरु –गाली गलौज का वीडियो वायरल होने पर एसपी ने की कार्रवाई बेतिया शहर से सटे मनुआपुल थाना में पदस्थापित दारोगा आनंद शरीफ मिंच को पुलिस अधीक्षक डा. शौर्य सुमन ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. इसे साथ हीं उसके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई भी आरंभ किया गया है. यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर एक वीडियो के वायरल होने के बाद एसपी ने की है. पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि आठ जून को सोशल मीडिया के माध्यम से पुलिस को एक वीडियो प्राप्त हुआ था. वीडियो में एक पुलिस पदाधिकारी किसी मामले को लेकर आम पब्लिक से अभद्र तरीके से गाली-गलौज और मारपीट करते नजर आ रहे थे. वीडियो सत्यापन करने पर पता चला की वीडियो में पुअनि. आनंद शरीफ मिंच है, जो मनुआपुल थाना में पदस्थापित हैं. एसपी ने इसे गंभीरता से लिया और तत्काल प्रभाव से दारोगा को निलंबित कर दिया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SATISH KUMAR

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