Begusarai News : बीहट मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक को मिला राष्ट्रीय शिक्षाग्रह पुरस्कार-2025

Begusarai News : राजकीयकृत मध्य विद्यालय,बीहट के प्रधानाध्यापक रंजन कुमार को विद्यालय नेतृत्व, नवाचार और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से शैक्षिक उत्कृष्टता स्थापित करने के लिए शिक्षाग्रह पुरस्कार-2025 से सम्मानित किया गया.
बीहट. राजकीयकृत मध्य विद्यालय,बीहट के प्रधानाध्यापक रंजन कुमार को विद्यालय नेतृत्व, नवाचार और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से शैक्षिक उत्कृष्टता स्थापित करने के लिए शिक्षाग्रह पुरस्कार-2025 से सम्मानित किया गया. यह सम्मान उन्हें बेंगलुरु के प्रेस्टीज सेंटर फॉर परफॉर्मिंग आर्ट्स में आयोजित भारत के सबसे बड़े शिक्षा नेतृत्व संवाद कार्यक्रम इन्वोक इडी के चौथे अधिवेशन में प्रदान किया गया. श्री कुमार को इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग,शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार के मुख्य सचिव संजय कुमार (आइएएस) और इंफोसिस के सह-संस्थापक एवं शिक्षालोकम के संस्थापक एसडी शिबुलाल के हाथों प्रशस्ति पत्र एवं ट्रॉफी प्रदान किया गया.
नाम की घोषणा होते ही सम्मान में तालियों से गूंज उठा सभागार
पुरस्कार समारोह में अमेरिका, इंग्लैंड, ब्राजील, जापान, केन्या, सिंगापुर, इंडोनेशिया, फिलीपींस, वेनेजुएला, दक्षिण अफ्रीका आदि सहित 24 से अधिक देशों के शिक्षाविद ,नीति-निर्माता, निजी कॉर्पोरेट क्षेत्रों सामाजिक संगठनों और मीडिया हाउस के प्रतिनिधि उपस्थित थे. जैसे ही शिक्षाग्रह पुरस्कार 2025 के विजेताओं के नाम घोषित हुए पूरा सभागार, रंजन कुमार, रजीता एन, जेवियर चंद्रकुमार और मुस्कान अहिरवार के सम्मान में तालियों से गूंज उठा.रंजन का नेतृत्व पूरे देश के लिए है है प्रेरणास्रोत : प्रो डॉ एस सुब्रमण्यम रंगन
निर्णायक मंडल के अध्यक्ष और प्रख्यात प्रबंधन शिक्षाविद प्रो डॉ एस सुब्रमण्यम रंगन ने कहा कि रंजन कुमार ने सीमित संसाधनों के बीच विद्यालय को उत्कृष्टता के शिखर तक पहुंचाने का अनुकरणीय कार्य किया है. उनका नेतृत्व पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है. शिक्षा मंत्रालय के मुख्य सचिव संजय कुमार (आइएएस) ने कहा कि शिक्षा में स्थायी बदलाव लाने के लिए सामुदायिक सहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण है. रंजन कुमार ने इसे साकार कर सरकारी विद्यालयों के लिए नया मानक स्थापित किया है. पुरस्कार ग्रहण करते हुए रंजन कुमार ने कहा यह सम्मान हमारे विद्यालय के शिक्षकों, छात्रों, अभिभावकों और पूरे समुदाय के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है. हम अब और अधिक मेहनत के साथ सरकारी शिक्षा प्रणाली के बच्चों और शिक्षकों को शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों की ओर ले चलने को प्रतिबद्ध रहेंगे.चार लोगों को इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए विजेता के तौर पर चुना गया
पूरे देश स्तर पर चिह्नित किए गए 400 से अधिक नामांकनों के बीच लगातार दो माह तक कठोर चयन प्रक्रिया के उपरांत रंजन कुमार सहित कुल चार लोगों को इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए चुना गया. निर्णायक मंडल में भारत सरकार की पूर्व शिक्षा सचिव अनीता करवाल, रमन मैग्सेसे पुरस्कार विजेता एवं गूंज के संस्थापक अंशू गुप्ता, ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्री प्रो. स्टीफन डेर्कोन,पद्मश्री सुधा वर्गीज और शिक्षाविद डॉ. उर्वशी साहनी जैसे विशेषज्ञ शामिल थे.इस अवसर पर मैग्सेसे विजेता अंशू गुप्ता, मैसूर के महाराज यदुवीर वाडियार, अफ्रीका सस्टेनेबल के मैनेजर जेम्स पार्कर, केन्या की कैरोलिन वेन्योनल, श्वाब फाउंडेशन के निदेशक डॉ. फ्रांसवा बोनिची, फोर्ड फाउंडेशन इंडिया की क्षेत्रीय निदेशक रेशमा आनंद, माइकल एंड सुसान डेल फाउंडेशन के निदेशक समर बजाज सहित कई देश के शिक्षा प्रतिनिधियों ने रंजन कुमार को बधाई दी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




