बेगूसराय के सिमरिया धाम में स्वामी चिदात्मन जी का जन्मोत्सव, उमड़े श्रद्धालु

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स्वामी चिदात्मनजी महाराज का जन्मोत्सव मनाते श्रद्धालु

स्वामी चिदात्मनजी महाराज का जन्मोत्सव मनाते श्रद्धालु

Swami Chidatman Ji Maharaj Birth Anniversary : बेगूसराय के सिद्धाश्रम सिमरिया धाम में हरिशयन एकादशी के अवसर पर स्वामी चिदात्मन जी महाराज का जन्मोत्सव उत्साह के साथ मनाया गया. इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं ने मिथिला की पारंपरिक रीति-रिवाजों से उनका सम्मान किया और विशेष आशीर्वाद प्राप्त किया.

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Swami Chidatman Ji Maharaj Birth Anniversary : बेगूसराय जिले के बीहट स्थित सिद्धाश्रम सिमरिया धाम में हरिशयन एकादशी के पावन अवसर पर भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला. यहां श्रद्धालुओं ने सर्वमंगला के अधिष्ठाता स्वामी चिदात्मन जी महाराज का जन्मोत्सव बड़े ही धूमधाम और उल्लास के साथ मनाया. इस मौके पर सर्वमंगला केंद्रीय समिति और बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं ने स्वामी जी का पारंपरिक रूप से सम्मान किया और उनका विशेष आशीर्वाद प्राप्त किया.

मिथिला परंपरा से हुआ स्वामी जी का सम्मान

सिद्धाश्रम सिमरिया धाम के प्रांगण में आयोजित इस भव्य समारोह में श्रद्धालुओं ने स्वामी चिदात्मन जी महाराज का जोरदार स्वागत किया. सर्वमंगला केंद्रीय समिति और उपस्थित भक्तों ने उन्हें मिथिला का पारंपरिक पाग, अंगवस्त्र और पुष्प गुच्छ भेंट कर सम्मानित किया. इसके बाद ज्ञान दीप प्रज्वलित कर बड़े ही भक्ति भाव से सामूहिक गुरु वंदना की गई.

मां सर्वमंगला की हुई विशेष पूजा-अर्चना

समारोह से पूर्व स्वामी चिदात्मन जी महाराज ने परिसर में स्थित मां सर्वमंगला की विशेष पूजा-अर्चना की. उन्होंने माता से समस्त समाज और विश्व के कल्याण के लिए प्रार्थना की. इसके बाद स्वामी जी ने समारोह में उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को अपना विशेष आशीर्वाद देकर उन्हें अनुग्रहित किया.

अज्ञानता दूर करने के लिए होता है गुरु का अवतरण

इस पावन अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए स्वामी चिदात्मन जी महाराज ने अपने आशीर्वचन दिए. उन्होंने कहा कि गुरु का अवतरण समाज से अज्ञान, अंधविश्वास और आत्म-विस्मृति को दूर करने के लिए होता है. जब-जब मानव मन भ्रमित होता है, तब संत और सद्गुरु का अवतरण जीव को पुनः धर्म, सेवा और परमात्मा के मार्ग पर अग्रसर करता है.

गुरु कृपा से ही संभव है मोक्ष

स्वामी जी ने गुरु की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि सद्गुरु का अवतरण केवल शरीर का जन्म नहीं है, बल्कि धरा पर दिव्य चेतना और ब्रह्मज्ञान का साक्षात प्राकट्य है. आध्यात्मिक दृष्टि से यह दिन आत्मा के परमात्मा से जुड़ने का माध्यम बनने वाली शक्ति के आगमन का उत्सव है. यह अवसर शिष्य को याद दिलाता है कि गुरु की कृपा से ही स्वरूप-ज्ञान और मोक्ष संभव हो सकता है.

समारोह में इन श्रद्धालुओं की रही मौजूदगी

जन्मोत्सव के इस पावन मौके पर बड़ी संख्या में गणमान्य लोग और श्रद्धालु मौजूद रहे. इनमें सिद्धाश्रम के व्यवस्थापक रविंद्र ब्रह्मचारी, राज किशोर प्रसाद सिंह, दिनेश प्रसाद सिंह, नवीन प्रसाद सिंह, श्याम किशोर सहाय, नीलमणि रंजन, प्रो प्रेम विनय झा, निपेंद्र सिंह, तरुण सिंह, सुदर्शन सिंह, बबलू सिंह, उषा रानी, पं नारायण झा, राजेश झा, दिनेश झा, राम, लक्ष्मण और श्याम सहित अन्य कई श्रद्धालु उपस्थित थे. आश्रम में आगे भी इसी प्रकार धर्म और जनसेवा के कार्य निरंतर जारी रहेंगे.

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Bipin Kumar Raj

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