Begusarai News: रटने की जगह व्यावहारिक कौशल पर जोर, सेंट पॉल पब्लिक स्कूल में CBSE की कार्यशाला

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कार्यशाला में आगत अतिथियों का स्वागत करते निदेशक  | Prabhat Khabar Network

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सेंट पॉल पब्लिक स्कूल, तेघड़ा में CBSE द्वारा 'योग्यता-आधारित प्रशिक्षण एवं मूल्यांकन' विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. इसका मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों से जोड़कर छात्रों में व्यावहारिक कौशल और विश्लेषणात्मक समझ विकसित करना है.

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Begusarai News: जिले के तेघड़ा स्थित प्रतिष्ठित सेंट पॉल पब्लिक स्कूल में सीबीएसई (CBSE) पटना जोन के तत्वावधान में शिक्षकों के क्षमता संवर्धन हेतु “योग्यता-आधारित प्रशिक्षण एवं मूल्यांकन” विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया. कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों से जोड़ना था, जिससे छात्रों में पारंपरिक रटंत विद्या के बजाय व्यावहारिक दक्षता, विश्लेषणात्मक समझ और वास्तविक कौशल का विकास किया जा सके.

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दीप प्रज्वलन और सांस्कृतिक प्रस्तुति से आगाज

कार्यशाला का शुभारंभ विद्यालय के प्रबंधक सुनील कुमार सिंह, रिसोर्स पर्सन व डीएवी के प्राचार्य नीरज कुमार सिंह, रिसोर्स पर्सन अनमोल कुमार दुबे, प्राचार्या तनु सौरभ तथा समन्वयक राम कुमार मिश्रा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. इसके बाद छात्र-छात्राओं ने मनमोहक गणेश वंदना प्रस्तुत की. वहीं छात्रा सृष्टि एवं उनकी टीम द्वारा शास्त्रीय संगीत पर प्रस्तुत स्वागत नृत्य ने उपस्थित अतिथियों व शिक्षकों को मंत्रमुग्ध कर दिया. प्रबंधक सुनील कुमार सिंह ने दोनों रिसोर्स पर्सनों को अंगवस्त्र एवं पुष्प-गुच्छ भेंट कर सम्मानित किया.

रटंत विद्या नहीं, व्यावहारिक क्षमता निर्माण ही लक्ष्य

प्राचार्या तनु सौरभ के स्वागत भाषण के बाद औपचारिक प्रशिक्षण सत्र शुरू हुआ. सत्र को संबोधित करते हुए रिसोर्स पर्सन नीरज कुमार सिंह और अनमोल कुमार दुबे ने बताया कि "योग्यता-आधारित शिक्षा (Competency-Based Learning) का मूल आधार यह तय करना है कि विद्यार्थी निर्धारित मानक के अनुरूप दक्षता हासिल कर पा रहा है या नहीं, न कि केवल यह देखना कि उसने पाठ्यक्रम पूरा करने में कितना समय बिताया." उन्होंने कहा कि इस प्रणाली का ध्येय विद्यार्थियों को परीक्षा केंद्रित रटने की आदत से निकालकर वास्तविक जीवन और भविष्य की पेशेवर चुनौतियों के लिए तैयार करना है.

पारदर्शी मूल्यांकन और व्यक्तिगत शिक्षण पर बल

विशेषज्ञों ने रेखांकित किया कि कक्षा के प्रत्येक बच्चे की सीखने की गति और क्षमता भिन्न होती है. ऐसे में योग्यता-आधारित व्यवस्था के तहत धीमी गति से सीखने वाले विद्यार्थियों को अतिरिक्त सहायता व समय दिया जाता है, जबकि तेजी से सीखने वाले छात्रों को आगे बढ़ने के अवसर मिलते हैं. इससे न सिर्फ विद्यार्थियों का आत्मविश्वास मजबूत होता है, बल्कि परीक्षा और मूल्यांकन भी अधिक निष्पक्ष, पारदर्शी तथा परिणामपरक बनता है.

शिक्षक समुदाय रहा उपस्थित

कार्यक्रम का समापन विद्यालय समन्वयक राम कुमार मिश्रा के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ. इस दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक एवं गैर-शैक्षणिक कर्मी मुख्य रूप से उपस्थित रहे, जिनमें सुरेंद्र कुमार सिंह, राकेश कुमार, संजीत कुमार, रंजीत कुमार, संजीव कुमार सिंह, दीपक कुमार, राज किशोर कुमार, अविनाश कुमार मिश्रा, प्रीति प्रिया और रीना कुमारी शामिल हैं.

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