Begusarai News: बलिया में बाल वैज्ञानिकों का कमाल, कचरा और जल प्रबंधन पर पेश किए शानदार मॉडल

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विज्ञान प्रतियोगिता का प्रदर्शन करते छात्र | Prabhat Khabar Network

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बलिया के प्रोजेक्ट गर्ल्स हाई स्कूल में अनुमंडल स्तरीय बाल विज्ञान कांग्रेस का आयोजन किया गया. विद्यार्थियों ने 'निरंतरता के लिए विज्ञान एवं नवाचार' विषय पर 40 से अधिक प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए, जिनमें कचरा और जल प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया गया.

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Begusarai News: जिले के प्रोजेक्ट गर्ल्स हाई स्कूल बलिया में बुधवार को अनुमंडल स्तरीय बाल विज्ञान कांग्रेस 2026 का आयोजन उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ. कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ क्षेत्रीय समन्वयक हर्षवर्धन कुमार, विद्यालय की प्रधानाध्यापिका अर्चना कुमारी, अकादमिक कोऑर्डिनेटर प्रो. संजय कुमार, अनुमंडल समन्वयक अनुरागी चौरसिया तथा प्रखंड समन्वयक प्रेरणा कुमारी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. प्रधानाध्यापिका ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए विद्यालय परिसर में इस वैज्ञानिक समागम के आयोजन को संस्थान के लिए गौरवशाली बताया.

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बच्चे ही राष्ट्र के भविष्य: हर्षवर्धन कुमार

बाल वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुए जिला समन्वयक हर्षवर्धन कुमार ने कहा कि "आज के बच्चे ही राष्ट्र के कर्णधार और वास्तविक भविष्य हैं. भारत रत्न व पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम भी कभी सामान्य छात्र थे और आज के यही नन्हे बच्चे भविष्य में महान वैज्ञानिक बनकर देश का नाम रोशन करेंगे." उन्होंने शिक्षकों की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि गुरु ही बच्चों के भीतर छिपी वैज्ञानिक सोच और रचनात्मक प्रतिभा को तराशने में सबसे अहम माध्यम बनते हैं.

निरंतरता के लिए विज्ञान एवं नवाचार पर मंथन

इस वर्ष बाल विज्ञान कांग्रेस का मुख्य विषय "निरंतरता के लिए विज्ञान एवं नवाचार" निर्धारित किया गया था. प्रतियोगिता के दौरान अनुमंडल क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों से आए विद्यार्थियों ने समसामयिक पर्यावरणीय और सामाजिक चुनौतियों के समाधान से जुड़े कुल 40 नवाचारी प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए. हालांकि, क्षेत्र में आई हालिया बाढ़ के कारण दियारा और जलमग्न इलाकों के कई छात्र-छात्राएं इस प्रतियोगिता में भाग लेने से वंचित रह गए.

कचरा प्रबंधन और वैज्ञानिक परंपराओं पर प्रोजेक्ट्स

प्रदर्शनी में छात्र-छात्राओं के नवाचार ने निर्णायकों का ध्यान आकर्षित किया:

  • कचरा प्रबंधन: छात्रा आरती कुमारी ने पर्यावरण संरक्षण और अपशिष्ट के पुनः उपयोग पर आधारित मॉडल पेश किया.
  • जल प्रबंधन: उच्च विद्यालय तरबन्ना की छात्रा उर्वशी कुमारी ने जल संरक्षण और भूजल स्तर सुधार की कार्ययोजना प्रस्तुत की.
  • भारतीय ज्ञान परंपरा: छात्र अर्णव निषाद ने भारतीय संस्कृति और विज्ञान के समन्वय को दर्शाते हुए "पीपल के पेड़ में जल डालना भी क्या विज्ञान है?" विषय पर रोचक शोध प्रोजेक्ट प्रस्तुत किया, जिसे निर्णायकों ने खूब सराहा.

आठ उत्कृष्ट परियोजनाओं का हुआ चयन

प्रतियोगिता में शामिल 40 मॉडलों के वैज्ञानिक विश्लेषण और प्रस्तुतीकरण के आधार पर कुल 8 उत्कृष्ट परियोजनाओं का चयन अगले स्तर के लिए किया गया. प्रो. संजय कुमार के नेतृत्व में गठित निर्णायक मंडल, जिसमें प्रो. चुनचुन कुमार एवं आरपी मंडल शामिल थे, ने निष्पक्ष मूल्यांकन कर परिणाम घोषित किए. कार्यक्रम का समापन प्रखंड समन्वयक प्रेरणा कुमारी द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ.

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