सिमरी बख्तियारपुर स्टेशन पर पैसेंजर ट्रेन में लगी आग, लोगों ने कूदकर बचाई जान; सलौना स्टेशन पर घंटों फंसे यात्री

बखरी के सलौना स्टेशन पर ट्रेन आने के इंतजार में बैठे हुए यात्री
सहरसा-मानसी रेलखंड पर पैसेंजर ट्रेन में आग लगने से परिचालन घंटों बाधित रहा। सलौना स्टेशन पर छात्रों और श्रद्धालुओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
Simri Bakhtiyarpur Train Fire Incident : बेगूसराय जिले के बखरी और आसपास के इलाकों में सोमवार की सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई जब समस्तीपुर–सहरसा रेलखंड पर एक पैसेंजर ट्रेन के इंजन और बोगी में अचानक आग लग गई. सिमरी बख्तियारपुर रेलवे स्टेशन पर हुए इस हादसे के कारण पूरे रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन कई घंटों तक प्रभावित रहा. इसका सीधा असर बेगूसराय के सलौना स्टेशन पर देखने को मिला, जहां बड़ी संख्या में यात्री घंटों तक ट्रेनों का इंतजार करते रहे.
जानकारी के मुताबिक सोमवार की अहले सुबह करीब तीन बजे समस्तीपुर–सहरसा पैसेंजर ट्रेन संख्या 63344 सिमरी बख्तियारपुर स्टेशन पहुंची थी. इसी दौरान ट्रेन के इंजन और एक बोगी से अचानक धुआं उठने लगा. कुछ ही देर में आग की लपटें भी दिखने लगीं. स्थिति को देखते ही स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. ट्रेन में सवार यात्रियों ने घबराकर तुरंत नीचे उतरना शुरू कर दिया.
रेलवे कर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए मौके पर ही आग बुझाने का प्रयास शुरू किया. कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से रेल परिचालन को कुछ समय के लिए रोकना पड़ा. घटना के बाद पूरे रेलखंड पर ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हो गई.
कई ट्रेनें घंटों लेट, यात्रियों की बढ़ी परेशानी
इस घटना का असर सहरसा–समस्तीपुर रेलखंड पर चलने वाली कई ट्रेनों पर पड़ा. बेगूसराय जिले के बखरी सलौना रेलवे स्टेशन पर सुबह से ही यात्रियों की भीड़ जमा रही. समस्तीपुर से सहरसा जाने वाली सवारी गाड़ी संख्या 55566, जिसका निर्धारित समय सुबह 5:44 बजे था, वह करीब 8:31 बजे स्टेशन पहुंच सकी.
वहीं जानकी एक्सप्रेस 15283 अपने तय समय सुबह 8:23 बजे के बजाय करीब 34 मिनट की देरी से सलौना पहुंची. दूसरी ओर सहरसा से समस्तीपुर जाने वाली जानकी एक्सप्रेस 15284 भी करीब दो घंटे 18 मिनट की देरी से पहुंची. इस ट्रेन का निर्धारित समय सुबह 5:21 बजे था.
इसके अलावा सहरसा–समस्तीपुर पैसेंजर ट्रेन 63345 भी अपने तय समय सुबह 6:34 बजे के बजाय करीब तीन घंटे से अधिक की देरी से चलने की आशंका जताई गई. ट्रेनों की लेटलतीफी के कारण यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा.
छात्रों और श्रद्धालुओं को हुई सबसे ज्यादा दिक्कत
ट्रेनों के घंटों देरी से चलने का सबसे ज्यादा असर रोजाना यात्रा करने वाले छात्र-छात्राओं पर पड़ा. सलौना स्टेशन से हसनपुर, रोसड़ा, समस्तीपुर और खगड़िया पढ़ाई और परीक्षा देने जाने वाले छात्र सुबह से ही स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार करते रहे. कई छात्रों को परीक्षा छूटने की चिंता सताने लगी.
वहीं सावन माह की पहली सोमवारी को गढ़पुरा स्थित बाबा हरिगिरि धाम में जलाभिषेक के लिए जा रहे श्रद्धालुओं की भी मुश्किलें बढ़ गईं. ट्रेनें समय पर नहीं पहुंचने के कारण कई श्रद्धालुओं ने सड़क मार्ग का सहारा लिया और निजी वाहनों से मंदिर के लिए रवाना हुए.
रेलवे कर रहा जांच, सामान्य होने की उम्मीद
इस घटना के बाद पूरे रेलखंड पर यात्रियों की दिनचर्या प्रभावित रही. यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से समय पर सूचना देने और रेल सेवाओं को जल्द सामान्य करने की मांग की. फिलहाल रेलवे प्रशासन की ओर से आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है. शुरुआती स्तर पर तकनीकी गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है, हालांकि जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा.
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