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50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा में लगायी डुबकी

Updated at : 05 Jun 2025 9:54 PM (IST)
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50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा में लगायी डुबकी

प्रतिवर्ष गंगा दशहरा के मौके पर मिथिलांचल की पवित्र तीर्थ स्थली सिमरिया गंगा घाट में स्नान हेतु आस्था का जनसैलाब उमड़ता है.

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बीहट. प्रतिवर्ष गंगा दशहरा के मौके पर मिथिलांचल की पवित्र तीर्थ स्थली सिमरिया गंगा घाट में स्नान हेतु आस्था का जनसैलाब उमड़ता है. गंगा दशहरा पर स्नान का विशेष महत्व देखते हुए बुधवार की शाम से ही सड़क व रेल मार्ग से श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था.ज्ञात हो कि गंगा दशहरा के मौके पर बेगूसराय के अलावे समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, लखीसराय, शेखपुरा सहित आसपास के जिले से लोग गंगा स्नान के लिये सिमरिया घाट पहुंचते हैं. मगर यहां आकर मूलभूत सुविधा के लिये तरस कर रह जाते है.घाट के खराब चापाकल उनका मुंह चिढाते नजर आते हैं और तब ऊंचे दाम पर पानी खरीदकर पीने की मजबूरी सिमरिया घाट पर सुविधा को लेकर सबकुछ बयां कर देता है.

अहले सुबह से ही श्रद्धालुओं ने किया स्नान

गंगा दशहरा को लेकर गुरूवार की अहले सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ गंगा मैय्या की जयकारे के बीच श्रद्धा और आस्था की डुबकी लगायी.50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान कर विभिन्न मठ-मंदिरों में पूजा अर्चना की और परिवार के लिए सुख शांति की मंगलकामना करते हुए दान कर पुण्य के भागी बने.इसके बाद सर्वमंगला आश्रम के स्वामी चिदात्मन जी महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया.उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म में गंगाजल को बेहद पवित्र माना गया है, किसी भी शुभ व मांगलिक कार्य में गंगा जल का प्रयोग किया जाता है. इसलिए गंगा दशहरा का पावन पर्व धूमधाम के साथ मनाया जाता है.

भीड़ के आगे सुविधा नाकाफी

स्नान पर्व की महत्ता के बावजूद जिला प्रशासन व नगर परिषद बीहट के द्वारा गंगा तट पर कोई साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था नहीं की गयी थी. जिसके कारण श्रद्धालुओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा.वहीं शुभ मुहूर्त को लेकर मुंडन करने आये लोगों को काफी फजीहत का सामना करना पड़ा.खास करके पीने के पानी के लिए कोई सुविधा नहीं रहने के कारण लोग भटकते रहे. गंगा सेवा समिति के सचिव रामजी झा ने बताया कि चापाकल के लिए कई बार अनुरोध किया गया लेकिन पीएचइडी विभाग द्वारा कोई व्यवस्था नहीं किया गया.प्रशासनिक कुव्यवस्था के बीच श्रद्धालु धार्मिक कार्य संपन्न कराने को मजबूर दिखे.लोगों ने बताया कि इस तरह के धार्मिक मौके पर भी गंगा घाट में साफ-सफाई का ध्यान नहीं रखा जाता है.कमतौल मधुबनी से सपरिवार गंगा स्नान करने आये रमापति झा ने कहा सिमरिया घाट पूरे मिथिलांचल की शान है, इस दिशा में किसी तरह की प्रशासनिक विफलता लोगों की श्रद्धा व आस्था से खिलवाड़ करना है.यह सिर्फ एक लोगों की बात नहीं वरन गंगा स्नान करने वाले अनेक श्रद्धालुओं में उपेक्षा का भाव व्यवस्था को लेकर देखा जाता है.

सुरक्षा को लेकर चौकस रहा पुलिस-प्रशासन

गंगा स्नान और धार्मिक कार्य संपन्न कराने आये लोगों की भीड़ की संभावना को देखते हुए खास करके चकिया ओपीध्यक्ष नीरज कुमार चौधरी काफी सतर्क दिखे. महिला-पुरूष जवानों के साथ रात से ही घाटों पर लगातर माॅनीटरिंग करते दिखे.किसी भी अप्रिय घटना से निबटने के लिये एसडीआरएफ व स्थानीय गोताखोरों की टीम को लगाया गया था.गोताखोर अनिल कुमार अपने सहयोगी गोताखोरों के साथ रबर मोटर बोट के सहारे पानी के अंदर और बाहर लगातार पेट्रोलिंग कर रहे थे. सिमरिया गंगा तट तक दो पहिया वाहन बेधड़क दौड़ते रहे.वहीं राजेन्द्र पुल के समीप गोलंबर से लेकर बैरियर तक रूक रूक कर जाम लगता रहा.

गंगा महाआरती का हुआ विशेष आयोजन

गंगा दशहरा के अवसर पर सर्वमंगला परिवार के अधिष्ठाता स्वामी चिदात्मनजी महाराज के सान्निध्य में गंगा महाआरती का विशेष आयोजन कर गंगा की पूजा-अर्चना की गयी. इस अवसर पर यजमानों ने षोडश विधि से पूजा-अर्चना,गंगा की दूध से स्तवन के उपरांत हवन और आरती की.इस अवसर पर स्वामी चिदात्मन जी महाराज ने बताया कि पाप, ताप हारिणी मां गंगा का इस धराधाम पर गंगा दशहरा के दिन ही अवतरण हुआ था.इसीलिए तीनों लोकों में विख्यात मां गंगा का भारतवासी आज के दिन अर्थात गंगा दशहरा को वैदिक विधि से पूजा अर्चना करते हैं. मां गंगा भारत की पहचान है.स्वर्ग की सीढ़ी हैं. दस प्रकार के पाप को हरने वाली दैहिक, दैविक, भौतिक, जानकर, अंजान से कर्म से,तन- मन से,वचन से, संगति से या किसी भी विशेष प्रस्थिति में दिन या रात में पाप हो गया है,आज के दिन स्नान करने से ये सभी नाश हो जाते हैं.सर्वमंगला परिवार के द्वारा अन्यान्य जगहों के अतिरिक्त लगभग चालीस वर्षों से मां गंगा का इस शुभ तिथि में अनवरत पूजा होता आ रहा है.मुख्य यजमान रविन्द्र ब्रह्मचारी, सचिव दिनेश प्रसाद सिंह,मीडिया प्रभारी नीलमणि,अध्यक्ष सुरेंद्र चौधरी, महासचिव राजकिशोर प्रसाद सिंह, शक्ति समिति की उषा रानी,अमरेंद्र कुमार कौशलेंद्र कुमार,पप्पू त्यागी संजयनंद,तरुण सिंह,बबलू सिंह, मुख्य आचार्य पंडित नारायण झा, पंडित रमेश झा, सदानंद झा, पंडित राम झा, श्याम झा, लक्ष्मण झा आदि मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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MANISH KUMAR

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MANISH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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