सात सूत्री मांगों के समर्थन में आशा की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी

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सात सूत्री मांगों के समर्थन में आशा की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी

प्रखंड के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों पर तैनात आशा कार्यकर्ता सात सूत्रीय मांगों के समर्थन में हड़ताल तीसरे दिन गुरूवार को भी जारी रहा.

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नावकोठी. प्रखंड के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों पर तैनात आशा कार्यकर्ता सात सूत्रीय मांगों के समर्थन में हड़ताल तीसरे दिन गुरूवार को भी जारी रहा. बिहार राज्य आशा कार्यकर्ता संघ एक्टू के आवाह्न पर किया गया. आशा कार्यकर्ताओं की हड़ताल से संपूर्ण टीकाकरण कार्यक्रम बाधित रहा. ओपीडी भी ठप रहा. आशा कार्यकर्ता पीएचसी के मेनगेट पर जमा होकर सरकार के विरोध में जमकर नारेबाजी की. संगीता कुमारी ने कहा कि वर्ष 2023 में 32 दिवसीय हड़ताल के क्रम में आशा कार्यकर्ता, फेसिलिटेटर के मासिक मानदेय राशि 1000 रुपये को बढाकर 2500 रुपये करने का निर्णय लिया गया. दो वर्ष बीत जाने के बाद भी राज्य सरकार इसे लागू करने में आनाकानी कर रही है. विभिन्न कार्यों के लिए वर्षों पूर्व तय राशि में केंद्र सरकार के द्वारा 10 वर्षों से कोई पुनरीक्षण नहीं किया गया. पिछला सारा बकाया का भुगतान करने हेतु पोर्टल व्यवस्था में सुधार करने , रिटायरमेंट की आयु 65 वर्ष तथा 10 लाख रुपये, अनिवार्य मासिक पेंशन की सुविधा, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर से जुड़ी आशाओं को देय राशि का भुगतान पोर्टल के माध्यम से करने आदि शामिल हैं. इसमें कविता देवी, सुमित्रा देवी, रौशन कुमारी, रूक्मिणी देवी, अंजु कुमारी, मुनचुन कुमारी, रंजू कुमारी, वंदना कुमारी, वसंती कुमारी, पूनम कुमारी, रीता कुमारी, राधा कुमारी, आशा मिश्रा, मुन्नी कुमारी, शबनम,प्रतिमा आदि शामिल थे.

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