मंदिर दर्शन कार्यक्रम

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अष्ट कमल मंदिर में विराजमान भगवान विष्णु की तस्वीर | Prabhat Khabar Network

बांका के बौंसी स्थित अष्टकमल मंदिर में भगवान विष्णु की पूजा के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। जानिए मंदिर के दर्शन और पूजा की पूरी जानकारी।

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बांका से चंदन कुमार की रिपोर्ट : ---------------------- बौंसी के अष्टकमल मंदिर में उमड़े श्रद्धालु, भगवान विष्णु की पूजा अर्चना ---------------------------------------- फोटो - मंदार स्थित अष्टकमल मंदिर में भगवान विष्णु व माता लक्ष्मी जिले के बौंसी प्रखंड स्थित ऐतिहासिक मंदार की तराई में स्थित पापहारिणी सरोवर के बीच अवस्थित अष्टकमल मंदिर में गुरुवार श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. इस दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान विष्णु की पूजा अर्चना कर परिवार की सुख शांति की कामना की. इसके अलावा विभिन्न मंदिरों में बृहस्पति देव की पूजा की गयी. मान्यता के अनुसार भगवान विष्णु की आराधना से मानसिक शांति मिलती है और परिवार में सुख समृद्धि का वास होता है. पूजा के दौरान श्रद्धालुओं ने पीले फूल, गुड़ व चने की दाल व चावल, हल्दी आदि चढ़ाया. अष्टकमल मंदिर का पट सुबह 5 बजे खुल गया. सुबह 7.30 बजे भगवान की आरती पूजा एवं दोपहर 12 बजे भगवान को भोग लगाया गया. जिसके बाद भगवान शयन कक्ष में चले गए. पुन दोपहर 1 बजे मंदिर का पट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया. संध्या 6.30 बजे पापहारिणी तट पर महाआरंती के बाद भगवान को भोग लगाया गया. शाम में 7.30 बजे के बाद पुन मंदिर का पट बंद हो जाएगा. मंदिर के पुजारी भुवनेश्वर उर्फ भवेश झा, विभूति पाठक व लखन झा ने बताया है कि यहां रोजाना पूरी नेम निष्ठा के बाद वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच पूजा अर्चना होती है. इसके अलावा विभिन्न जगहों पर केले के पेड़ की पूजा की गयी. मान्यता है कि केले के पेड़ में भगवान विष्णु का वास होता है. इस दिन भगवान विष्णु का व्रत और पूजा करने से मनोकामानाएं पूर्ण होती हैं, स्वास्थ्य लाभ होता है और माता लक्ष्मी सदा प्रसन्न रहती हैं. ⁠आज का दर्शन- शहर के भयहरण स्थान एवं बाबूटोला स्थित पंचमुखी मंदिर, जगतपुर स्थित ठाकुरबाड़ी सहित अन्य मंदिरों में सुबह विशेष पूजा अर्चना की गयी. श्रद्धालुओं के लिए मंदिर का पट सुबह 05 बजे ही खुल गया. वहीं मंदार मधुसुदन मंदिर में भगवान की विशेष पूजा अर्चना पूर्वरत कार्यक्रम के अनुसार हुई. सुबह 7:30 बजे पुजारी बिंदेश्वरी उर्फ पटल झा एवं लक्ष्मण झा के द्वारा भगवान का पंचामृत से स्नान कराया गया. दोपहर 12 बजे भगवान को भोग लगाया गया. संध्या 6 बजे श्रृंगार पूजा व भव्य आरती का आयोजन हुआ.

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चंदन कुमार

लेखक के बारे में

By चंदन कुमार

चंदन कुमार बांका में प्रिंट माध्यम में 15 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सामाजिक सरोकार, शिक्षा, अनुसंधान, राजनीति, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

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