दाखिल-खारिज के नाम पर यूपीआई क्यूआरकोड से मांगा जा रहा पैसा, आवेदक परेशान

दाखिल-खारिज के नाम पर यूपीआई क्यूआरकोड से मांगा जा रहा पैसा, आवेदक परेशान
मामला बांका अंचल क्षेत्र के वार्ड नंबर 11 मौजा का पीड़ित ने सीओ को लिखित आवेदन देकर की कार्रवाई की मांग बांका. दाखिल-खारिज के नाम पर विभिन्न अंचलों में अवैध उगाही की चर्चा आमतौर पर बनी रहती हैै. ताजा मामला बांका अंचल क्षेत्र का है, जिसमें एक व्यक्ति ने आवेदक को दाखिल-खारिज के बदले 2900 रुपया की मांग की गयी है. अपने मोबाइल नंबर 9142966977 से काॅल कर कहा कि वह सीओ ऑफिस से बोल रहे है. आवेदक से कहा कि आपका दाखिल-खाजिर का आवेदन है, जिसपर म्यूटेशन के लिए 2900 रुपया लगेगा. इसके लिए उसने आवेदक के वाट्सप्प नंबर पर आवेदन की स्थिति से जुड़ा अप्लीकेशन डिटेल और फिनो बैंक का क्यूआर कोड भेजा. कहा कि यदि आप इसपर पेमेंट नहीं करेंगे तो आवेदन अस्वीकृत कर दिया जायेगा. उसके बाद डीसीएलआर कार्यालय दौड़ते रहिएगा. आवेदक को भेजा गया क्यूआर कोड करण कुमार के नाम से बताया जा रहा है. दरअसल, आवेदक विकास सिंह और उनके साथी विक्रम कुमार सिंह ने बांका नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत वार्ड नंबर 11 में आाध-आधा कट्ठा जमीन क्रय किया था. क्रय के बाद दोनों ने अलग-अलग अपना म्यूटेशन के लिए गत 3 सितंबर 2025 को ही आवेदन किया था. लेकिन, अबतक उनका दाखिल-खारिज नहीं हो पाया है. साथ ही कुछेक त्रुटि निकालकर आवेद को पेंडिंग कर दिया जाता है. उनका कहना है कि जब सरकार ने ऑनलाइन सेवा दी है तो अलग से कुछ देने का कोई मतलब नहीं बनता है. हालांकि, सीधे तौर पर अंचल कर्मी ने पैसे की मांग की है कि नहीं, यह जांच का विषय है. लेकिन, जिस व्यक्ति ने क्यूआरकोड भेजकर पैसे की मांग की है, उसके पास इनके आवेदन का डिटेल कहां से आया है, उसपर जरुर संदेह उत्पन्न होता है. कहते हैं पीड़ित पीड़ित विकास कुमार सिंह ने बताया कि 24 फरवरी को उनके वाट्सप्प पर उनके म्यूटेशन का आवेदन और एक क्यूआरकोड भेजा गया था और भेजने वाले ने खुद को अंचल का स्टाफ बताया और कहा कि 2900 रुपया इसपर पेमेंट कीजिये उसके बाद ही दाखिल-खारिज होगा. अन्यथा आवेदन अस्वीकृत कर दिया जायेगा और उसके बाद डीसीएलआर के पास दौड़ना होगा. जब आवेदक ने इसकी जांच-पड़ताल शुरु की तो वाट्सप्प पर भेजा गया क्यूआरकोड और अन्य जानकारी डिलीट कर दिया. आवेदक के अनुसार उन्होंने गत 3 सितंबर को ही दाखिल-खारिज के लिए आवेदन किया था. लेकिन उनका और उनके साथी विक्रम कुमार सिंह का दाखिल-खारिज नहीं हो पाया है. जबकि, उनके बाद के आवेदन का दाखिल-खारिज हो गया है. विभिन्न स्त्रोतों से बताया गया कि बगैर पैसा लिए दाखिल-खारिज नहीं होगा. कुछ न कुछ कमी निकाल कर आपका आवेदन लटका दिया जायेगा और उनके साथ वही हो रहा है. कहते हैं सीओ दाखिल खारिज के नाम पर पैसा मांगने का एक गिरोह सक्रिय है. जहां से आवेदक का डिटेल निकाल कर उन्हें फोन कर पैसे की मांग करने की शिकायत मिली है. मामले की जानकारी एडीएम को दी गयी है. वहीं साइबर थाना में भी इसकी प्राथमिकी दर्ज करायी जा रही है. नाम दाखिल खारिज में कही कोई पैसा नही लगता है. आमजनों से सतर्क रहने की अपील की जा रही है. प्रियंका कुमारी, सीओ, बांका
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




