चुनाव प्रचार थमा, लोगों ने ली राहत की सांसप्रतिनिधि बौसी: विधानसभा चुनाव को लेकर लंबे और शोरगुल भरे चुनाव प्रचार के बाद आखिरकार रविवार की शाम प्रचार अभियान थम गया है. अब मतदान से पहले की मौन अवधि शुरू हो गई है.सड़कों और गलियों में पिछले कई दिनों से गूंज रहे नारे, रैलियों के लाउडस्पीकर और जनसभाओं की भीड़ से राहत पाकर लोगों ने चैन की सांस ली है.बीते कुछ दिनों से प्रत्याशी और उनके समर्थक दिन-रात प्रचार में जुटे थे.जगह-जगह जनसभाएँ, रोड शो और डोर-टू-डोर कैंपेन के चलते आम लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही थी. ट्रैफिक जाम, लाउडस्पीकरों का शोर और भीड़भाड़ ने नागरिकों को परेशान कर रखा था. सभी प्रत्याशी पूरे जोश, खरोश के साथ मोटरसाइकिल रैली भी निकाल रहे थे.अब चुनाव आयोग के के अनुसार, मतदान से 48 घंटे पहले किसी भी तरह की प्रचार गतिविधि पर प्रतिबंध रहेगा. इस दौरान उम्मीदवार मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश नहीं कर सकेंगे.लोगों का कहना है कि लगातार हो रहे शोर-शराबे से अब थोड़ी शांति मिली है. वहीं, मतदाता अब शांत मन से अपने प्रत्याशी को चुनने की तैयारी में जुट गए हैं. हालांकि चौक चौराहों पर अपने-अपने प्रत्याशी को जिताने की जीतोड़ मेहनत समर्थकों द्वारा की जा रही है. अपने अपने जोड़ घटाव के हिसाब से समर्थन अपने प्रत्याशी की जीत अभी से ही तय कर रहे हैं.

Updated at : 09 Nov 2025 7:38 PM (IST)
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चुनाव प्रचार थमा, लोगों ने ली राहत की सांसप्रतिनिधि बौसी: विधानसभा चुनाव को लेकर लंबे और शोरगुल भरे चुनाव प्रचार के बाद आखिरकार रविवार की शाम प्रचार अभियान थम गया है. अब मतदान से पहले की मौन अवधि शुरू हो गई है.सड़कों और गलियों में पिछले कई दिनों से गूंज रहे नारे, रैलियों के लाउडस्पीकर और जनसभाओं की भीड़ से राहत पाकर लोगों ने चैन की सांस ली है.बीते कुछ दिनों से प्रत्याशी और उनके समर्थक दिन-रात प्रचार में जुटे थे.जगह-जगह जनसभाएँ, रोड शो और डोर-टू-डोर कैंपेन के चलते आम लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही थी. ट्रैफिक जाम, लाउडस्पीकरों का शोर और भीड़भाड़ ने नागरिकों को परेशान कर रखा था. सभी प्रत्याशी पूरे जोश, खरोश के साथ मोटरसाइकिल रैली भी निकाल रहे थे.अब चुनाव आयोग के के अनुसार, मतदान से 48 घंटे पहले किसी भी तरह की प्रचार गतिविधि पर प्रतिबंध रहेगा. इस दौरान उम्मीदवार मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश नहीं कर सकेंगे.लोगों का कहना है कि लगातार हो रहे शोर-शराबे से अब थोड़ी शांति मिली है. वहीं, मतदाता अब शांत मन से अपने प्रत्याशी को चुनने की तैयारी में जुट गए हैं. हालांकि चौक चौराहों पर अपने-अपने प्रत्याशी को जिताने की जीतोड़ मेहनत समर्थकों द्वारा की जा रही है. अपने अपने जोड़ घटाव के हिसाब से समर्थन अपने प्रत्याशी की जीत अभी से ही तय कर रहे हैं.

विधानसभा चुनाव को लेकर लंबे शोरगुल भरे चुनाव प्रचार के बाद रविवार की शाम प्रचार अभियान थम गया है

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बौंसी. विधानसभा चुनाव को लेकर लंबे शोरगुल भरे चुनाव प्रचार के बाद रविवार की शाम प्रचार अभियान थम गया है. अब मतदान से पहले की मौन अवधि शुरू हो गयी है. सड़कों और गलियों में पिछले कई दिनों से गूंज रहे नारे, रैलियों के लाउडस्पीकर और जनसभाओं की भीड़ से राहत पाकर लोगों ने चैन की सांस ली है. बीते कुछ दिनों से प्रत्याशी और उनके समर्थक दिन-रात प्रचार में जुटे थे. जगह-जगह जनसभाएं, रोड शो और डोर-टू-डोर कैंपेन के चलते आम लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही थी. ट्रैफिक जाम, लाउडस्पीकरों का शोर और भीड़भाड़ ने नागरिकों को परेशान कर रखा था. सभी प्रत्याशी पूरे जोश, खरोश के साथ मोटरसाइकिल रैली भी निकाल रहे थे. अब चुनाव आयोग के निर्देशानुसार मतदान से 48 घंटे पहले किसी भी तरह की प्रचार गतिविधि पर प्रतिबंध रहेगा. इस दौरान उम्मीदवार मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश नहीं कर सकेंगे. लोगों का कहना है कि लगातार हो रहे शोर-शराबे से अब थोड़ी शांति मिली है. वहीं मतदाता अब शांत मन से अपने प्रत्याशी को चुनने की तैयारी में जुट गये हैं. हालांकि चौक-चौराहों पर अपने-अपने प्रत्याशी को जिताने की जीतोड़ मेहनत समर्थकों द्वारा की जा रही है. अपने-अपने जोड़ घटाव के हिसाब से समर्थन अपने प्रत्याशी की जीत अभी से ही तय कर रहे हैं.

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SHUBHASH BAIDYA

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