अधूरी सड़क बनी ग्रामीणों की मुसीबत, बारिश में दलदल में तब्दील हुआ बेहंगा-सठियारी मार्ग
कीचड़ और दलदल में तब्दील बेहंगा-सठियारी सड़क से होकर विद्यालय जाती छात्राएं.
Behanga Sathiyari Road Construction: बांका के कटोरिया प्रखंड में मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बन रही बेहंगा-सठियारी सड़क अधूरी होने से पहली बारिश में दलदल में बदल गई. स्कूली बच्चों, मरीजों और ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित है. जिला प्रशासन से जल्द निर्माण पूरा कराने की मांग उठी है.
कटोरिया (बांका) से दीपक चौधरी की रिपोर्ट
Behanga Sathiyari Road Construction: मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत निर्माणाधीन बेहंगा-सठियारी मुख्य मार्ग पहली ही बारिश में अपनी बदहाली की कहानी बयां करने लगा है. निर्माण एजेंसी द्वारा केवल मिट्टी भराई कर कार्य अधूरा छोड़ दिए जाने के कारण पूरी सड़क कीचड़ और दलदल में तब्दील हो गई है. जगह-जगह बने गहरे गड्ढों में बारिश का पानी भर जाने से इस मार्ग पर आवागमन करना ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है.
समस्याएं व कारण
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य शुरू होने के बाद सड़क पर केवल मिट्टी डालकर छोड़ दिया गया. इसके बाद भारी वाहनों की आवाजाही से कई स्थानों पर सड़क धंस गई और बड़े-बड़े गड्ढे बन गए. बारिश होने के बाद स्थिति और गंभीर हो गई है.
कई गांवों की जीवनरेखा है बेहंगा-सठियारी सड़क
यह सड़क बेहंगा, झुनझुनिया, जाखाजोर, खरकाना, पिपराडीह, सठियारी सहित आसपास के कई गांवों को कटोरिया मुख्यालय से जोड़ती है. प्रतिदिन सैकड़ों ग्रामीण इसी मार्ग से कटोरिया बाजार, प्रखंड कार्यालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बैंक और अन्य सरकारी कार्यालयों तक पहुंचते हैं. लेकिन सड़क की जर्जर स्थिति के कारण अब लोगों का सामान्य आवागमन भी मुश्किल हो गया है.
बारिश के बाद पूरी सड़क बनी दलदल
हाल की बारिश के बाद सड़क पर बने गड्ढों में पानी भर गया है, जिससे पूरा मार्ग दलदल में तब्दील हो गया है. दोपहिया वाहन चालक आए दिन फिसलकर दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं. वहीं चारपहिया वाहनों को भी काफी मशक्कत के बाद इस रास्ते से गुजरना पड़ रहा है.
स्कूली बच्चों को सबसे अधिक परेशानी
सड़क की बदहाल स्थिति का सबसे ज्यादा असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है. छात्र-छात्राएं प्रतिदिन कीचड़ से बचते हुए विद्यालय पहुंचने को मजबूर हैं. कई बार उनके कपड़े, जूते और स्कूल बैग तक कीचड़ से खराब हो जाते हैं, जिससे उन्हें रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.
मरीजों और गर्भवती महिलाओं के लिए बढ़ा जोखिम
ग्रामीणों का कहना है कि गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और गंभीर मरीजों को अस्पताल पहुंचाना भी मुश्किल हो गया है. आपात स्थिति में यह सड़क राहत की बजाय बड़ी बाधा साबित हो रही है. लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क का निर्माण पूरा नहीं कराया गया तो बरसात के दौरान हालात और गंभीर हो सकते हैं.
ग्रामीणों ने लगाए लापरवाही के आरोप
ग्रामीणों ने निर्माण एजेंसी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि अधूरे निर्माण का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है. उनका कहना है कि सड़क निर्माण कार्य शुरू होने के बाद इसे बीच में छोड़ दिया गया, जिससे लोगों की परेशानी कई गुना बढ़ गई है.
जिला प्रशासन से की त्वरित कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और ग्रामीण कार्य विभाग से जल्द से जल्द सड़क निर्माण कार्य पूरा कराने, गड्ढों की मरम्मत कराने तथा जलनिकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है. उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो पूरे बरसात के मौसम में यह सड़क आवागमन के लायक नहीं बचेगी.
मुख्य बिंदु
- मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत हो रहा था सड़क निर्माण.
- मिट्टी भराई के बाद निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया गया.
- पहली बारिश में सड़क कीचड़ और दलदल में तब्दील.
- बेहंगा, झुनझुनिया, जाखाजोर, खरकाना, पिपराडीह और सठियारी सहित कई गांव प्रभावित.
- स्कूली बच्चों, मरीजों और राहगीरों को रोजाना हो रही परेशानी.
- दोपहिया वाहन चालक लगातार दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं.
- ग्रामीणों ने निर्माण एजेंसी पर लापरवाही का आरोप लगाया.
- जिला प्रशासन से अविलंब निर्माण पूरा कराने की मांग.
ग्रामीणों ने उठाई आवाज
सड़क की मरम्मत और निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कराने की मांग करने वालों में कलीम अंसारी, अजीम अंसारी, निजाम अंसारी, रिजवान अंसारी, बीरबल यादव, भोला यादव, सुनील यादव, प्रकाश यादव सहित कई ग्रामीण शामिल हैं.
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By Shruti Kumari
श्रुति कुमारी एक पत्रकार और डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से अंग्रेजी पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त किया है। वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें विभिन्न प्लाटफॉर्म्स पर डिजिटल पत्रकारिता और कंटेंट राइटिंग का लगभग दो वर्षों का अनुभव है। सामाजिक मुद्दों, महिला सशक्तिकरण, राजनीति, शिक्षा और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लिखना उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है। इसके अलावा वे डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए स्क्रिप्ट राइटिंग करती हैं तथा हिंदी कविता और अंगिका भाषा में लेखन का भी शौक रखती हैं। प्रकृति से उनका विशेष लगाव है और वे मानती हैं कि संवेदनशील, तथ्यपरक और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन सकती है।
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