पशुपालन विभाग: बकरी पालन में आत्मनिर्भर बनेगा बांका, सरकार फार्म खोलने के लिए देगी अनुदान

Updated at : 27 Mar 2025 9:16 PM (IST)
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पशुपालन विभाग: बकरी पालन में आत्मनिर्भर बनेगा बांका, सरकार फार्म खोलने के लिए देगी अनुदान

पशुपालन विभाग: बकरी पालन में आत्मनिर्भर बनेगा बांका

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-पशुपालकों को मिलने वाले बकरी, बकरा का स्वाथ्य जांच, पीपीआर टीकाकरण के साथ ईयर टैगिंग की कार्रवाई होगी सुनिश्चित बांका. सात निश्चय टू के अंतर्गत समेकित बकरी व भेड़ विकाास के तहत निजी क्षेत्र में बकरी फार्म खोलने की कवायद जल्द शुरु होने वाली है. इस योजना के तहत वित्तिीय वर्ष 2024-25 के अंतर्गत अलग-अलग फार्म का लाभ दिया जायेगा, जिसमें 20 बकरी प्लस एक बकरा, 40 बकरी प्लस दो बकरा, 100 बकरी प्लस पांच बकरा, 500 बकरी प्लस 25 बकरा का फार्म शामिल है. योजना के तहत सामान्य वर्ग के लाभुक को 50 प्रतिशत व एससी तथा एसटी वर्ग के लाभुकों को 60 प्रतिशत अनुदान का लाभ दिया जायेगा. 20 प्लस एक बकरा के फार्म में दो लाख 42 हजार रुपये खर्च होंगे, जिसपर सामान्य वर्ग को एक लाख 21 हजार, व एससी एसटी वर्ग को एक लाख 45 हजार, 40 बकरी दो बकरा फार्म की कुल लागत पांच लाख 32 हजार है, जिसपर एससी को 50 प्रतिशत दो लाख 66 हजार, एससी-एसटी वर्ग को तीन लाख 19 हजार, 100 बकरी प्लस पांच बकरा फार्म में 13 लाख चार हजार रुपये खर्च होंगे, जिसपर सरकार की ओर से सामान्य वर्ग को छह लाख 52 हजार व एससी-एसटी लाभुक को सात लाख 82 हजार का अनुदान दिया जायेगा. जबकि, 500 बकरी प्लस 25 बकरा वाले फार्म के निर्माण में कुल लगात 65 लाख 20 हजारआयेंगे, जिसपर सामान्य वर्ग को 32 लाख 60 हजार व एससी-एसटी श्रेणी के लाभुकों को 39 लाख 12 हजार का अनुदानित लाभ दिया जायेगा. साथ ही फार्म का लाभ लेने के लिए बैंक से ऋण का आवेदन भी विभाग से संबंधित बैंक को अग्रसारित कर भेजा जायेगा. शुपालकों को मिलने वाले बकरी, बकरा का स्वाथ्य जांच, पीपीआर टीकाकरण के साथ ईयर टैगिंग की कार्रवाई भी सुनिश्चित की जायेगी.

पलहे आओ, पहले पाओ के तर्ज पर योजना का लाभ

विभाग की ओर से इससे संबंधित आवेदन भी जल्द लेना प्रारंभ किया जायेगा. इससे संबंधित तिथि मुख्यालय स्तर से जारी की जायेगी. पहले आओ, पहले पाओ के तर्ज पर योजना का लाभ दिया जायेगा. साथ ही बकरी पालन प्रशिक्षण प्राप्त अभ्यर्थियों को इस योजना में प्राथमिकता दी जायेगी. इस योजना के तहत जिले में मानव के लिए प्रोटीन की उपलब्धता में वृद्धि की जायेगी. उन्नत नस्ल के बकरी पालन में जिला को आत्मनिर्भर बनाया जायेगा. जीविकोपार्जन के नये अवसर उपलब्ध कराये जायेंगे. साथ बकरे के मांस उत्पादन में भी वृद्धि की जायेगी. ज्ञात हो कि इस जिले में बरकी पालन छोटे और वृहत स्तर पर की जाती है.

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बकरी पालन में जिला को आत्मनिर्भर बनाया जायेगा. बकरी पालन के लिए योजना का लाभ लेने के लिए जल्द ही आवेदन की तिथि निर्धारित की जायेगी. इसके बाद अभ्यर्थी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. संभवत: अप्रैल में आवेदन की तिथि जारी कर दी जायेगी. इस योजना में लाभुकों को नियमानुसार अनुदान का लाभ दिया जायेगा.

डाॅ. राजीव रंजन, जिला पशुपालन पदाधिकारी, बांका.B

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