बौंसी में मंदार पर्वत मार्ग पर निकला 8 फीट लंबा अजगर: इलाके में मचा हड़कंप

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मंदार मार्ग पर दिखा आठ फीट लंबा अजगर, वन विभाग ने सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा

अजगर के साथ वन विभाग की टीम | Prabhat Khabar Network

बांका जिले के बौंसी में मंदार पर्वत मुख्य मार्ग पर शुक्रवार की देर शाम एक विशालकाय अजगर निकलने से राहगीरों और स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई. करीब 8 फीट लंबे इस भारी-भरकम अजगर को सड़क किनारे रेंगते देख इलाके में हड़कंप मच गया, जिसके बाद वन विभाग की टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसका सुरक्षित रेस्क्यू किया.

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फ्रीडम मिशन के समीप अजगर दिखने की जानकारी सोशल मीडिया कर्मी निर्मल झा और स्थानीय ग्रामीणों द्वारा तुरंत वन विभाग को दी गई. सूचना मिलते ही फॉरेस्टर के नेतृत्व में पहुंची रेस्क्यू टीम ने सूझबूझ से अजगर को काबू में किया. देर रात कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद अजगर को भलजोर के सुदूर और घने जंगलों में प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया गया, जिससे स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली.

बीच सड़क पर अजगर देख ठिठक गए राहगीरों के कदम

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शुक्रवार की देर शाम मंदार पर्वत जाने वाले मुख्य मार्ग पर अचानक एक विशालकाय जीव रेंगता हुआ दिखाई दिया. जब लोगों ने टॉर्च की रोशनी में पास जाकर देखा तो वह एक भारी-भरकम अजगर था. रिहायशी इलाके और फ्रीडम मिशन के इतने करीब अजगर होने की खबर आग की तरह फैल गई और उसे देखने के लिए लोगों की भीड़ जुटने लगी. हालांकि, स्थानीय प्रबुद्ध जनों और सोशल मीडिया कर्मी ने सूझबूझ दिखाते हुए भीड़ को दूर रखा और फौरन इसकी सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दी.

वन विभाग की टीम ने चलाया सावधानीपूर्वक रेस्क्यू ऑपरेशन

सूचना मिलते ही वन विभाग की एक विशेष रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची. फॉरेस्टर विद्यासागर के नेतृत्व में वन रक्षी (फॉरेस्ट गार्ड) गौरव गिरी, अमित कुमार, विवेक कुमार समेत अन्य विशेषज्ञ कर्मियों ने लाठी और रेस्क्यू हुक की मदद से बेहद सावधानीपूर्वक ऑपरेशन शुरू किया. अजगर काफी आक्रामक रुख अपना रहा था, लेकिन टीम ने बिना उसे कोई चोट पहुंचाए बोरे में सुरक्षित बंद कर लिया.

बारिश के मौसम में रिहायशी इलाकों की ओर रुख कर रहे हैं वन्यजीव

सफल रेस्क्यू के बाद वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह मानसून का समय है और लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी व जंगली क्षेत्रों में बने सांपों के बिलों में पानी भर जाता है. फॉरेस्टर विद्यासागर ने बताया:

बारिश और मौसम में आ रहे अचानक बदलाव के चलते जंगली क्षेत्रों से सांप और अन्य रेंगने वाले जीव अक्सर भोजन (शिकार) या सूखे व सुरक्षित ठिकाने की तलाश में रिहायशी इलाकों, सड़कों और घरों की ओर आ जाते हैं. मंदार पर्वत का क्षेत्र प्राकृतिक रूप से समृद्ध है, इसलिए यहां ऐसे जीवों का मिलना स्वाभाविक है.

वन विभाग की अपील: वन्यजीवों को नुकसान न पहुंचाएं, तुरंत दें सूचना

वन विभाग ने आम जनता और ग्रामीणों से विशेष अपील की है कि अगर उनके आसपास कोई सांप, अजगर या अन्य जंगली जानवर दिखाई दे, तो घबराकर उस पर हमला न करें और न ही उसे मारें. वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत ऐसा करना दंडनीय अपराध है. किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन या वन विभाग के कंट्रोल रूम को सूचित करें, ताकि समय रहते वन्यजीवों और इंसानों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.


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Sanjeev Kumar

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