मातृ शिशु मृत्यु दर को हर हाल में करना होगा कम

Published at :01 Dec 2015 9:52 PM (IST)
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मातृ शिशु मृत्यु दर को हर हाल में करना होगा कम

मातृ शिशु मृत्यु दर को हर हाल में करना होगा कम फोटो : 1 बांका 23 और 24 : प्रशिक्षण के दौरान उपस्थित आशा कार्यकर्ता व अन्य – मातृ एवं शिशु मृत्यु दर पर कार्यशाला व प्रशिक्षण आयोजितआशा फैसिलेटर को दिया गया प्रशिक्षणगर्भवती महिलाओं का पंजीकरण है अनिवार्यप्रसव के बाद 48 घंटे रख कर करे […]

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मातृ शिशु मृत्यु दर को हर हाल में करना होगा कम फोटो : 1 बांका 23 और 24 : प्रशिक्षण के दौरान उपस्थित आशा कार्यकर्ता व अन्य – मातृ एवं शिशु मृत्यु दर पर कार्यशाला व प्रशिक्षण आयोजितआशा फैसिलेटर को दिया गया प्रशिक्षणगर्भवती महिलाओं का पंजीकरण है अनिवार्यप्रसव के बाद 48 घंटे रख कर करे स्वास्थ्य परीक्षणमातृ एवं शिशु मृत्यु सूचना हर हाल में जमा करें अन्यथा हो सकती है चयन मुक्त प्रतिनिधि, बांका सदर अस्पताल में मंगलवार को क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधक इकाई भागलपुर द्वारा मातृ एवं शिशु मृत्यु पर एक दिवसीय कार्यशाला एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया. जिले के विभिन्न प्रखंडों के कुल 83 आशा फैसिलेटर को दो पाली में प्रशिक्षण दिया गया. प्रशिक्षण जिला कार्यक्रम प्रबंधक प्रभात कुमार राजू ने प्रजेंटेशन के माध्यम से दिया. मातृ शिशु मृत्यु दर के बारे में विस्तृत जानकारी दी. वहीं प्रभारी डीसीएम रंजीत कुमार झा ने क्षेत्र में कार्य करने व निगरानी रखने के बारे में बताया. बताया गया कि गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण कराना अनिवार्य है. अपने अपने पोषक क्षेत्र के आशा फैशिलेटर इस कार्य को पूरा करायें. प्रसव के लिए अस्पताल पहुंची महिलाओं को प्रसव के 48 घंटे तक रख कर स्वास्थ्य परीक्षण करें. वहीं स्वास्थ्य कार्यकर्ता आशा, आंगनबाड़ी एवं एएनएम अपने क्षेत्र में होने वाले मातृ एवं शिशु मृत्यु फार्म संख्या 6 एवं 1 को भर कर संबंधित स्वास्थ्य संस्थान में जमा करायें. इसके लिए उन्हें 200 रुपये प्रोत्साहन राशि दी जायेगी. सूचना प्रतिवेदन जमा नहीं होने की शिकायत पर संबंधित आशा को पद मुक्त भी किया जा सकता है. क्षेत्र में हो रहे मातृ एवं शिशु मृत्यु पर हर हाल में अंकुश लगाना है इसके लिए आवश्यक कदम उठाने की जरूरत है. संस्थागत प्रसव के दौरान मातृ मृत्यु ज्यादातर बड़े अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों एवं जिला अस्पतालों में होता है. इसके आकड़े एकत्रित कर मृत्यु दर पर अंकुश लगाने के लिए स्वास्थ्य कर्मी अपना योगदान दें. कार्यशाला की शुरुआत डॉ सुधीर कुमार महतो ने की. उन्होंने कहा कि जिन माताओं की मौत बच्चे को जन्म देने के दौरान होती है उसे आसानी से बचाया जा सकता है. मृत्यु के कारणों का पता लगा कर इसके दरों को कम किया जा सकता है. इस मौके पर क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधक अरुण प्रकाश, क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधक प्रबंध इकाई भागलपुर कुणाल कुमार, आशा समन्वयक, लेखा प्रबंधक विजय कुमार राम, आरपीएमयू भागलपुर रंजीत कुमार झा, प्रभारी डीसीएम जिला स्वास्थ्य समिति बांका, सदर अस्पताल प्रबंधक सुनील कुमार चौधरी सहित जिले के सभी आशा फैसिलेटर मौजूद थे.

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