नहीं थम रहा डायन उत्पीड़न का मामला

Published at :06 Jan 2018 6:42 AM (IST)
विज्ञापन
नहीं थम रहा डायन उत्पीड़न का मामला

जिले में साल-दर-साल डायन उत्पीड़न मामले में हुई है वृद्धि बांका : नववर्ष 2018 के साथ सदी जवां होने की अनुभूति प्राप्त कर रहा है. आधुनिक क्रियाकलाप से आज समाज तेजी से जुड़ता चला जा रहा है. परंतु नयी सोच में आज भी कई ऐसे कुविचार जड़े जमायी बैठी है, जिससे समाज कलंकित हो रहा […]

विज्ञापन

जिले में साल-दर-साल डायन उत्पीड़न मामले में हुई है वृद्धि

बांका : नववर्ष 2018 के साथ सदी जवां होने की अनुभूति प्राप्त कर रहा है. आधुनिक क्रियाकलाप से आज समाज तेजी से जुड़ता चला जा रहा है. परंतु नयी सोच में आज भी कई ऐसे कुविचार जड़े जमायी बैठी है, जिससे समाज कलंकित हो रहा है. जी हां, हम बात कर रहे डायन प्रथा की. वर्तमान परिदृश्य में भी डायन जैसे शब्द चुभन दे रही है. जिले का ऐसा कोई गांव व मोहल्ला नहीं है जहां कुछ स्त्री के संदर्भ में डायन जैसे शब्द का इस्तेमाल दबी जुबां से न होता हो.
यहां तक की यह सोच आक्रोश व द्वेश की भावना भी समय-समय पर प्रकट कर रही है. विभिन्न थानों में दर्ज कांड से यह साबित हो रहा है कि डायन जैसे विचार समय के साथ और भी ज्यादा भयावह हो रहा है. आधी आबादी की कई महिलाएं आज भी डायन शब्द की बोझ तले दबी हुई है. लिहाजा, डायन शब्द के साथ महिलाओं को प्रताड़ित भी किया जा रहा है. ज्ञात हो कि डायन प्रथा को रोकथाम के लिए कड़े कानून भी बनाए गए हैं. परंतु अपेक्षित परिणाम नहीं आ रहे हैं. जानकारों की मानें तो इस कुसंस्कृति को जड़ से उखाड़ने लिए कानूनी प्रक्रिया के साथ जागरुकता भी बेहद जरूरी है.
वर्षवार थानाें में दर्ज डायन प्रथा से संबंधित प्राथमिकी
2008 02
2009 03
2010 08
2011 02
2012 07
2013 09
2014 14
2015 16
2016 08
2017 09
डायन जैसी चीज केवल मानव की विपरीत धारणा है. असल में यह केवल मिथ्या है. इसीलिए समय आ गया है कि ऐसे कुविचारों को मन से दूर करने की. मनोवैज्ञानिक दृष्टि में इसे केवल एक शंका कहा जा सकता है.
डा फारुक, चिकित्सक, मानसिक रोग
डायन उत्पीड़न को लेकर कड़े कानून बनाये गये हैं. अगर डायन जैसे झूठे आरोप लगाकर किसी भी महिला को प्रताड़ित किया जाता है, तो कानूनी तौर पर ऐसे आरोपितों को सजा दिलायी जायेगी.
चंदन कुशवाहा, एसपी, बांका
बांका में ऑनलाइन दाखिल-खारिज शुरू
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन