बांका में जल्द ही शुरू होगी मोती की खेती

Published at :13 Sep 2017 5:10 AM (IST)
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बांका में जल्द ही शुरू होगी मोती की खेती

बांका : कृषि क्षेत्र को विकसित व स्वरोजगार का मुख्य केंद्र बनाने की दिशा में जिला प्रशासन जुट गया है. जल्द ही बांका की धरती मोती उगलेगी. जी हां, अंग क्षेत्र की यह भूमि आने वाले दिन में मोती उत्पादन का हब बनने की ओर अग्रसर हो रही है. मत्स्य विभाग व आत्मा के संयुक्त […]

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बांका : कृषि क्षेत्र को विकसित व स्वरोजगार का मुख्य केंद्र बनाने की दिशा में जिला प्रशासन जुट गया है. जल्द ही बांका की धरती मोती उगलेगी. जी हां, अंग क्षेत्र की यह भूमि आने वाले दिन में मोती उत्पादन का हब बनने की ओर अग्रसर हो रही है. मत्स्य विभाग व आत्मा के संयुक्त रूप से इसके लिए प्रयास में जुट गया है.

जानकारी के मुताबिक प्रथम चरण में इसकी शुरुआत रजौन प्रखंड से की जायेगी. प्रखंड से छह किसान को मोती खेती की अद्यतन जानकारी प्राप्त करने के लिए भूवनेश्वर भेजा जा रहा है. किसानों की सूची तैयार कर ली गयी है. किसान 13-17 सितंबर यानी चार दिन तक वहां प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे. प्रशिक्षण के उपरांत किसान स्वयं अपने से इस खेती की शुरुआत कर देंगे. अगर विभाग का यह प्रयास सफल रहा तो, अन्य प्रखंडों में भी मोती की खेती की शुरू कर दी जायेगी. बताया जाता है कि मोती की खेती में अन्य खेती से अधिक लाभ है. मोती का उत्पादन हाथों-हाथ बिक जाता है.

18 माह में मोती का उत्पादन होता है तैयार : मोती की खेती तालाब में की जाती है. जिन किसानों के पास अपना तालाब है वह आसानी से खेती कर सकते हैं. बताया जाता है कि मोती का उत्पादन तैयार होने में करीब 18 माह का समय लग जाता है. अगर सावधानी व लगन से मोती का उत्पादन तैयार कर लिया जाये, तो किसान लाखों की कमाई एक झटके में कर सकता है. जानकारी के मुताबिक एक शुद्ध मोती की कीमत 300 से 10 हजार तक हो सकती है. ज्ञात हो कि आजकल बाजार में कृत्रिम मोती की बिक्री जोर-शोर से हो रही है. प्राकृतिक मोती कम ही देखी जाती है. अगर जिले में खेती की शुरुआत हो जाये, तो यहां के बाजारों में भी इसकी बिक्री जोर-शोर से हो सकती है. जबकि मोती की मांग अन्य प्रदेश के अलावा विदेशों में भी बड़े पैमाने पर होती है.
बांका में जल्द ही मोती की खेती की शुरुआत की जायेगी. इसके लिए छह सदस्यीय प्रशिक्षु दल भूवनेश्वर भेजा जा रहा है. प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद किसान अपने-अपने तालाब में मोती की खेती को शुरु करेंगे. विभाग उनकी सहायता व मार्गदर्शन के लिए हमेशा तैयार है.
राम कुमार, आत्मा निदेशक, बांका
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