दादा थे एडीएम, आर्थिक तंगी में बीमारी से मरा पोता

Published at :08 Sep 2017 4:46 AM (IST)
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दादा थे एडीएम, आर्थिक तंगी में बीमारी से मरा पोता

कटोरिया : सच ही कहा गया है कि समय, परिस्थिति व भाग्य परिवर्तनशील होता है. एक समय था कि प्रखंड के घोरमारा पंचायत में उदयपुरा के निकट साहब कोठी की शान व शौकत की ख्याति दूर-दूर तक थी. कोठी के मालिक सह रांची में एडीएम पद पर कार्यरत यमुना प्रसाद की चार चक्का गाड़ी व […]

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कटोरिया : सच ही कहा गया है कि समय, परिस्थिति व भाग्य परिवर्तनशील होता है. एक समय था कि प्रखंड के घोरमारा पंचायत में उदयपुरा के निकट साहब कोठी की शान व शौकत की ख्याति दूर-दूर तक थी. कोठी के मालिक सह रांची में एडीएम पद पर कार्यरत यमुना प्रसाद की चार चक्का गाड़ी व घर के आगे का पार्क देखने लोग वहां पहुंचते थे.

लेकिन आज दुर्भाग्य से दिवंगत एडीएम का गरीब पोता संजय कुमार शरण (45 वर्ष) की मौत आर्थिक तंगी व बीमारी से ग्रसित होने के कारण हो गयी. सबसे दुखद यह है कि पोता वर्षों से परिवार व बच्चों के साथ साहब कोठी में नहीं बल्कि कटोरिया बाजार के बांका रोड में किराये पर खपरैल के घर में रह रहा था. बीमारी से हालत गंभीर होने के बाद रांची स्थित रिम्स में भी इलाज चला. लेकिन बीती रात्रि उसने दम तोड़ दिया. इस असामयिक मौत से पत्नी किरण शरण, पुत्र राजा कुमार व पुत्री रूपा कुमारी का रो-रोकर बुरा हाल है.

चूंकि पूरा परिवार तंगहाली से से जूझ रहे हैं. ध्वस्त हो चुके साहब कोठी के पास इस परिवार का सिर्फ जर्जर इंदिरा आवास ही बचा है. जहां अंतिम संस्कार के लिये भी काफी देर तक शव पड़ा रहा. प्रभात-खबर की सूचना पर मुखिया नीरज कुमार, पैक्स अध्यक्ष फकरे आलम, उपमुखिया मोहन मंडल, सामाजिक कार्यकर्ता राजा कुमार उर्फ राजा भैया आदि उदयपुरा पहुंचे और अंतिम संस्कार के लिये सहयोग किया. मुखिया नीरज कुमार ने पीड़ित परिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना, लक्ष्मीबाई पेंशन योजना आदि का लाभ दिलाने के लिये अधिकारियों से बात करने का भी भरोसा दिया है. ज्ञात हो कि मृत संजय कुमार शरण के पिता स्व सिया बिहार शरण उर्फ बिहारी बाबू भी झारखंड के डीवीसी में कार्यरत थे. स्वाभिमान में उन्होंने नौकरी से इस्तीफा दे दिया था. गत 16 मार्च 2015 को संजय के बड़े भाई अशोक कुमार शरण व कुछ दिनों के बाद छोटे भाई रंजीत कुमार शरण की भी मौत हो गयी है. तंगहाली से जूझ रहे इस परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है.

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