कालाजार की रोकथाम को लेकर छिड़काव जारी

Published at :06 Sep 2017 4:05 AM (IST)
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कालाजार की रोकथाम को लेकर छिड़काव जारी

बांका : कालाजार को लेकर जिला अलर्ट है. स्वास्थ्य विभाग इस रोग से समाज को सुरक्षित रखने के लिए त्वरित गति से उन्मूलन कार्यक्रम चला रहा है. जानकारी के मुताबिक विभिन्न क्षेत्रों में विभाग डीडीटी का छिड़काव सुनिश्चित कर रहा है. 21 अगस्त से शुरू उन्मूलन कार्यक्रम आगामी 10 अक्तूबर तक चलेगा. मौजूदा समय में […]

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बांका : कालाजार को लेकर जिला अलर्ट है. स्वास्थ्य विभाग इस रोग से समाज को सुरक्षित रखने के लिए त्वरित गति से उन्मूलन कार्यक्रम चला रहा है. जानकारी के मुताबिक विभिन्न क्षेत्रों में विभाग डीडीटी का छिड़काव सुनिश्चित कर रहा है. 21 अगस्त से शुरू उन्मूलन कार्यक्रम आगामी 10 अक्तूबर तक चलेगा. मौजूदा समय में टीम धोरैया प्रखंड के विभिन्न गांवों में पहुंचकर सिचथेटिक पाइराथाइराइड स्प्रे कर रही है. कालाजार एक खतरनाक परजीवी बीमारी है.

जिले में गत वर्ष के मुकाबले में इस वर्ष कालाजार के मरीजों की संख्या में कमी आयी है. 2015 में जिले के धोरैया व बेलहर प्रखंड से एक-एक कालाजार के रोगी मिले थे. 2016 में कालाजार रोगियों में काफी इजाफा हुआ. केवल धोरैया प्रखंड क्षेत्र में 11 कालाजार मरीज को चिह्नित कर इलाज किया गया था. जबकि इस वर्ष बौंसी प्रखंड में अब तक दो कालाजार के मरीज पाए गए हैं. कालाजार मरीज मिलते ही स्वास्थ्य महकमा पूरी तरह सचेत हो गया है. सदर अस्पताल में इजाज की ठोस तैयारी की गयी है. मरीज के जांच के बाद एक ही दिन में इलाज कर दी जाएगी.

कालाजार नामक रोग लिशमेनिया डोनी नामक रोगाणु के कारण होता है. चिकित्सक की मानें तो बालू मक्खी काटने से यह रोग फैलता है. साथ ही यह रोग एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भी प्रवेश कर जाता है. दो सप्ताह से अधिक बुखार व अन्य विपरीत लक्षण शरीर में महसूस होने पर अविलंब जांच कराना अति आवश्क है. सदर अस्पताल में इलाज का समुचित प्रबंध है. यहां मरीजों का एक ही दिन में इलाज कर दिया जाता है. बताया जाता है कि कालाजार का मक्खी नमी व अंधरे वाले स्थान पर ज्यादा फैलती है.
सरकार देती है सहायता राशि
कालाजार मरीज को सरकार के माध्यम से स्वास्थ्य लाभ लेने के लिए आर्थिक रुप से सहयोग भी दी जाती है. जानकारी के मुताबिक केन्द्र व राज्य सरकार मिलकर एक कालाजार मरीज को 7100 रुपये का आर्थिक मदद पहुंचाती है.
कालाजार के लक्षण
बुखार, भूख न लगना, वजन में कमी, कमजोरी, धड़कन तेज होना, टखने व पलकों में सूजन इत्यादि.
अस्पताल में कालाजार के इलाज की सभी सुविधाएं
कालाजार की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग गंभीर है. विभिन्न स्थानों पर स्वास्थ्य टीम उन्मूलन कार्यक्रम चला रही है. रोग के लक्षण मिलते ही सदर अस्पताल में जांच कराकर समुचित इलाज मरीज कराएं. अस्पताल में इलाज की सारी सुविधाएं मौजूद हैं.
सुधीर महतो, सीएस, बांका
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