महागठबंधन के नेता एक-दूसरे पर लगा रहे आरोपों की झड़ी
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :27 Jul 2017 5:53 AM (IST)
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बांका : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद बांका की सियासी जगत में अचानक भूकंप आ गया है. महागंठबंधन के क्षेत्रीय नेता इस बाबत एक-दूसरे पर आरोप की झड़ी लगाते रहे. जबकि अचानक सोशल साइट पर भी प्रतिक्रियाएं मिनट दर मिनट देखी गयी. नीतीश कुमार का इस्तीफा एक सोची-समझी राजनीति से जुड़ी हुई है. […]
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बांका : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद बांका की सियासी जगत में अचानक भूकंप आ गया है. महागंठबंधन के क्षेत्रीय नेता इस बाबत एक-दूसरे पर आरोप की झड़ी लगाते रहे. जबकि अचानक सोशल साइट पर भी प्रतिक्रियाएं मिनट दर मिनट देखी गयी.
नीतीश कुमार का इस्तीफा एक सोची-समझी राजनीति से जुड़ी हुई है. सूबे की जनता ने महागंठबंधन को वोट दी थी. परंतु यह इस्तीफा कहीं न कहीं जनता के साथ विश्वासघात है. राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू यादव के निर्णय के साथ पूरी राजद टीम खड़ी है. आगे की रणनीति पर बैठक चल रही है.
जयप्रकाश नारायण यादव, सांसद, बांका
नीतीश कुमार का मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा असाधारण निर्णय है. भ्रष्टाचार में लिप्त राजद के साथ किसी तरह जदयू का गठबंधन चल रहा था. राजद नेताओं की यह सोच रही है कि कुरसी पर बैठकर मलाई खाएं. वहीं भाजपा ने नीतीश कुमार को बैठक के बाद समर्थन देने का निर्णय ले लिया है. राष्ट्रीय अध्यक्ष का जो निर्णय होगा व सर्वमान्य होगा.
रामनारायण मंडल, उपाध्यक्ष भाजपा सह विधायक, बांका
यादव से इस्तीफे की लगातार पेशकश की. परंतु किसी भी प्रकार से इस बिंदू पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया. अंतत: नीतीश कुमार को इस्तीफा सौंपनी पड़ी. भ्रष्टाचार के मुद्दे पर राष्ट्रीय अध्यक्ष का यह कदम साहसित व स्वागतयोग्य है.
मनोज कुमार यादव, एमएलसी
राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने विधायकों को बयानबाजी करने से सख्त मना किया है. पार्टी व राज्य हित में नीतीश कुमार का इस्तीफा बेहतर कदम है.
गिरिधारी यादव, बेलहर विधाक
उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को कई बार इस्तीफा का मौका दिया गया है. परंतु राजद का स्टेंड हमेशा खिलाफ रहा. अंतत: नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया. सूबे में सरकार बनने की प्रबल संभावनाएं बनती दिख रही है. पार्टी को भाजपा बाहर से समर्थन देगी और नीतीश कुमार पुन: मुख्यमंत्री पद पर विराजमान होंगे.
जनार्दन मांझी, विधायक अमरपुर
पार्टी हित के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष का फैसला उचित है. नीतीश कुमार किसी भी सूरत में भ्रष्टाचार पर नरमी नहीं दिखा सकते हैं. उनके लिए कुरसी से ज्यादा जनता विश्वास अहमियत रखता है.
मनीष कुमार, विधायक, अमरपुर
नीतीश कुमार के इस्तीफे के संदर्भ में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगा. सुप्रीमो के दिशा-निर्देश पर कार्यकर्ता मजबूती के साथ खड़ी रहेगी. हालांकि उप मुख्यमंत्री पर भाजपा लंबे दिनों से साजिश रच रही थी. महागंठबंधन के बिखराव में भाजपा का महत्वपूर्ण योदान है.
स्वीटी सीमा हेम्ब्रम, विधायक कटोरिया
महागंठबंधन चलाना सबकी जिम्मेदारी है. जदयू राष्ट्रीय अध्यक्ष किसी भी सूरत में भ्रष्टचार से समझौता नहीं करने वाले हैं. उन्हें कतई कुरसी का लोभ नहीं है. जीरो टोलरेंस की बात पर नीतीश ने अपना इस्तीफा सौंपा. भाजपा के साथ मिलकर सरकार बनाने की संभावनों से इंकार नहीं किया जा सकता है. आरजेडी का हालिया रवैया बर्दाश्त से बाहर दिख रही थी.
ओमप्रकाश मंडल, जिलाध्यक्ष, जदयू
नीतीश का यह कदम स्वागतयोग्य है. भ्रष्टाचार के पोषक दल के साथ नीतीश की जोड़ी बेमेल थी. भाजपा सरकार को समर्थन देगी या नहीं इसपर निर्णय केंद्रीय कमेटी लेगी. शीर्ष मंडल का निर्णय सभी भाजपा कार्यकर्ता अमल में लाएंगे. परंतु महागठबंन के शासन में लगातार बिहार की छवि धूमिल हो रही थी. ऐसे में नीतीश का इस्तीफा बेहतर कदम के रुप में देखा जाय.
विकास सिंह, जिलाध्यक्ष, भाजपा
विगत छह माह से नीतीश की ऐक्टीविटी आरएसएस व भाजपा से मिल रही थी. नीतीश कुमार के इस कदम से कांग्रेस पहले से ही अवगत थी. किसी भी प्रकार से यह कदम चौंकानेवाला नहीं है. आरजेडी के साथ गंठबंधन मजबूती से चलता रहेगा.
संजीव सिंह, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस
इसकी तो पहले से ही हो रही थी सुगबुगाहट
नीतीश के इस्तीफे से महागंठबंधन को कोई फर्क नहीं पड़ता है. सुप्रीमो के दिशा-निर्देश पर सभी कार्यकर्ता काम करेंगे. दरअसल, भाजपा युवा नेता व बिहार का विकास देखने वाले तेजस्वी यादव के पीछे पड़ गयी है.
ओमप्रकाश गुप्ता, प्रवक्ता, जिला राजद
नीतीश कुमार ने सही समय में सही निर्णय लिया है. महागंठबंधन के बीच शुरु से ही खटपट नजर आ रही थी. भ्रष्टाचार में घिरी राजद की जोड़ी सिर्फ कांग्रेस के साथ ही बैठ सकती है.
बेबी यादव, जिलाध्यक्ष, लोजपा
राजद के साथ किसी भी दल का गठबंधन ज्यादा समय तक नहीं चल सकती है. नीतीश ने बेहतर कदम उठाया है. भ्रष्टाचार के मुद्दे पर किसी भी सूरत में समझौता नहीं की जा सकती है. उनका सुझाव है कि जदयू पुन: एनडीएम में शामिल होकर राज्य के विकास में अपना योगदान दे.
शैलेंद्र कुमार मंटू, जिलाध्यक्ष, रालोसपा
नीतीश का यह कदम साहसिक है. देश व राज्य हित में नीतीश कुमार ने पहले भी बेहतर निर्णय लिए हैं. अमरपुर की समस्त जनता की ओर से जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष को बधाई.
मृणाल शेखर, भाजपा नेता
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