अंगूठे के निशान से खाद लेने की व्यवस्था को लग रहा ठेंगा

Published at :10 Jul 2017 5:55 AM (IST)
विज्ञापन
अंगूठे के निशान से खाद लेने की व्यवस्था को लग रहा ठेंगा

अधिकतर खाद विक्रेता नहीं कर रहे पीओएस मशीन का इस्तेमाल खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए शुरू हुई थी अंगूठे के निशान के बाद खाद की बिक्री बांका : उर्वरक की कालाबाजारी रोकने के लिए पीओएस मशीन के माध्यम से बिक्री की सुदृढ़ व्यवस्था तय की गयी थी. नियम के मुताबिक किसान को खाद लेने […]

विज्ञापन

अधिकतर खाद विक्रेता नहीं कर रहे पीओएस मशीन का इस्तेमाल

खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए शुरू हुई थी अंगूठे के निशान के बाद खाद की बिक्री
बांका : उर्वरक की कालाबाजारी रोकने के लिए पीओएस मशीन के माध्यम से बिक्री की सुदृढ़ व्यवस्था तय की गयी थी. नियम के मुताबिक किसान को खाद लेने से पूर्व पीओएस मशीन में अंगूठा लगाने के साथ ही आधार कार्ड दिखाना होगा. सभी डीलर व खाद विक्रेता को भी सरकार के समस्त नियमावली से अवगत कराते हुए यह निर्देश दिया गया था कि एक जुलाई से खाद विक्री नए मापदंड के मुताबिक ही होगी. अगर किसी भी प्रकार कोई लापरवाही बरती गयी तो संबंधित विक्रेता पर सुसंगत कार्रवाई तय की जायेगी. लेकिन, आलम यह है कि न तो किसी भी खाद दुकान पर तय मापदंड का पालन किया जाता है
और न ही पीओएस मशीन का इस्तेमाल किया जाता है. विक्रेता धड़ल्ले से खाद बेच रहे हैं. अगर स्थिति ऐसी रही तो खाद की कालाबाजारी रोक पाने वाली बात धरातल पर बेमानी साबित होगी. जानकारी के मुताबिक पीओएस मशीन में सभी डाटा व अन्य जानकारियां पहले से फीड रहती है. खाद विक्रेता किस किसान को कितनी मात्रा में खाद बेचा है यह जानकारी ऑटोमेटिक अंगूठा लगाने के बाद ही मशीन में प्रविष्ट हो जाती है. परंतु जिला में न तो पीओएस मशीन है और न ही खाद बिक्री व्यवस्था को पारदर्शी बनाई गयी है. नतीजतन, किसानों को डर है कि अगर पीओएस मशीन का इस्तेमाल दुकानदार नहीं करेंगे तो खाद की ब्लैक मार्केटिंग भी हो सकती है. जिसकी वजह से आने वाले दिनों में खाद की कीमत चोरी-छिपे कई गुणा वसूली जा सकती है. देखा जाता है कि बांका जिला में खाद की कालाबाजारी खूब होती है. यहां का खाद अन्य जिले भी भेजे जाते हैं.
पीओएस मशीन आने तक कई दुकानदार गर्म कर सकते हैं अपना पॉकेट . खाद बिक्री के लिए बनाई गयी नियमावली के तहत पीओएस मशीन की उपलब्ता विभाग करायेगी. परंतु कृषि विभाग के पास अबतक एक भी मशीन का आवंटन नहीं है. इसी बात का फायदा उठाकर कई खाद विक्रेता अपनी जेब कर सकते हैं. जानकारी के मुताबिक को एक जून से ही सभी डीलर व खाद विक्रेता को यह मशीन उपलब्ध करानी थी, परंतु समय एक महीने से भी ज्यादा गुजर गया है. जानकारों का कहना है कि बीते एक महीनों में दुकानदार कई तरह के फेर बदल भी कर चुके होंगे. जबकि अभी का सीजन बिक्री के लिए उपयुक्त मानी जाती है. बड़े दुकानदार दो-चार दिन में बड़े हाथ कभी भी मार सकते हैं.
एक जून से ही सभी खाद विक्रेता को पीओएस मशीन उपलब्ध करानी थी. लेकिन, मुख्यालय से मशीन का आवंटन नहीं हुआ है. गया, किशनगंज सहित कई जिलों में पीओएस मशीन भेज दी गयी है. जल्द ही बांका में भी मशीन की उपलब्ता सुनिश्चित कर दी जायेगी. केंद्र सरकार के पास मांग के अनुरूप यंत्र नहीं रहने की वजह से ऐसी परेशानी हुई है. इस दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है. खाद सहित अन्य सामग्री की बिक्री पर विभाग की नजर बनी है. किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होगी.
सुदामा महतो, जिला कृषि पदाधिकारी, बांका
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन