उत्तर कोयल मुख्य नहर में तेज बहाव, जल संसाधन विभाग ने जारी की चेतावनी, लोगों से सतर्क रहने की अपील

Author Ambuj kumar|Edited by Yuvraj Ratan
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उत्तर कोयल मुख्य नहर में तेज बहाव, विभाग ने जारी की सतर्कता की अपील

उत्तर कोयल मुख्य नहर में तेज जल प्रवाह

Aurangabad News : उत्तर कोयल मुख्य नहर में पानी का बहाव खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है. जल संसाधन विभाग ने लोगों से नहर किनारे सतर्क रहने की अपील की है. डूबने की घटनाओं को देखते हुए विशेष सावधानी जरूरी है.

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Aurangabad News : उत्तर कोयल मुख्य नहर में इन दिनों पानी का तेज बहाव बना हुआ है. ऐसे में नहर किनारे रहने वाले लोगों और राहगीरों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है. जल संसाधन विभाग ने लोगों से नहर में स्नान करने, हाथ-पैर धोने अथवा किसी भी कारण से गहरे पानी में उतरने से परहेज करने की अपील की है. स्थानीय लोगों का कहना है कि थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है.

हर साल होती हैं डूबने की कई घटनाएं

उत्तर कोयल मुख्य नहर में डूबने की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं. बीते रविवार को अंबा डिवीजन क्षेत्र के मिर्जापुर गांव निवासी कृष्णा पासवान की नहर में डूबने से मौत हो गई. इससे पहले 16 अगस्त 2025 को राजपुर-खैरा के समीप माली थाना क्षेत्र के धमनी सिमरी गांव के दो सगे भाई नहर में डूब गए थे. इनमें एक का शव बरामद हो गया था, जबकि दूसरे किशोर का शव आज तक नहीं मिल सका. ऐसी घटनाएं हर वर्ष लोगों को सतर्क रहने का संदेश देती हैं, लेकिन इसके बावजूद लोग जोखिम उठाने से बाज नहीं आते.

तेज बहाव और अधिक गहराई बन रही हादसों की वजह

जानकारी के अनुसार, भीम बराज से लेकर झारखंड और बिहार क्षेत्र तक नहर के विभिन्न हिस्सों में प्रतिवर्ष दर्जनों लोगों की डूबने से मौत होती है. विशेष रूप से झारखंड के बांध एवं बराज डिवीजन, हुसैनाबाद डिवीजन तथा बिहार के नवीनगर और अंबा डिवीजन क्षेत्र में ऐसी घटनाएं अधिक होती हैं. ग्रामीणों का कहना है कि नहर का पानी ऊपर से शांत दिखाई देता है, लेकिन भीतर तेज बहाव और अधिक गहराई के कारण व्यक्ति कुछ ही क्षणों में संतुलन खो देता है.

109 किलोमीटर लंबी है उत्तर कोयल मुख्य नहर

उत्तर कोयल मुख्य नहर की कुल लंबाई 109.09 किलोमीटर है. मोहम्मदगंज स्थित भीम बराज के जीरो आरडी से 358 आरडी तक नहर का निर्माण किया गया है. इसमें झारखंड क्षेत्र में 31.40 किलोमीटर तथा बिहार क्षेत्र में 77.69 किलोमीटर नहर शामिल है. परियोजना के तहत अधिकांश हिस्सों में कंक्रीट लाइनिंग और संरचनाओं का री-मॉडलिंग कार्य किया गया है, जिससे पानी का प्रवाह पहले की तुलना में अधिक तेज और सुगम हो गया है. बिहार में लगभग 57 किलोमीटर तथा झारखंड में 19 किलोमीटर नहर की लाइनिंग पूरी हो चुकी है.

बच्चों को नहर के किनारे न जाने दें : विभाग

जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि नहर को स्नान घाट या दैनिक उपयोग का जलस्रोत न समझें. नहर संचालन के दौरान बच्चों को इसके किनारे खेलने से रोकें तथा हाथ-पैर धोने या स्नान के लिए केवल सुरक्षित स्थानों का ही उपयोग करें. विभाग का कहना है कि सिंचाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नहर में पानी का प्रवाह बढ़ाया गया है. ऐसे में थोड़ी सी असावधानी भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है.

2,979 क्यूसेक क्षमता से बह रहा पानी : मुख्य अभियंता

जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता अर्जुन प्रसाद सिंह ने बताया कि उत्तर कोयल मुख्य नहर की जल प्रवाह क्षमता 2,979 क्यूसेक है. क्षमता के अनुरूप नियमित संचालन के दौरान पानी का बहाव काफी तेज रहता है. उन्होंने कहा कि तेज धारा के कारण नहर में उतरने वाले लोगों के डूबने की आशंका बनी रहती है. इसलिए सभी लोगों को पूरी सतर्कता बरतनी चाहिए और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करना चाहिए.

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