जिले में इस बार 1.80 लाख टन धान की होगी खरीद, लक्ष्य घटने पर सीएम को सौंपा पत्र
Published by : Rajeev Kumar Updated At : 06 Jun 2026 11:18 AM
संतोष कुमार सिंह.
Aurangabad News : 2025-26 के लिए जिले को मात्र एक लाख 80 हजार मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य दिया गया है, जबकि वर्ष 2024-25 में यह लक्ष्य 3 लाख 7 हजार मीट्रिक टन था.
Aurangabad News : सुजीत कुमार सिंह की रिपोर्ट औरंगाबाद में धान खरीद लक्ष्य में भारी कटौती किए जाने पर पैक्स अध्यक्षों ने चिंता जताई है. पैक्स अध्यक्षों ने कहा कि वर्ष 2025-26 के लिए जिले को मात्र एक लाख 80 हजार मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य दिया गया है, जबकि वर्ष 2024-25 में यह लक्ष्य 3 लाख 7 हजार मीट्रिक टन था.
कोऑपरेटिव के अध्यक्ष संतोष कुमार सिंह ने कहा कि इस बार आवंटन को आधे से भी कम कर दिया गया है, जिससे किसानों और पैक्सों दोनों को परेशानी हुई. अध्यक्ष ने बताया कि जिले में भंडारण क्षमता पहले से ही सीमित है. हालांकि किसानों का कोई बकाया नहीं है, लेकिन धान खरीद के लिए ऋण लेने वाले पैक्स अध्यक्ष ब्याज के बढ़ते बोझ से परेशान हैं. उन्होंने आशंका जताई कि लक्ष्य कम रहने और वित्तीय दबाव बढ़ने से कई पैक्स डिफॉल्टर हो सकते हैं.
पिछले बार करीब 50 पैक्स हुए थे डिफॉल्टर
उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष जिले के करीब 50 पैक्स डिफॉल्टर हो गए थे. अध्यक्ष ने सरकार से औरंगाबाद जिले के लिए कम से कम 3 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित करने की मांग की है. जिला को-ऑपरेटिव बैंक के जिलाध्यक्ष संतोष कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री के नाम पत्र भेजकर जिले के किसानों और पैक्सों के हित में हस्तक्षेप की मांग की है.
धान उत्पादन में औरंगाबाद को बिहार में दूसरा स्थान
पत्र में संतोष कुमार सिंह ने कहा है कि औरंगाबाद धान उत्पादन के मामले में बिहार में दूसरा स्थान रखता है . इसके बावजूद धान अधिप्राप्ति के लक्ष्य निर्धारण तथा भुगतान के मामले में जिले की अपेक्षा की जा रही है . उन्होंने आरोप लगाया है कि विभाग के इस सौतेले व्यवहार के कारण जिले के किसानों और पैक्सों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है .
लक्ष्य बढ़ाने के लिए पैक्स अध्यक्षों ने सीएम से लगाई गुहार
धान अधिप्राप्ति वर्ष 2025-26 में पैक्सों द्वारा खरीदे गए धान का सीएमआर राज्य खाद्य निगम के केंद्रों पर जमा कराया जा रहा है, लेकिन उसके भुगतान में औरंगाबाद के साथ भेदभाव किया जा रहा है . जिलाध्यक्ष ने कहा कि भुगतान में हो रही देरी और कम प्रतिशत के कारण कई पैक्स आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं तथा डिफॉल्टर होने की स्थिति में पहुंच गए हैं. उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि औरंगाबाद जिले के साथ हो रहे इस भेदभावपूर्ण रवैये को समाप्त करने के लिए संबंधित विभाग को आवश्यक निर्देश दिए जाएं .
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