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पानी की तलाश में जंगल से भटककर गांव में पहुंचा हिरण

Updated at : 27 Apr 2025 6:49 PM (IST)
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पानी की तलाश में जंगल से भटककर गांव में पहुंचा हिरण

औरंगाबाद न्यूज : कुत्तों के झुंड से बचाकर ग्रामीणों ने वन विभाग की टीम को किया सुपूर्द, उपचार जारी

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औरंगाबाद न्यूज : कुत्तों के झुंड से बचाकर ग्रामीणों ने वन विभाग की टीम को किया सुपूर्द, उपचार जारी

प्रतिनिधि, औरंगाबाद/अंबा.

कुटुंबा प्रखंड क्षेत्र के संड़ा गांव में रविवार को एक हिरण पानी की तलाश में जंगल से भटक कर गांव पहुंच गया. ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग की टीम को दी. सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम वहां पहुंची और हिरण को अपने हाथ ले गये. ग्रामीणों ने जब अचानक हिरण को देखा, तो कुत्तों को भगाया तथा हिरण को पकड़ लिया. कुत्तों के हमले से हिरण बुरी तरह से जख्मी हो गया था. ग्रामीण गुड्डू कुमार ने बताया कि गांव से थोड़े ही दूरी पर जंगल है. वहां से भटक कर हिरण गांव में आ गया. इसके पहले ग्रामीणों ने इसकी जानकारी डायल 112 की टीम को देकर पुलिस को भी बुला लिया था. सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम उक्त गांव में पहुंची तथा हिरण को अपने कब्जे में ले लिया. थोड़ी ही देर में ग्रामीणों की सूचना वन विभाग की टीम गांव पहुंची तथा हिरण को पड़कर अपने साथ ले गयी. महाराजगंज वन प्रमंडल के आरएफओ अविनाश कुमार ने बताया कि हिरण को कुत्तों ने काट कर पूरी तरह से जख्मी कर दिया था. पशु चिकित्सक से इलाज कराया जा रहा है. इलाज के बाद उसे जहां पर हिरण का झुंड हैं, वहां तक सुरक्षित जंगल में छोड़ने का प्रयास किया जायेगा. उन्होंने बताया कि ग्रामीणों ने हिरण को पड़कने के बाद वह भागे नहीं, इस कारण उसका पैर बांध दिया था. वह काफी डरा हुआ है. स्थानीय लोगों की मानें, तो वन विभाग के अधिकारियों को चाहिए कि गांव में जहां-तहां चेक डैम बना कर पानी की व्यवस्था की जाये, ताकि जीव-जंतु जंगल में ही अपनी प्यास बुझा सके.

पानी की तलाश में आ रहे जानवर

बता दें कि इसके पूर्व में भी कई बार जंगली जानवर गर्मी के दिनों में पानी की तलाश में ग्रामीण इलाके में आ गये हैं. पिछले वर्ष ही एक लकड़बग्घा ग्रामीण इलाके में घुस गया था. ग्रामीणों की सूचना पर प्रबंधन विभाग की टीम ने जंगली जानवर को पकड़ने के लिए काफी मशक्कत भी की थी. इसके बावजूद भी लकड़बग्घा पकड़ में नहीं आया और नदी के रास्ते पुनः जंगली इलाके में लौट गया था.

क्या बताते हैं मौसम विशेषज्ञ सिरिस विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डॉ अनूप कुमार चौबे ने बताया कि प्रकृति ईश्वर की मनोरम सरंचना है. ऐसे में प्रकृति में सभी जीव जंतुओं का अपना अलग महत्व है. पर्यावरण में संतुलन कायम रखने के लिए वन प्राणी का होना नितांत आवश्यक है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SUJIT KUMAR

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By SUJIT KUMAR

SUJIT KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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