औरंगाबाद में जान जोखिम में डालकर रेलवे ट्रैक पार कर रहे छात्र-छात्राएं, फेसर स्टेशन पर नहीं थम रहा खतरनाक सिलसिला
रेलवे ट्रैक पार करती छात्राएं
Aurangabad News : औरंगाबाद के फेसर स्टेशन पर छात्र जान जोखिम में डालकर रेलवे ट्रैक पार कर रहे हैं. हादसों के बावजूद प्रशासन और लोग नहीं हो रहे सतर्क. जानें पूरी खबर.
Aurangabad News : गया-पंडित दीनदयाल उपाध्याय रेलखंड के फेसर स्टेशन पर रेलवे ट्रैक पार करने का खतरनाक सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. कोचिंग और पढ़ाई के लिए जाने वाले छात्र-छात्राएं अपनी जान जोखिम में डालकर रेलवे ट्रैक पार कर रहे हैं. रेलवे ट्रैक पार करती छात्राओं की तस्वीर सामने आने के बाद एक बार फिर यात्रियों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं.
कोचिंग जाने के लिए ट्रैक पार कर रहे छात्र-छात्राएं
स्थानीय लोगों के अनुसार, फेसर स्टेशन के आसपास रेलवे ट्रैक पार कर आवागमन करना वर्षों से आम बात बनी हुई है. रजवाड़ा, चेतन, महथा सहित आसपास के गांवों के ग्रामीण प्रतिदिन फेसर बाजार आने-जाने के लिए रेलवे ट्रैक का इस्तेमाल करते हैं. वहीं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं भी कोचिंग और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में जाने के लिए इसी खतरनाक रास्ते से होकर गुजरते हैं. सुरक्षित मार्ग के अभाव में लोग मजबूरी में रेलवे ट्रैक पार कर आवागमन कर रहे हैं.
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हादसों के बावजूद नहीं थम रही लापरवाही
स्थानीय लोगों का कहना है कि रेलवे ट्रैक पार करने के दौरान कई बार लोग हादसे का शिकार हो चुके हैं. ट्रेन की चपेट में आने से कई लोगों की जान भी जा चुकी है. इसके बावजूद लोगों में जागरूकता की कमी और सुरक्षित रास्ते के अभाव के कारण रेलवे ट्रैक पार करने का सिलसिला लगातार जारी है. लोगों का कहना है कि ट्रेन की आवाजाही के बीच ट्रैक पार करना बेहद खतरनाक है. खासकर बच्चों और छात्र-छात्राओं के लिए यह स्थिति गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है.
दूध बेचकर लौट रहे बुजुर्ग की हो चुकी है मौत
बीते दिनों चेतन गांव के एक बुजुर्ग की रेलवे ट्रैक पार करने के दौरान ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई थी. बताया गया कि वह फेसर बाजार में दूध बेचने के बाद प्रतिदिन की तरह अपने घर लौट रहे थे. इसी तरह पिछले दिनों रेलवे ट्रैक के रास्ते गम्हारी जाने के दौरान दो महिला शिक्षिकाओं की भी ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो चुकी है. इसके अलावा भी ट्रैक पार करने के दौरान कई लोगों के हादसे का शिकार होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं.
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सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था की मांग
लगातार हो रही घटनाओं के बावजूद रेलवे ट्रैक पार करने पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है. स्थानीय ग्रामीणों ने रेलवे और संबंधित प्रशासन से फेसर स्टेशन के आसपास सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था कराने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि स्टेशन के आसपास सुरक्षित रास्ते, फुट ओवरब्रिज या अन्य वैकल्पिक व्यवस्था की जाए, तो बच्चों समेत आम लोगों को जान जोखिम में डालकर रेलवे ट्रैक पार करने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
अभिभावकों से बच्चों को जागरूक करने की अपील
स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने भी बच्चों को रेलवे ट्रैक पार करने से रोकने और उन्हें सुरक्षित रास्ते से आने-जाने के लिए जागरूक करने की अपील की है. लोगों का कहना है कि प्रशासनिक व्यवस्था और जनजागरूकता के जरिए ही इस खतरनाक सिलसिले पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है.
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