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आरटीइ के नाम पर निजी विद्यालय संचालक का शोषण कर रहे अधिकारी

Updated at : 10 Jul 2025 7:07 PM (IST)
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आरटीइ के नाम पर निजी विद्यालय संचालक का शोषण कर रहे अधिकारी

नि:शुल्क नामांकन के लिए बनाया जा रहा दबाव समय पर अनुदान की राशि

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नि:शुल्क नामांकन के लिए बनाया जा रहा दबाव समय पर अनुदान की राशि

औरंगाबाद/अंबा. बिहार पब्लिक स्कूल एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन जिला इकाई औरंगाबाद की एक बैठक कृष्ण मेमोरियल हॉल में हुई. जिलाध्यक्ष अजय पांडेय की अध्यक्षता में आयोजित बैठक का संचालन संघ के सचिव रिंकू सिंह ने किया. बैठक में जिले के विभिन्न प्रखंडों के निजी विद्यालय संचालक एवं प्राचार्य शामिल हुए. इस क्रम विद्यालय संचालक से संबंधित विभिन्न बिंदु पर चर्चा की गयी. विद्यालय संचालकों ने कहा कि अधिकारियों के मनमानी के कारण सरकारी गाइडलाइन के अनुसार विद्यालय संचालन में कई तरह की कठिनाइयां सामने आ रही है. विद्यालय के प्रस्वीकृति एवं आरटीइ के तहत 25 प्रतिशत बच्चों को निःशुल्क शिक्षा दिये जाने के नाम पर विभाग के अधिकारियों द्वारा निजी विद्यालय संचालकों को शोषण किया जा रहा है. नये विद्यालय की प्रस्वीकृति एवं पहले से संचालित विद्यालयों की प्रस्वीकृति नवीनीकरण के लिए विभागीय कार्यालय द्वारा काफी परेशान किया जा जाता है. ऐसी स्थिति में बच्चों से अल्प फीस पर विद्यालय का संचालन करने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है. विद्यालय संचालकों ने कहा कि आरटीइ के तहत 25 प्रतिशत बच्चों का निःशुल्क दाखिले के दबाव बनाया जा रहा है, परन्तु अनुदान की राशि समय पर नहीं दी जाती है. इससे हम सभी को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है. निजी विद्यालयों को मान्यता, नवीनीकरण व अनुदान जैसी जरूरी प्रक्रियाओं में विभागीय अधिकारी द्वारा काफी विलंब की जाती है. निजी विद्यालयों में तकनीकी उन्नयन के लिए किसी तरह का सहयोग प्रदान नहीं किया जाता है, परंतु निजी विद्यालय के आर्थिक स्वतंत्रता में बार-बार हस्तक्षेप किया जाता है. इससे शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है. वही कई विद्यालय बंद होने के कगार पर हैं. निजी विद्यालय संघ के प्रतिनिधि शिक्षा सुधार में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं, परंतु निजी विद्यालय संघ के प्रतिनिधि को सरकारी बैठकों, संवाद व नीति-निर्धारण में उचित मान-सम्मान नहीं दिया जाता है.

विभिन्न मांगों से डीइओ को कराया जायेगा अवगत

बैठक के दौरान निजी विद्यालय संचालकों अपने विभिन्न मांगों उसे जिला शिक्षा पदाधिकारी को अवगत कराने का निर्णय लिया है. उनकी मांगों में आरटीई के तहत अनुदान की राशि अविलंब भुगतान किया जाना, निजी विद्यालयों को भी तकनीकी योजनाओं व प्रशिक्षण में भागीदार बनाया जाना, मान्यता एवं नवीनीकरण की प्रक्रिया सरल, ऑनलाइन व पारदर्शी बनाया जाना, एनआइओएस से 2017-19 के तहत निजी विद्यालय के शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाना, संघ के प्रतिनिधियों को उचित सम्मान दिया जाना आदि शामिल है. संचालकों ने कहा कि विभाग के अधिकारी यदि हमारी मांगों पर पहल नहीं करते हैं, तो हम सभी चरणबद्ध तरीके से आंदोलन कर विरोध जतायेंगे. बैठक में विजय कुमार कश्यप, दिलीप सिंह, दिलीप कुमार गुप्ता, नागेंद्र सिंह, धीरेंद्र दुबे, परवेज आलम, बलकेश प्रसाद, प्रकाश कुमार, श्याम नारायण कुमार, राकेश कुमार सिंह, अरविंद कुमार सिंह, नंदकिशोर सिंह, अखिलेश कुमार सिंह, निलेश कुमार सिंह, अभय कुमार समेत विभिन्न स्कूल संचालक शामिल थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SUJIT KUMAR

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By SUJIT KUMAR

SUJIT KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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