औरंगाबाद : मानसून की सुस्त चाल से खेती पर संकट, पानी के अभाव में धान रोपनी ठप

बारिश की कमी के कारण सूखा पड़ा खेत | Prabhat Khabar Network
Aurangabad Rainfall Deficit : मानसून की धीमी रफ्तार के कारण औरंगाबाद में धान की रोपाई पूरी तरह ठप हो गई है. पानी के अभाव में किसानों के बिचड़े भी खराब हो रहे हैं. जानिए कब से अच्छी बारिश की उम्मीद है.
Aurangabad Rainfall Deficit : प्रमुख खरीफ फसल धान की रोपाई करने का उपयुक्त समय धीरे-धीरे कर बीत रहा है. इधर कई दिनों से क्षेत्र में बारिश बिल्कुल नहीं हो रही है, जिसके कारण आहर-पोखर और नदी-नाले अभी तक पूरी तरह सूखे हैं. पानी के अभाव में खेतों में धूल उड़ रही है और जिले के दक्षिणी क्षेत्र में धान की रोपनी पूरी तरह प्रभावित हो चुकी है.
इधर, जिन किसानों ने अगात रोहिणी नक्षत्र में धान का बिचड़ा गिराया था, समय पर पानी न मिलने से अब उनका वह बिचड़ा भी खराब हो रहा है. हालांकि, कुछ साधन संपन्न किसान अपने निजी सबमर्सिबल मोटर के बदौलत किसी तरह धान की रोपनी शुरू कर दिए हैं.
मानसून की रफ्तार पड़ी धीमी
कृषि विशेषज्ञों की मानें तो औरंगाबाद सहित पूरे दक्षिणी बिहार में पिछले कुछ दिनों से मानसून की रफ्तार काफी धीमी पड़ गई है. पर्याप्त वर्षा नहीं होने से खरीफ फसलों, विशेषकर धान की रोपनी और खेतों की जरूरी नमी पर इसका बहुत बुरा असर पड़ने लगा है. आम किसान अब एक अच्छी और भारी बारिश की लगातार प्रतीक्षा कर रहे हैं, ताकि खेतों में कृषि के कार्यों में तेजी आ सके.
इसी बीच मौसम के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, दो-तीन दिनों के बाद औरंगाबाद सहित दक्षिण-पश्चिमी बिहार के कई जिलों में हल्की से लेकर मध्यम स्तर की वर्षा होने की अनुकूल संभावना बन रही है.
Aurangabad News : 15 से 17 जुलाई के बीच बारिश
कृषि मौसम वैज्ञानिक डॉ. अनूप कुमार चौबे ने बताया कि आगामी एक-दो दिनों तक इसी तरह की उमस भरी गर्मी का प्रकोप बना रहेगा. इसके बाद 15 से 17 जुलाई के बीच आसमान में मेघगर्जन के साथ हल्की से लेकर मध्यम बारिश होने की प्रबल संभावना जताई जा रही है. पुनः 18 जुलाई को मौसम पूरी तरह साफ हो जाएगा.
उन्होंने बदलते मौसम को देखते हुए बताया कि वर्तमान जलवायु परिवर्तन की अनिश्चितता को ध्यान में रखते हुए ही किसानों को अपनी खेती की योजना बनानी चाहिए.
सामान्य से काफी कम हुई वर्षा
अनुमंडल सांख्यिकी पदाधिकारी ब्रजेंद्र कुमार सिंह ने आंकड़ों की जानकारी देते हुए बताया कि जुलाई महीने में कुल 323.3 एमएम बारिश होनी चाहिए थी. इसके अनुपात में अब तक शुरुआती 13 दिनों में कम से कम 140.1 एमएम बारिश होना निर्धारित था, जबकि इसकी तुलना में औरंगाबाद में मात्र 67.8 एमएम बारिश ही दर्ज की गई है.
यह कुल आंकड़ा सामान्य वर्षा के अनुपात से काफी कम है, जिसके कारण जिले में सूखे जैसी स्थिति उत्पन्न हो रही है.
Also Read: औरंगाबाद: नक्सल प्रभावित इलाकों के विकास को मिलेगी रफ्तार, जल्द भेजे जाएंगे समग्र विकास के प्रस्ताव
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










