मध्यस्थता से होगा विवादों का त्वरित समाधान, 'राष्ट्र के लिए मध्यस्थता 3.0' अभियान पर हुई बैठक
बैठक में शामिल न्यायिक पदाधिकारी व अन्य
Aurangabad News : औरंगाबाद में मध्यस्थता 3.0 अभियान के तहत विवादों के त्वरित समाधान पर जोर. प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि मध्यस्थता से न्यायालयों का बोझ कम होता है और संबंध सुधरते हैं.
Aurangabad News : परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश सह मध्यस्थता निगरानी एवं पर्यवेक्षी समिति के अध्यक्ष अरुण कुमार के नेतृत्व में मध्यस्थता निगरानी एवं पर्यवेक्षी समिति की बैठक आयोजित की गई. बैठक में मध्यस्थता के माध्यम से विभिन्न प्रकार के वादों के त्वरित और प्रभावी निस्तारण को लेकर विस्तार से चर्चा की गई. बैठक में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश नवम सह पर्यवेक्षी समिति के संयोजक पंकज पांडेय, लोक अभियोजक अजय कुमार, सरकारी अधिवक्ता बृजा सिंह, विधि संघ के अध्यक्ष विजय कुमार पांडेय, अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष संजय कुमार सिंह तथा प्रशिक्षित मध्यस्थ एवं मध्यस्थता समन्वयक सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव तान्या पटेल उपस्थित रहीं.
लंबित मामलों का बोझ कम करने में मध्यस्थता की अहम भूमिका
प्रधान न्यायाधीश अरुण कुमार ने कहा कि वादों के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण में मध्यस्थता की महत्वपूर्ण भूमिका है. वर्तमान परिस्थितियों में मध्यस्थता समय की आवश्यकता बन गई है. उन्होंने कहा कि मध्यस्थता के माध्यम से विवादों का समाधान होने से न केवल न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ कम होता है, बल्कि पक्षकारों के बीच आपसी संबंध भी बेहतर बने रहते हैं. स्वच्छ समाज और स्वस्थ पारिवारिक वातावरण के निर्माण में भी मध्यस्थता का महत्वपूर्ण स्थान है.
'राष्ट्र के लिए मध्यस्थता 3.0' के तहत चलेगा विशेष अभियान
प्रधान न्यायाधीश ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार 'राष्ट्र के लिए मध्यस्थता 3.0' के तहत राष्ट्रव्यापी विशेष मध्यस्थता अभियान चलाया जा रहा है. इस अभियान के अंतर्गत विभिन्न प्रकार के मामलों का मध्यस्थता के माध्यम से प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाएगा. अभियान के तहत वैवाहिक विवाद, दुर्घटना दावा, घरेलू हिंसा, चेक बाउंस, वाणिज्यिक विवाद, सेवा संबंधी मामले, समझौता योग्य आपराधिक मामले, उपभोक्ता विवाद, ऋण वसूली, विभाजन, बेदखली, भूमि अधिग्रहण तथा अन्य उपयुक्त सिविल मामलों के समाधान पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.
Also Read : नवादा में स्वतंत्रता दिवस समारोह को लेकर हरिश्चंद्र स्टेडियम में परेड का अंतिम पूर्वाभ्यास
औरंगाबाद व दाउदनगर न्यायालयों में चिन्हित मामलों का होगा निस्तारण
उन्होंने बताया कि बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देश पर राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा मध्यस्थता एवं सुलह परियोजना समिति और सर्वोच्च न्यायालय के सहयोग से इस विशेष अभियान की शुरुआत की गई है. इसके तहत व्यवहार न्यायालय, औरंगाबाद तथा अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय, दाउदनगर में चिन्हित ऐसे मामलों का मध्यस्थता के माध्यम से निस्तारण किया जाएगा, जिनमें दोनों पक्षकार इस प्रक्रिया के लिए सहमत होंगे.
वाद दायर करने से पहले भी उपलब्ध है मध्यस्थता की सुविधा
प्रधान न्यायाधीश अरुण कुमार ने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में मध्यस्थता की प्रक्रिया का लाभ उठाने की अपील की. उन्होंने कहा कि केवल न्यायालय में लंबित मामलों के लिए ही नहीं, बल्कि वाद दायर करने से पहले भी कई स्तरों पर मध्यस्थता की व्यवस्था उपलब्ध है. उन्होंने कहा कि आवश्यकता इस बात की है कि अधिक से अधिक लोगों को मध्यस्थता की प्रक्रिया और इसके लाभों के प्रति जागरूक किया जाए. इसके लिए विभिन्न स्तरों पर लगातार पहल की जा रही है.
अभियान को सफल बनाने के लिए होगा व्यापक प्रचार-प्रसार
मध्यस्थता समन्वयक सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव तान्या पटेल ने बताया कि 'राष्ट्र के लिए मध्यस्थता 3.0' विशेष अभियान को सफल बनाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा. उन्होंने कहा कि अभियान के लिए सभी संबंधित स्तरों से सहयोग लिया जाएगा और लोगों को मध्यस्थता की प्रक्रिया तथा इसके लाभों की जानकारी दी जाएगी. बैठक में प्रशिक्षित मध्यस्थ अनंतदेव नारायण सिंह और अरुण तिवारी सहित अन्य लोग भी उपस्थित थे.
Also Read : नवादा के एरूरी पंचायत में बायोगैस संयंत्र और अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई का डीडीसी ने किया निरीक्षण
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए









