पटना मेन कैनाल में युवक डूबा, एसडीआरएफ की टीम ने शुरू की तलाश
घटनास्थल पर लगी भीड़ एवं पहुंची एसडीआरएफ के टीम
Aurangabad News : दाउदनगर के मौलाबाग नहर में 22 वर्षीय युवक धीरज कुमार डूब गया। एसडीआरएफ की टीम तलाश में जुटी है. घटनास्थल पर पहले भी हो चुकी हैं ऐसी दर्दनाक घटनाएं.
Aurangabad News : दाउदनगर शहर के मौलाबाग नहर पुल के पास पटना मेन कैनाल नहर में गुरुवार की रात एक 22 वर्षीय युवक डूब गया. घटना के बाद से संवाद भेजे जाने तक युवक का कोई सुराग नहीं मिल पाया है. स्थानीय गोताखोरों की मदद से काफी देर तक उसकी तलाश की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली. इसके बाद युवक की तलाश के लिए एसडीआरएफ की टीम को बुलाया गया. संवाद भेजे जाने तक एसडीआरएफ की टीम नहर में युवक की तलाश कर रही थी. नहर में डूबे युवक की पहचान मौलाबाग नहर पुल के पास रहने वाले 22 वर्षीय धीरज कुमार के रूप में हुई है. वह मूल रूप से गया जी जिले के मानिकपुर का रहने वाला था और वर्तमान में दाउदनगर नगर परिषद क्षेत्र में एक सफाई एजेंसी के माध्यम से सफाईकर्मी के रूप में कार्यरत था. बताया जाता है कि गुरुवार की रात करीब 10 बजे धीरज शौच के लिए नहर की ओर गया था. इसी दौरान अचानक उसका पैर फिसल गया और वह नहर के गहरे पानी में चला गया. घटना की जानकारी मिलते ही रात में पुलिस को सूचना दी गई.
पुलिस और स्थानीय गोताखोरों ने की तलाश, एसडीआरएफ को बुलाया गया
शुक्रवार की सुबह पुलिस टीम भी घटनास्थल पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से युवक की तलाश शुरू कराई. काफी प्रयास के बाद भी उसका पता नहीं चलने पर एसडीआरएफ की टीम को बुलाया गया. संवाद भेजे जाने तक एसडीआरएफ की टीम नहर में युवक की तलाश में जुटी हुई थी.
परिजनों ने सड़क जाम कर किया प्रदर्शन
घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजनों में आक्रोश फैल गया. आक्रोशित परिजनों ने मौलाबाग नहर पुल के पास कुछ देर के लिए सड़क जाम कर टायर जलाकर प्रदर्शन किया. हालांकि, कुछ ही देर बाद जाम समाप्त कर दिया गया. अपर थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार दलबल के साथ घटनास्थल पर मौजूद रहे और स्थिति पर नजर बनाए रखी.
पहले भी हो चुकी है डूबने से मौत
मौलाबाग नहर पुल के पास जिस स्थान पर यह घटना हुई है, वहां करीब डेढ़ से दो माह पहले भी नहर में नहाने के दौरान एक आठ वर्षीय बच्ची की डूबने से मौत हो चुकी है. इसके बावजूद नहर के किनारे सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने से स्थानीय लोगों में चिंता बनी हुई है.
नहर किनारे बनी झोपड़ियों से बढ़ा हादसे का खतरा
दरअसल, मौलाबाग नहर पुल से बम रोड की ओर जाने वाले नहर पथ के किनारे दर्जनों गरीब और भूमिहीन परिवार झोपड़ियां बनाकर रहते हैं. इनमें बड़ी संख्या में ऐसे लोग शामिल हैं, जो बाहर से आकर नगर परिषद में सफाई एजेंसी के माध्यम से सफाई कार्य करते हैं. इनकी झोपड़ियां नहर के बिल्कुल किनारे बनी हुई हैं. नहर के गहरे पानी और झोपड़ियों की नहर से बेहद कम दूरी के कारण यहां हमेशा हादसे की आशंका बनी रहती है. स्थानीय लोगों ने नहर किनारे रहने वाले परिवारों की सुरक्षा के लिए आवश्यक इंतजाम कराने और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है.
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