लीज की जमीन पर खेती कर कमा रहे बेहतर मुनाफा
ब्रजेश कुमार द्विवेदी, ओबरागेंदे की खुशबू से ओबरा के महथू निवासी गुड्डू मालाकार का घर महक रहा है. वे पिछले 22 सालों से गेंदा फूल की खेती कर रहे है और बेहतर मुनाफा कमा रहे है. गेंदा फूल की खेती की बदौलत गुड्डू अपने घर परिवार की देखरेख के साथ बच्चों की शिक्षा का जिम्मा भी उठा रहे है. खुद की जमीन न होने के बावजूद गुड्डू ने लीज पर एक बीघा भूमि लेकर गेंदा की खेती कर मिसाल कायम कर रहे है. आज वे दूसरे किसानों के लिए भी नजीर बन चुके है. औरंगाबाद, डिहरी व अन्य जगहों पर फूल का व्यवसाय कर रहे हैं, जिससे अच्छी कमाई हो रही है. गरीबी में भी उम्मीद का बीज बोने वाले गुड्डू वर्ष 2003 से गेंदा फूल की खेती कर रहे है. उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल के सीतातला के भंगर से फूल का बीज लाकर खेती कर रहे हैं. एक बीघे में मात्र 20 हजार की लागत से खेती की, जिससे प्रत्येक वर्ष लगभग 70 हजार से अधिक का मुनाफा होता है. औरंगाबाद, डिहरी और आसपास के बाजारों में उनके फूलों की मांग खूब होती है. ओबरा प्रखंड में यही एकमात्र किसान हैं जो अपनी मेहनत की बदौलत गेंदा फूल की खेती कर हैं तथा परिवार के लालन-पालन के साथ बच्चों की पढ़ाई से लेकर जीवन यापन कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि अच्छी तरह मेहनत करने के बाद बेहतर मुनाफा किया जा सकता है.
सरकारी मदद नहीं मिलने से निराशा
किसान गुड्डू ने बताया कि पिछले कई सालों से गेंदा फूल की खेती कर रहे है, लेकिन सरकारी स्तर से मदद नहीं मिल सकी है. सरकार द्वारा अभी तक किसी तरह की कोई प्रोत्साहन राशि प्राप्त नहीं हुई है. इसके कारण हमारे जैसे किसानों का मनोबल टूट जाता है. उन्होंने बताया कि यदि सरकार द्वारा प्रोत्साहित किया जाये और प्रशासनिक स्तर से मदद उपलब्ध करायी जाये, तो अन्य किसान भी फूलों की खेती करने के लिए प्रेरित होंगे और बेहतर कमाई भी कर सकेंगे. उन्होंने जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए मदद दिलाने की मांग की है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

