औरंगाबाद में सीबीएसई के कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम में शिक्षकों ने सीखे आधुनिक शिक्षण के गुर
प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन करते रिसोर्स पर्सन
Aurangabad News : अंबा के संत जोसेफ पब्लिक स्कूल में सीबीएसई द्वारा शिक्षकों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित, आधुनिक शिक्षण पद्धति और एआई पर दी गई जानकारी.
Aurangabad News : प्रखंड के सोनबरसा स्थित संत जोसेफ पब्लिक स्कूल में सीबीएसई के दिशा-निर्देशों के तहत रविवार को एक दिवसीय कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम का आयोजन किया गया. प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण पद्धति, हैप्पी क्लासरूम की अवधारणा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के शैक्षणिक उपयोग से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं. कार्यक्रम का उद्घाटन विद्यालय के प्राचार्य विनय कुमार, उपप्राचार्य चक्रपाणि मिश्रा, रिसोर्स पर्सन सदानंद बारी, दीपक कुमार सिंह एवं विकास कुमार ने संयुक्त रूप से किया. स्वागत भाषण में प्राचार्य विनय कुमार ने अतिथियों एवं शिक्षकों का अभिनंदन करते हुए कहा कि शिक्षकों का नियमित प्रशिक्षण गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की आधारशिला है. सीबीएसई की यह पहल शिक्षकों की दक्षता बढ़ाने के साथ शिक्षण प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने में सहायक साबित हो रही है.
सरस्वती वंदना और सांस्कृतिक कार्यक्रम से हुई शुरुआत
प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के शिक्षक जयकिशन एवं विष्णु कुमार के नेतृत्व में छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुई. इसके बाद छात्राओं ने स्वागत गीत और मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया. उनकी आकर्षक प्रस्तुतियों ने पूरे कार्यक्रम को जीवंत बना दिया, जिसकी सभी प्रतिभागियों ने सराहना की.
हैप्पी क्लासरूम से बढ़ती है बच्चों की सीखने की क्षमता
प्रशिक्षण के दौरान रिसोर्स पर्सनों ने कहा कि बच्चों के समग्र विकास के लिए विद्यालय में सकारात्मक और आनंददायक वातावरण आवश्यक है. हैप्पी क्लासरूम की अवधारणा पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि जब कक्षा का माहौल खुशनुमा होता है तो छात्र पढ़ाई के प्रति अधिक रुचि लेते हैं और उनकी सीखने की क्षमता भी बढ़ती है. शिक्षकों को विद्यार्थियों पर अपनी बात थोपने के बजाय संवादात्मक और सहभागितापूर्ण शिक्षण पद्धति अपनाने की सलाह दी गई. रिसोर्स पर्सनों ने कहा कि कक्षा में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी से सीखने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी और सहज बनती है.
शिक्षा में एआई के उपयोग पर दी गई जानकारी
प्रशिक्षण के दौरान मुख्य रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के शैक्षणिक उपयोग पर चर्चा की गई. रिसोर्स पर्सन ने कहा कि एआई का संतुलित और जिम्मेदार उपयोग शिक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाएं खोल रहा है. पाठ योजना तैयार करने, अध्ययन सामग्री विकसित करने और विद्यार्थियों की सीखने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने में यह तकनीक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है. प्रतिभागी शिक्षकों ने भी एआई के उपयोग से शैक्षणिक गतिविधियों में होने वाली सुविधाओं और नवाचारों को लेकर अपने विचार साझा किए. प्रशिक्षण के माध्यम से शिक्षकों को तकनीक के व्यावहारिक एवं जिम्मेदार उपयोग की जानकारी दी गई.
करीब 60 शिक्षकों ने लिया प्रशिक्षण में हिस्सा
विद्यालय के अध्यक्ष दिलीप कुमार गुप्ता और कार्यकारी निदेशक अनूप कुमार ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में विद्यालय के करीब 60 शिक्षकों ने भाग लिया. उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों को नवीन शैक्षणिक तकनीकों से परिचित कराने के साथ उनकी पेशेवर दक्षता को भी मजबूत करते हैं.
इन शिक्षकों ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने में दिलीप कुमार पाठक, नौशाद आलम, पुष्कर देव, सत्य प्रकाश मिश्रा, धीरज कुमार, अनिल कुमार सिंह, अनुसूची मिश्रा, डॉ. वीणा वर्मा, हलीमा खातून, दुर्गा सिंह, सोनी कुमारी सहित अन्य शिक्षकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
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