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बिहार सरकार के डोमिसाइल नीति से मेधावी छात्र-छात्राओं को लगेगा झटका : अजीत

Updated at : 20 Aug 2025 5:31 PM (IST)
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बिहार सरकार के डोमिसाइल नीति से मेधावी छात्र-छात्राओं को लगेगा झटका : अजीत

बिहार राज्य बीपीएससी प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अजीत कुमार ने बिहार सरकार द्वारा बिहार डोमिसाइल नीति लागू किये जाने के प्रावधान पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा

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ओबरा. बिहार राज्य बीपीएससी प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अजीत कुमार ने बिहार सरकार द्वारा बिहार डोमिसाइल नीति लागू किये जाने के प्रावधान पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा है कि बिहार के ही किसी शैक्षणिक संस्थान या बोर्ड से अगर आप मैट्रिक व इंटर उत्तीर्ण हैं, तो बिहार शिक्षक नियुक्ति में विशेष रूप से दिसे जाने वाले 40 प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिया जायेगा, और अगर बिहार के मूल निवासी होते हुए भी आप बिहार से बाहर किसी अन्य राज्य से मैट्रिक व इंटर की शैक्षणिक योग्यता प्राप्त करते हैं, तो शिक्षक नियुक्ति भर्ती में विशेष आरक्षण 40 प्रतिशत की सुविधा से आप वंचित रहेंगे. अगर कोई माता-पिता व अभिभावक देश के किसी दूसरे राज्य में नौकरी व्यवसाय करते हैं और उनके बच्चे वहीं से शैक्षणिक योग्यता मैट्रिक व इंटर आदि की डिग्री प्राप्त करते हैं तो क्या वे छात्र-छात्रा बिहार के मूल निवासी नहीं माने जायेंगे, वहीं स्वास्थ्य विभाग में दंत चिकित्सक व एमबीबीएस डॉक्टरों की बिहार तकनीकी सेवा आयोग द्वारा जो परीक्षा आयोजित की गयी है उसमें भी यह प्रावधान रखा गया है कि बिहार के मूल निवासी छात्र व छात्रा अगर बिहार के ही किसी सरकारी व निजी डेंटल कॉलेज से बीडीएस व एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त करते हैं, तो उन्हें नौकरी में 50 प्रतिशत की विशेष आरक्षण सुविधा दी जायेगी. बिहार के मूल निवासी अगर बिहार से बाहर देश के किसी अन्य राज्य से अगर बीडीएस-डेंटल सर्जन व एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त किये हैं, तो उन्हें बिहार में मिलने वाली 50 प्रतिशत नौकरी के लिए आरक्षण की विशेष सुविधा से वंचित रखा गया है, यह किसी भी दृष्टिकोण से न्याय संगत नहीं कहा जा सकता क्योंकि कोई भी मेधावी छात्र व छात्रा अगर नीट जैसे कठिन मेडिकल प्रतियोगिता परीक्षा में 720 अंकों में 650-700 अंक लाकर देश के किसी भी राज्य से बीडीएस व एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त करता है तो क्या वैसे मेघावी छात्र व छात्रा गुनाहगार हो गये. दिल्ली जैसे एम्स से एमबीबीएस करने वाले छात्र व छात्राएं को भी यह कहकर बिहार में 50 प्रतिशत की विशेष आरक्षण की सुविधा मिलने के रास्ते बंद कर दिये गये हैं कि आप बिहार के मूल निवासी हैं लेकिन आपका बीडीएस व एमबीबीएस की डिग्री बिहार से बाहर देश के किसी अन्य राज्य से है, यह कहीं से भी तर्कसंगत भी नहीं कहा जा सकता. इस पर बिहार सरकार को तत्काल निर्णय लेने की आवश्यकता है ताकि बिहार के मूल निवासी छात्र व छात्राएं देश के किसी भी राज्य से अगर अपना शैक्षणिक डिग्री प्राप्त करते हैं, तो उन्हें बिहार में मिलने वाले आरक्षण की सारी विशेष सुविधा का प्रावधान किया जाना चाहिए.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SUJIT KUMAR

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